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  • क्या प्राचीन भारत में सच में छुआछूत और जातिगत शोषण था.? या फिर यह झूठ हमें बार-बार पढ़ाया गया.?😡

    हज़ारों साल पुराने इतिहास से खुद जवाब ढूंढते हैं।🚩

    📜 वैदिक और प्राचीन भारत

    🔹सम्राट शांतनु ने मछुआरे की पुत्री सत्यवती से विवाह किया। उनके पुत्र के लिए भीष्म ने आजीवन ब्रह्मचर्य की प्रतिज्ञा ली, क्या यह शोषण था या त्याग.?
    🔹महाभारत के रचयिता वेदव्यास मछुआरे कुल से थे, फिर भी महर्षि बने, गुरुकुल चलाया।
    🔹विदुर, दासी पुत्र होकर भी हस्तिनापुर के महामंत्री बने, विदुर नीति आज भी राजनीति का महाग्रंथ है।
    🔹भीम ने वनवासी हिडिम्बा से विवाह किया।
    🔹श्रीकृष्ण ग्वाल परिवार में जन्मे,
    🔹बलराम हल धारण करने वाले कृषक थे। फिर भी श्रीकृष्ण पूरे विश्व के पूजनीय बने और गीता दी।
    🔹राम के मित्र निषादराज उनके साथ गुरुकुल में पढ़े।
    🔹लव-कुश ने शिक्षा पाई वनवासी महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में।

    साफ़ है- शिक्षा, सम्मान और पद योग्यता से मिलते थे, जन्म से नहीं। वर्ण काम के आधार पर थे आज की भाषा में Division of Labour।


    😡असल गंदगी कब शुरू हुई.?

    🔻 मुगल काल में- पर्दा, गुलामी, बाल विवाह।
    🔻 अंग्रेज़ी शासन (1800–1947) में- “Divide & Rule” और जाति की सख़्त दीवारें।

    😡अंग्रेज अधिकारी Nicholas Dirks की किताब “Castes of Mind” बताती है, कैसे अंग्रेजों ने जातिवाद को मजबूत किया और कैसे कुछ स्वार्थी नेताओं ने उसे राजनीति बना दिया।

    🌍मेगास्थनीज, फाहियान, ह्वेनसांग, अलबरूनी- किसी भी विदेशी यात्री ने नहीं लिखा कि भारत में जातिगत शोषण था।

    निष्कर्ष👉 प्राचीन भारत = योग्यता, कर्म और समरसता। जातिवाद = औपनिवेशिक साजिश + आधुनिक राजनीति
    अगर इतिहास सच में जानना है, तो किताबें पढ़िए न कि प्रोपेगेंडा।

    ✊सच कड़वा हो सकता है लेकिन इतिहास झूठ नहीं बोलता।
    #भारत_का_इतिहास #प्राचीन_भारत #सत्य_इतिहास #CasteMyth #DivideAndRule #सनातन #IndianHistory
    क्या प्राचीन भारत में सच में छुआछूत और जातिगत शोषण था.? या फिर यह झूठ हमें बार-बार पढ़ाया गया.?😡 हज़ारों साल पुराने इतिहास से खुद जवाब ढूंढते हैं।🚩 📜 वैदिक और प्राचीन भारत 🔹सम्राट शांतनु ने मछुआरे की पुत्री सत्यवती से विवाह किया। उनके पुत्र के लिए भीष्म ने आजीवन ब्रह्मचर्य की प्रतिज्ञा ली, क्या यह शोषण था या त्याग.? 🔹महाभारत के रचयिता वेदव्यास मछुआरे कुल से थे, फिर भी महर्षि बने, गुरुकुल चलाया। 🔹विदुर, दासी पुत्र होकर भी हस्तिनापुर के महामंत्री बने, विदुर नीति आज भी राजनीति का महाग्रंथ है। 🔹भीम ने वनवासी हिडिम्बा से विवाह किया। 🔹श्रीकृष्ण ग्वाल परिवार में जन्मे, 🔹बलराम हल धारण करने वाले कृषक थे। फिर भी श्रीकृष्ण पूरे विश्व के पूजनीय बने और गीता दी। 🔹राम के मित्र निषादराज उनके साथ गुरुकुल में पढ़े। 🔹लव-कुश ने शिक्षा पाई वनवासी महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में। साफ़ है- शिक्षा, सम्मान और पद योग्यता से मिलते थे, जन्म से नहीं। वर्ण काम के आधार पर थे आज की भाषा में Division of Labour। 😡असल गंदगी कब शुरू हुई.? 🔻 मुगल काल में- पर्दा, गुलामी, बाल विवाह। 🔻 अंग्रेज़ी शासन (1800–1947) में- “Divide & Rule” और जाति की सख़्त दीवारें। 😡अंग्रेज अधिकारी Nicholas Dirks की किताब “Castes of Mind” बताती है, कैसे अंग्रेजों ने जातिवाद को मजबूत किया और कैसे कुछ स्वार्थी नेताओं ने उसे राजनीति बना दिया। 🌍मेगास्थनीज, फाहियान, ह्वेनसांग, अलबरूनी- किसी भी विदेशी यात्री ने नहीं लिखा कि भारत में जातिगत शोषण था। निष्कर्ष👉 प्राचीन भारत = योग्यता, कर्म और समरसता। जातिवाद = औपनिवेशिक साजिश + आधुनिक राजनीति अगर इतिहास सच में जानना है, तो किताबें पढ़िए न कि प्रोपेगेंडा। ✊सच कड़वा हो सकता है लेकिन इतिहास झूठ नहीं बोलता। #भारत_का_इतिहास #प्राचीन_भारत #सत्य_इतिहास #CasteMyth #DivideAndRule #सनातन #IndianHistory
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  • क्या प्राचीन भारत में सच में छुआछूत और जातिगत शोषण था.? या फिर यह झूठ हमें बार-बार पढ़ाया गया.?😡

    हज़ारों साल पुराने इतिहास से खुद जवाब ढूंढते हैं।🚩

    📜 वैदिक और प्राचीन भारत

    🔹सम्राट शांतनु ने मछुआरे की पुत्री सत्यवती से विवाह किया। उनके पुत्र के लिए भीष्म ने आजीवन ब्रह्मचर्य की प्रतिज्ञा ली, क्या यह शोषण था या त्याग.?
    🔹महाभारत के रचयिता वेदव्यास मछुआरे कुल से थे, फिर भी महर्षि बने, गुरुकुल चलाया।
    🔹विदुर, दासी पुत्र होकर भी हस्तिनापुर के महामंत्री बने, विदुर नीति आज भी राजनीति का महाग्रंथ है।
    🔹भीम ने वनवासी हिडिम्बा से विवाह किया।
    🔹श्रीकृष्ण ग्वाल परिवार में जन्मे,
    🔹बलराम हल धारण करने वाले कृषक थे। फिर भी श्रीकृष्ण पूरे विश्व के पूजनीय बने और गीता दी।
    🔹राम के मित्र निषादराज उनके साथ गुरुकुल में पढ़े।
    🔹लव-कुश ने शिक्षा पाई वनवासी महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में।

    साफ़ है- शिक्षा, सम्मान और पद योग्यता से मिलते थे, जन्म से नहीं। वर्ण काम के आधार पर थे आज की भाषा में Division of Labour।


    😡असल गंदगी कब शुरू हुई.?

    🔻 मुगल काल में- पर्दा, गुलामी, बाल विवाह।
    🔻 अंग्रेज़ी शासन (1800–1947) में- “Divide & Rule” और जाति की सख़्त दीवारें।

    😡अंग्रेज अधिकारी Nicholas Dirks की किताब “Castes of Mind” बताती है, कैसे अंग्रेजों ने जातिवाद को मजबूत किया और कैसे कुछ स्वार्थी नेताओं ने उसे राजनीति बना दिया।

    🌍मेगास्थनीज, फाहियान, ह्वेनसांग, अलबरूनी- किसी भी विदेशी यात्री ने नहीं लिखा कि भारत में जातिगत शोषण था।

    निष्कर्ष👉 प्राचीन भारत = योग्यता, कर्म और समरसता। जातिवाद = औपनिवेशिक साजिश + आधुनिक राजनीति
    अगर इतिहास सच में जानना है, तो किताबें पढ़िए न कि प्रोपेगेंडा।

    ✊सच कड़वा हो सकता है लेकिन इतिहास झूठ नहीं बोलता।
    #भारत_का_इतिहास #प्राचीन_भारत #सत्य_इतिहास #CasteMyth #DivideAndRule #सनातन #IndianHistory
    क्या प्राचीन भारत में सच में छुआछूत और जातिगत शोषण था.? या फिर यह झूठ हमें बार-बार पढ़ाया गया.?😡 हज़ारों साल पुराने इतिहास से खुद जवाब ढूंढते हैं।🚩 📜 वैदिक और प्राचीन भारत 🔹सम्राट शांतनु ने मछुआरे की पुत्री सत्यवती से विवाह किया। उनके पुत्र के लिए भीष्म ने आजीवन ब्रह्मचर्य की प्रतिज्ञा ली, क्या यह शोषण था या त्याग.? 🔹महाभारत के रचयिता वेदव्यास मछुआरे कुल से थे, फिर भी महर्षि बने, गुरुकुल चलाया। 🔹विदुर, दासी पुत्र होकर भी हस्तिनापुर के महामंत्री बने, विदुर नीति आज भी राजनीति का महाग्रंथ है। 🔹भीम ने वनवासी हिडिम्बा से विवाह किया। 🔹श्रीकृष्ण ग्वाल परिवार में जन्मे, 🔹बलराम हल धारण करने वाले कृषक थे। फिर भी श्रीकृष्ण पूरे विश्व के पूजनीय बने और गीता दी। 🔹राम के मित्र निषादराज उनके साथ गुरुकुल में पढ़े। 🔹लव-कुश ने शिक्षा पाई वनवासी महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में। साफ़ है- शिक्षा, सम्मान और पद योग्यता से मिलते थे, जन्म से नहीं। वर्ण काम के आधार पर थे आज की भाषा में Division of Labour। 😡असल गंदगी कब शुरू हुई.? 🔻 मुगल काल में- पर्दा, गुलामी, बाल विवाह। 🔻 अंग्रेज़ी शासन (1800–1947) में- “Divide & Rule” और जाति की सख़्त दीवारें। 😡अंग्रेज अधिकारी Nicholas Dirks की किताब “Castes of Mind” बताती है, कैसे अंग्रेजों ने जातिवाद को मजबूत किया और कैसे कुछ स्वार्थी नेताओं ने उसे राजनीति बना दिया। 🌍मेगास्थनीज, फाहियान, ह्वेनसांग, अलबरूनी- किसी भी विदेशी यात्री ने नहीं लिखा कि भारत में जातिगत शोषण था। निष्कर्ष👉 प्राचीन भारत = योग्यता, कर्म और समरसता। जातिवाद = औपनिवेशिक साजिश + आधुनिक राजनीति अगर इतिहास सच में जानना है, तो किताबें पढ़िए न कि प्रोपेगेंडा। ✊सच कड़वा हो सकता है लेकिन इतिहास झूठ नहीं बोलता। #भारत_का_इतिहास #प्राचीन_भारत #सत्य_इतिहास #CasteMyth #DivideAndRule #सनातन #IndianHistory
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  • 🇮🇳❤️*77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! 🇮🇳*

    *आज ही के दिन हमारा संविधान लागू हुआ, जो हर नागरिक को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा की गारंटी देता है। यह हमारे अधिकारों का रक्षा कवच है।*

    *सभी स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान निर्माताओं और देश के वीरों को नमन*। ❤️

    *आइए, हम सब मिलकर अपने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और विकसित भारत बनाने का संकल्प लें।*

    *जय हिन्द!🇮🇳*
    🇮🇳❤️*77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! 🇮🇳* *आज ही के दिन हमारा संविधान लागू हुआ, जो हर नागरिक को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा की गारंटी देता है। यह हमारे अधिकारों का रक्षा कवच है।* *सभी स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान निर्माताओं और देश के वीरों को नमन*। ❤️ *आइए, हम सब मिलकर अपने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और विकसित भारत बनाने का संकल्प लें।* *जय हिन्द!🇮🇳*
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  • भारत सरकार के हर प्रयास में कदम ताल के साथ वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल की सशक्त परिकल्पना आज सफलता के सिखर पर पहुँच चुकी है | भारत की शक्ति भारत की सामर्थ्य से हर भारतीय भली भांति समझने लगा है और प्रत्येक हिंदुस्तानी अब कुछ नया करने कुछ बड़ा करने की सोच बना चुका है |

    हर भारतीय की यही बुलंद हिंदुस्तानी आवाज, जोश और जुनून 26 जनवरी 2026 को माननीय प्रधानमंत्री जी के शब्दों में लाल किले की प्राचीर से जब दूर तलक जाती है तो ग्लोबल महाशक्तियां नतमस्तक होकर भारत के सम्मान में साथ खड़ी दिखाई देती है |

    भारत की मिट्टी में वो खुशबू है, भारतियों की वो पवित्र सोच है जो वसुधैव कुटुंबकम की भावना को विकसित करती है | हम सब हिन्दुस्तानियों की सोच समूचे विश्व में हमें सबसे अलग पहचान दिलाती है |

    भारतीय होने पर हम गर्व करते है, सीना चौड़ा हो जाता है क्यूँकि भारत का संबिधान ही ऐसा है जो एक ओर हम सबका सम्मान बढ़ाता है वहीं दूसरी ओर जम सब एक धर्मग्रन्थ की तरह सम्मान देते है | यही बजह है कि तिरंगे की शान हमारी जान है, संबिधान हमारी आत्मा और भारत हमारी भक्ति भावना जो हमें विश्वगुरु जैसा उच्चतम सम्मान दिलाती है |

    अखंड भारत के 77 वे गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें |

    टॉकफीवर जो एक स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफार्म है, पर अपने विचार और गणतंत्र दिवस की पोस्ट करें और १ करोड़ से अधिक ग्लोबल कम्युनिटी के साथ साझा करें | ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि हर भारतीय का प्लेटफार्म बन सके |

    बड़ी सूचना- टॉकफीवर पर क्रिएटर्स ग्रोथ पार्टनरशिप अवार्ड 2026 का शानदार कम्पटीशन शुरू हो चुका है. जो क्रिएटर्स के क्रिएटिव पोस्ट, सोशल नेटवर्क ग्रोथ और ग्रोथ मार्केटिंग की क्षमता के आधार पर रैंकिंग सिस्टम है |

    टॉप 1000 क्रिएटर्स को आगामी टॉकफीवर की क्रिएटर्स समिट में शानदार पुरुष्कार का अवसर है |

    हमारा उद्देश्य - जुड़ेगा भारत, बढ़ेगा भारत और जीतेगा भारत
    आपका उद्देश्य भी यही है तो आओ मिलकर वैश्विक यात्रा शुरू करते हैं |
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    भारत सरकार के हर प्रयास में कदम ताल के साथ वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल की सशक्त परिकल्पना आज सफलता के सिखर पर पहुँच चुकी है | भारत की शक्ति भारत की सामर्थ्य से हर भारतीय भली भांति समझने लगा है और प्रत्येक हिंदुस्तानी अब कुछ नया करने कुछ बड़ा करने की सोच बना चुका है | हर भारतीय की यही बुलंद हिंदुस्तानी आवाज, जोश और जुनून 26 जनवरी 2026 को माननीय प्रधानमंत्री जी के शब्दों में लाल किले की प्राचीर से जब दूर तलक जाती है तो ग्लोबल महाशक्तियां नतमस्तक होकर भारत के सम्मान में साथ खड़ी दिखाई देती है | भारत की मिट्टी में वो खुशबू है, भारतियों की वो पवित्र सोच है जो वसुधैव कुटुंबकम की भावना को विकसित करती है | हम सब हिन्दुस्तानियों की सोच समूचे विश्व में हमें सबसे अलग पहचान दिलाती है | भारतीय होने पर हम गर्व करते है, सीना चौड़ा हो जाता है क्यूँकि भारत का संबिधान ही ऐसा है जो एक ओर हम सबका सम्मान बढ़ाता है वहीं दूसरी ओर जम सब एक धर्मग्रन्थ की तरह सम्मान देते है | यही बजह है कि तिरंगे की शान हमारी जान है, संबिधान हमारी आत्मा और भारत हमारी भक्ति भावना जो हमें विश्वगुरु जैसा उच्चतम सम्मान दिलाती है | अखंड भारत के 77 वे गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें | टॉकफीवर जो एक स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफार्म है, पर अपने विचार और गणतंत्र दिवस की पोस्ट करें और १ करोड़ से अधिक ग्लोबल कम्युनिटी के साथ साझा करें | ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि हर भारतीय का प्लेटफार्म बन सके | बड़ी सूचना- टॉकफीवर पर क्रिएटर्स ग्रोथ पार्टनरशिप अवार्ड 2026 का शानदार कम्पटीशन शुरू हो चुका है. जो क्रिएटर्स के क्रिएटिव पोस्ट, सोशल नेटवर्क ग्रोथ और ग्रोथ मार्केटिंग की क्षमता के आधार पर रैंकिंग सिस्टम है | टॉप 1000 क्रिएटर्स को आगामी टॉकफीवर की क्रिएटर्स समिट में शानदार पुरुष्कार का अवसर है | हमारा उद्देश्य - जुड़ेगा भारत, बढ़ेगा भारत और जीतेगा भारत आपका उद्देश्य भी यही है तो आओ मिलकर वैश्विक यात्रा शुरू करते हैं | Download Talkfever App https://play.google.com/store/apps/details?id=com.talkfever.online&pcampaignid=web_share
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  • भारत सरकार के हर प्रयास में कदम ताल के साथ वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल की सशक्त परिकल्पना आज सफलता के सिखर पर पहुँच चुकी है | भारत की शक्ति भारत की सामर्थ्य से हर भारतीय भली भांति समझने लगा है और प्रत्येक हिंदुस्तानी अब कुछ नया करने कुछ बड़ा करने की सोच बना चुका है |

    हर भारतीय की यही बुलंद हिंदुस्तानी आवाज, जोश और जुनून 26 जनवरी 2026 को माननीय प्रधानमंत्री जी के शब्दों में लाल किले की प्राचीर से जब दूर तलक जाती है तो ग्लोबल महाशक्तियां नतमस्तक होकर भारत के सम्मान में साथ खड़ी दिखाई देती है |

    भारत की मिट्टी में वो खुशबू है, भारतियों की वो पवित्र सोच है जो वसुधैव कुटुंबकम की भावना को विकसित करती है | हम सब हिन्दुस्तानियों की सोच समूचे विश्व में हमें सबसे अलग पहचान दिलाती है |

    भारतीय होने पर हम गर्व करते है, सीना चौड़ा हो जाता है क्यूँकि भारत का संबिधान ही ऐसा है जो एक ओर हम सबका सम्मान बढ़ाता है वहीं दूसरी ओर जम सब एक धर्मग्रन्थ की तरह सम्मान देते है | यही बजह है कि तिरंगे की शान हमारी जान है, संबिधान हमारी आत्मा और भारत हमारी भक्ति भावना जो हमें विश्वगुरु जैसा उच्चतम सम्मान दिलाती है |

    अखंड भारत के 77 वे गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें |

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  • भारतीय जनता पार्टी को सशक्त, संगठित और राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व की नई ऊर्जा प्रदान करने वाले आदरणीय श्री नितिन नवीन जी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
    आपके दूरदर्शी, निर्णायक एवं कर्मठ नेतृत्व में संगठन न केवल और अधिक सुदृढ़ होगा, बल्कि राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए अभूतपूर्व ऊँचाइयों को स्पर्श करेगे—यही हमारी मंगलकामना है।
    भारतीय जनता पार्टी को सशक्त, संगठित और राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व की नई ऊर्जा प्रदान करने वाले आदरणीय श्री नितिन नवीन जी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आपके दूरदर्शी, निर्णायक एवं कर्मठ नेतृत्व में संगठन न केवल और अधिक सुदृढ़ होगा, बल्कि राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए अभूतपूर्व ऊँचाइयों को स्पर्श करेगे—यही हमारी मंगलकामना है।
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  • हमारे मित्र कैलाश प्रजापति जी के बड़े भाई रवि प्रजापति जी का कुछ दिन पूर्व देहावसान हो गया था। आज उनके निवास पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त कीं। साइज
    हमारे मित्र कैलाश प्रजापति जी के बड़े भाई रवि प्रजापति जी का कुछ दिन पूर्व देहावसान हो गया था। आज उनके निवास पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त कीं। साइज
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  • Space Facts: हर दिन पृथ्वी पर गिरते है 100 टन से ज्यादा उल्कापिंड लेकिन हम देख क्यों नहीं पाते? | धरती की घटती सांसे ओर पृथ्वी की हवा भी धीरे धीरे बदल रही है | क्या यूरेनस ओर नेप्च्यून असल में बर्फ के दिग्गज नहीं है | 10 लाख सूर्यों जितनी अदृश्य ताकत?
    Space Facts: हर दिन पृथ्वी पर गिरते है 100 टन से ज्यादा उल्कापिंड लेकिन हम देख क्यों नहीं पाते? | धरती की घटती सांसे ओर पृथ्वी की हवा भी धीरे धीरे बदल रही है | क्या यूरेनस ओर नेप्च्यून असल में बर्फ के दिग्गज नहीं है | 10 लाख सूर्यों जितनी अदृश्य ताकत?
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  • क्या आपका खाना ही आपकी असली दवाई है? 💊❌ 🍎✅
    दोस्तों, हम अक्सर छोटी-छोटी बीमारियों के लिए तुरंत दवाइयां ढूंढने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे किचन में ही हमारी सेहत का असली खजाना छुपा है? 👩‍🍳✨

    🩺 जानिए कैसे ये 10 सुपरफूड्स आपके शरीर के अलग-अलग हिस्सों को स्वस्थ रखते हैं:

    🧠 अखरोट (दिमाग के लिए): इसकी बनावट भी दिमाग जैसी होती है! यह याददाश्त और ब्रेन हेल्थ को तेज करता है। ⚡

    👀 गाजर (आँखों की रोशनी): विटामिन A से भरपूर, जो आँखों की रोशनी को बनाए रखने में मदद करती है। 🥕

    🍄 मशरूम (पूरे शरीर के लिए): यह इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है और शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है। 🛡️

    🧡 अंगूर (दिल के लिए): दिल को सेहतमंद रखने और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने में मदद करता है। 🍇

    🦋 संतरा (गले/थायरॉयड के लिए): विटामिन C का बेहतरीन स्रोत, जो थायरॉयड और गले की सेहत के लिए जरूरी है। 🍊

    🩸 टमाटर (खून के लिए): इसमें मौजूद लाइकोपीन (Lycopene) खून को साफ और स्वस्थ रखता है। 🍅

    🌿 अजवाइन (पेट की सफाई/आंत): पाचन (Digestion) को सुधारने और आंतों की गंदगी को साफ करने में मदद करती है। 🧹

    🥔 शकरकंद (शुगर कंट्रोल/पैंक्रियास): ब्लड शुगर को बैलेंस करने और पैंक्रियास को सपोर्ट करने में फायदेमंद है। ⚖️

    🛡️ राजमा (लीवर की सेहत): फाइबर और प्रोटीन से भरपूर, जो लीवर को डिटॉक्स करने और मजबूत बनाने में मदद करता है। 💪

    🥑 एवोकैडो (महिलाओं/बच्चेदानी के लिए): गर्भाशय (Uterus) की सेहत और हार्मोनल बैलेंस के लिए बहुत फायदेमंद है। 🌸

    🔥 अदरक (पेट की खराबी/हाज़मा): गैस, अपच और पेट दर्द में तुरंत राहत देने वाली एक जादुई जड़ है। 🍵

    📌 निष्कर्ष: "जैसा अन्न, वैसा मन और वैसा तन।" दवाइयों पर निर्भर रहने से बेहतर है कि हम अपनी थाली में ही अपनी सेहत ढूंढें। 🍽️💚

    ✅ क्या आप इन सुपरफूड्स को अपनी डाइट में शामिल करते हैं? कमेंट में बताएं! 👇💬

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    #FoodAsMedicine 🍎 #HealthyEating 🥗 #NutritionFacts 💡 #DesiNuskhe 🇮🇳 #AyurvedaLife 🌿 #HealthTipsHindi 🩺 #Superfoods 🥑 #ImmunityBoost 💪 #GhareluUpay 🏠 #WellnessJourney ✨ 🧠 #BodyHealth #humanbody #science
    क्या आपका खाना ही आपकी असली दवाई है? 💊❌ 🍎✅ दोस्तों, हम अक्सर छोटी-छोटी बीमारियों के लिए तुरंत दवाइयां ढूंढने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे किचन में ही हमारी सेहत का असली खजाना छुपा है? 👩‍🍳✨ 🩺 जानिए कैसे ये 10 सुपरफूड्स आपके शरीर के अलग-अलग हिस्सों को स्वस्थ रखते हैं: 🧠 अखरोट (दिमाग के लिए): इसकी बनावट भी दिमाग जैसी होती है! यह याददाश्त और ब्रेन हेल्थ को तेज करता है। ⚡ 👀 गाजर (आँखों की रोशनी): विटामिन A से भरपूर, जो आँखों की रोशनी को बनाए रखने में मदद करती है। 🥕 🍄 मशरूम (पूरे शरीर के लिए): यह इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है और शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है। 🛡️ 🧡 अंगूर (दिल के लिए): दिल को सेहतमंद रखने और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने में मदद करता है। 🍇 🦋 संतरा (गले/थायरॉयड के लिए): विटामिन C का बेहतरीन स्रोत, जो थायरॉयड और गले की सेहत के लिए जरूरी है। 🍊 🩸 टमाटर (खून के लिए): इसमें मौजूद लाइकोपीन (Lycopene) खून को साफ और स्वस्थ रखता है। 🍅 🌿 अजवाइन (पेट की सफाई/आंत): पाचन (Digestion) को सुधारने और आंतों की गंदगी को साफ करने में मदद करती है। 🧹 🥔 शकरकंद (शुगर कंट्रोल/पैंक्रियास): ब्लड शुगर को बैलेंस करने और पैंक्रियास को सपोर्ट करने में फायदेमंद है। ⚖️ 🛡️ राजमा (लीवर की सेहत): फाइबर और प्रोटीन से भरपूर, जो लीवर को डिटॉक्स करने और मजबूत बनाने में मदद करता है। 💪 🥑 एवोकैडो (महिलाओं/बच्चेदानी के लिए): गर्भाशय (Uterus) की सेहत और हार्मोनल बैलेंस के लिए बहुत फायदेमंद है। 🌸 🔥 अदरक (पेट की खराबी/हाज़मा): गैस, अपच और पेट दर्द में तुरंत राहत देने वाली एक जादुई जड़ है। 🍵 📌 निष्कर्ष: "जैसा अन्न, वैसा मन और वैसा तन।" दवाइयों पर निर्भर रहने से बेहतर है कि हम अपनी थाली में ही अपनी सेहत ढूंढें। 🍽️💚 ✅ क्या आप इन सुपरफूड्स को अपनी डाइट में शामिल करते हैं? कमेंट में बताएं! 👇💬 🚀 इस जानकारी को अपने परिवार और दोस्तों के साथ SHARE करें, ताकि वे भी सेहतमंद रह सकें! 📲 #FoodAsMedicine 🍎 #HealthyEating 🥗 #NutritionFacts 💡 #DesiNuskhe 🇮🇳 #AyurvedaLife 🌿 #HealthTipsHindi 🩺 #Superfoods 🥑 #ImmunityBoost 💪 #GhareluUpay 🏠 #WellnessJourney ✨ 🧠 #BodyHealth #humanbody #science
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  • ज़िम्बाब्वे में एक डकैती के दौरान, चोर ने बैंक में मौजूद सभी लोगों से चिल्लाकर कहा:

    “हिलो मत! पैसा सरकार का है – तुम्हारी जान तुम्हारी है।”

    बैंक में मौजूद सभी लोग चुपचाप लेट गए।

    इसे कहते हैं “सोचने का तरीका बदलना” – पारंपरिक मानसिकता को बदलना।

    जब एक महिला मेज पर उत्तेजक मुद्रा में लेट गई, तो चोर चिल्लाया:
    “कृपया सभ्य बनो! यह डकैती है, बलात्कार नहीं!”

    इसे कहते हैं “पेशेवर होना।” केवल उसी काम पर ध्यान केंद्रित करो जिसके लिए तुम्हें प्रशिक्षित किया गया है!

    जब लुटेरे घर लौटे, तो छोटे चोर (जिसके पास एमबीए की डिग्री थी) ने बड़े चोर (जिसने केवल छठी कक्षा तक पढ़ाई की थी) से कहा:
    “बड़े भाई, चलो गिनते हैं कि हमें कितना मिला।”

    बूढ़े चोर ने जवाब दिया:
    “तुम कितने बेवकूफ हो! इतना सारा पैसा है—गिनने में तो बहुत समय लग जाएगा। आज रात टीवी पर खबर आ जाएगी कि हमने कितना चुराया है।”

    इसे कहते हैं “अनुभव।” आजकल अनुभव शैक्षणिक योग्यताओं से कहीं अधिक मूल्यवान है!

    लुटेरे के जाने के बाद, बैंक मैनेजर ने सुपरवाइजर को जल्दी से पुलिस को बुलाने को कहा। लेकिन सुपरवाइजर ने कहा:
    “रुको! चलो बैंक से 10 मिलियन डॉलर खुद निकाल लेते हैं और इसे उन 70 मिलियन डॉलर में जोड़ देते हैं जो हम पहले ही गबन कर चुके हैं।”

    इसे कहते हैं “हालात के साथ चलना।” प्रतिकूल स्थिति को लाभ में बदलना!

    फिर सुपरवाइजर ने कहा:
    “कितना अच्छा होता अगर हर महीने एक डकैती होती।”

    इसे कहते हैं “ऊब मिटाना।” व्यक्तिगत खुशी काम से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
    अगले दिन खबर आई कि बैंक से 10 करोड़ डॉलर चोरी हो गए हैं।
    लुटेरों ने खूब गिनती की, लेकिन उन्हें सिर्फ 2 करोड़ डॉलर ही मिले।
    गुस्से में आकर उन्होंने शिकायत की:
    “हमने अपनी जान जोखिम में डाली और हमें सिर्फ 2 करोड़ डॉलर मिले। बैंक मैनेजर ने तो पलक झपकते ही 8 करोड़ डॉलर ले लिए! लगता है चोर बनने से बेहतर है शिक्षित होना।”

    इसे कहते हैं “ज्ञान सोने के बराबर कीमती है।”

    इसी बीच, बैंक मैनेजर मुस्कुराया, राहत महसूस करते हुए कि शेयर बाजार में हुए उसके नुकसान की भरपाई अब चोरी से हो गई है।

    इसे कहते हैं “मौके का फायदा उठाना।” जोखिम उठाने की हिम्मत रखनी चाहिए क्योंकि इसी में जीवन का आनंद है।
    😄😄😄😄😄
    #funny #fun #story #like #shere #banking
    ज़िम्बाब्वे में एक डकैती के दौरान, चोर ने बैंक में मौजूद सभी लोगों से चिल्लाकर कहा: “हिलो मत! पैसा सरकार का है – तुम्हारी जान तुम्हारी है।” बैंक में मौजूद सभी लोग चुपचाप लेट गए। इसे कहते हैं “सोचने का तरीका बदलना” – पारंपरिक मानसिकता को बदलना। जब एक महिला मेज पर उत्तेजक मुद्रा में लेट गई, तो चोर चिल्लाया: “कृपया सभ्य बनो! यह डकैती है, बलात्कार नहीं!” इसे कहते हैं “पेशेवर होना।” केवल उसी काम पर ध्यान केंद्रित करो जिसके लिए तुम्हें प्रशिक्षित किया गया है! जब लुटेरे घर लौटे, तो छोटे चोर (जिसके पास एमबीए की डिग्री थी) ने बड़े चोर (जिसने केवल छठी कक्षा तक पढ़ाई की थी) से कहा: “बड़े भाई, चलो गिनते हैं कि हमें कितना मिला।” बूढ़े चोर ने जवाब दिया: “तुम कितने बेवकूफ हो! इतना सारा पैसा है—गिनने में तो बहुत समय लग जाएगा। आज रात टीवी पर खबर आ जाएगी कि हमने कितना चुराया है।” इसे कहते हैं “अनुभव।” आजकल अनुभव शैक्षणिक योग्यताओं से कहीं अधिक मूल्यवान है! लुटेरे के जाने के बाद, बैंक मैनेजर ने सुपरवाइजर को जल्दी से पुलिस को बुलाने को कहा। लेकिन सुपरवाइजर ने कहा: “रुको! चलो बैंक से 10 मिलियन डॉलर खुद निकाल लेते हैं और इसे उन 70 मिलियन डॉलर में जोड़ देते हैं जो हम पहले ही गबन कर चुके हैं।” इसे कहते हैं “हालात के साथ चलना।” प्रतिकूल स्थिति को लाभ में बदलना! फिर सुपरवाइजर ने कहा: “कितना अच्छा होता अगर हर महीने एक डकैती होती।” इसे कहते हैं “ऊब मिटाना।” व्यक्तिगत खुशी काम से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। अगले दिन खबर आई कि बैंक से 10 करोड़ डॉलर चोरी हो गए हैं। लुटेरों ने खूब गिनती की, लेकिन उन्हें सिर्फ 2 करोड़ डॉलर ही मिले। गुस्से में आकर उन्होंने शिकायत की: “हमने अपनी जान जोखिम में डाली और हमें सिर्फ 2 करोड़ डॉलर मिले। बैंक मैनेजर ने तो पलक झपकते ही 8 करोड़ डॉलर ले लिए! लगता है चोर बनने से बेहतर है शिक्षित होना।” इसे कहते हैं “ज्ञान सोने के बराबर कीमती है।” इसी बीच, बैंक मैनेजर मुस्कुराया, राहत महसूस करते हुए कि शेयर बाजार में हुए उसके नुकसान की भरपाई अब चोरी से हो गई है। इसे कहते हैं “मौके का फायदा उठाना।” जोखिम उठाने की हिम्मत रखनी चाहिए क्योंकि इसी में जीवन का आनंद है। 😄😄😄😄😄 #funny #fun #story #like #shere #banking
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  • 📢 सावधान! बिजली लाइनों के साथ छेड़छाड़ पड़ सकती है भारी
    ​भरतपुर (डीग भास्कर): हाल ही में गांव जोतरौली में एक युवक की लापरवाही के कारण बड़ा हादसा हो गया। बिना किसी तकनीकी जानकारी के बिजली लाइन को खुद जोड़ने के प्रयास में 11 KV (हाई वोल्टेज) लाइन का करंट घरों में दौड़ गया, जिससे कई लोग बुरी तरह झुलस गए और घर के उपकरण जलकर राख हो गए।
    ​⚠️ घटना का मुख्य कारण:
    ​डिस्कॉम की प्राथमिक जांच के अनुसार, एक युवक ने लकड़ी के डंडे से एलटी लाइन को जोड़ने की कोशिश की, जिससे वह सीधे 11 KV लाइन के संपर्क में आ गई। इस लापरवाही की वजह से पूरे मोहल्ले में मौत का करंट फैल गया।
    ​🛑 विद्युत विभाग की अपील:
    ​हम सभी उपभोक्ताओं से निवेदन करते हैं कि:
    ​स्वयं मरम्मत न करें: बिजली जाने या फॉल्ट होने पर कभी भी खुद ट्रांसफार्मर या लाइनों के साथ छेड़छाड़ न करें।
    ​अधिकृत कर्मियों को ही बुलाएं: किसी भी समस्या के लिए तुरंत अपने क्षेत्र के लाइनमैन या कनिष्ठ अभियंता (JEN) को सूचित करें।
    ​जान जोखिम में न डालें: एक छोटी सी गलती न केवल आपकी जान ले सकती है, बल्कि आपके परिवार और पड़ोसियों के लिए भी घातक हो सकती है।
    ​विद्युत विभाग आपकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कृपया नियमों का पालन करें और सुरक्षित रहें।
    📢 सावधान! बिजली लाइनों के साथ छेड़छाड़ पड़ सकती है भारी ​भरतपुर (डीग भास्कर): हाल ही में गांव जोतरौली में एक युवक की लापरवाही के कारण बड़ा हादसा हो गया। बिना किसी तकनीकी जानकारी के बिजली लाइन को खुद जोड़ने के प्रयास में 11 KV (हाई वोल्टेज) लाइन का करंट घरों में दौड़ गया, जिससे कई लोग बुरी तरह झुलस गए और घर के उपकरण जलकर राख हो गए। ​⚠️ घटना का मुख्य कारण: ​डिस्कॉम की प्राथमिक जांच के अनुसार, एक युवक ने लकड़ी के डंडे से एलटी लाइन को जोड़ने की कोशिश की, जिससे वह सीधे 11 KV लाइन के संपर्क में आ गई। इस लापरवाही की वजह से पूरे मोहल्ले में मौत का करंट फैल गया। ​🛑 विद्युत विभाग की अपील: ​हम सभी उपभोक्ताओं से निवेदन करते हैं कि: ​स्वयं मरम्मत न करें: बिजली जाने या फॉल्ट होने पर कभी भी खुद ट्रांसफार्मर या लाइनों के साथ छेड़छाड़ न करें। ​अधिकृत कर्मियों को ही बुलाएं: किसी भी समस्या के लिए तुरंत अपने क्षेत्र के लाइनमैन या कनिष्ठ अभियंता (JEN) को सूचित करें। ​जान जोखिम में न डालें: एक छोटी सी गलती न केवल आपकी जान ले सकती है, बल्कि आपके परिवार और पड़ोसियों के लिए भी घातक हो सकती है। ​विद्युत विभाग आपकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कृपया नियमों का पालन करें और सुरक्षित रहें। ​
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  • अगर आप प्रकाश की गति से निकल पड़ो, तो ब्रह्मांड एक नक्शा नहीं बल्कि समय की सुरंग बन जाएगा। पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी रोशनी सिर्फ 1.28 सेकंड में पार कर लेती है, मंगल तक पहुँचने में 12 मिनट, और सौर मंडल के आख़िरी छोर प्लूटो तक पहुँचने में भी केवल 5.5 घंटे लगते हैं। इतना तेज़ होने के बावजूद प्रकाश के लिए अंतरिक्ष “छोटा” नहीं पड़ता।

    सौर मंडल से बाहर कदम रखते ही दिमाग चकरा जाता है। हमारे सबसे पास के तारे प्रॉक्सिमा सेंटॉरी की रोशनी को हम तक पहुँचने में 4.2 साल लगते हैं, यानी हम उसे आज नहीं, बल्कि 4.2 साल पुराना देख रहे हैं। हमारी आकाशगंगा के केंद्र तक यह सफ़र 26,000 प्रकाश वर्ष का है—यहाँ प्रकाश दूरी नहीं, इतिहास बन जाता है।

    सबसे बड़ा झटका तब लगता है जब हम “दृश्य ब्रह्मांड” की सीमा देखते हैं—करीब 46 अरब प्रकाश वर्ष दूर। मतलब, दूरबीन से जो भी रोशनी हम देख रहे हैं, वह ब्रह्मांड के बचपन से चली आ रही है। इसलिए कहा जाता है: प्रकाश की गति से यात्रा करना, दरअसल समय के अतीत में झाँकना है।

    अगर आप प्रकाश की गति से निकल पड़ो, तो ब्रह्मांड एक नक्शा नहीं बल्कि समय की सुरंग बन जाएगा। पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी रोशनी सिर्फ 1.28 सेकंड में पार कर लेती है, मंगल तक पहुँचने में 12 मिनट, और सौर मंडल के आख़िरी छोर प्लूटो तक पहुँचने में भी केवल 5.5 घंटे लगते हैं। इतना तेज़ होने के बावजूद प्रकाश के लिए अंतरिक्ष “छोटा” नहीं पड़ता। सौर मंडल से बाहर कदम रखते ही दिमाग चकरा जाता है। हमारे सबसे पास के तारे प्रॉक्सिमा सेंटॉरी की रोशनी को हम तक पहुँचने में 4.2 साल लगते हैं, यानी हम उसे आज नहीं, बल्कि 4.2 साल पुराना देख रहे हैं। हमारी आकाशगंगा के केंद्र तक यह सफ़र 26,000 प्रकाश वर्ष का है—यहाँ प्रकाश दूरी नहीं, इतिहास बन जाता है। सबसे बड़ा झटका तब लगता है जब हम “दृश्य ब्रह्मांड” की सीमा देखते हैं—करीब 46 अरब प्रकाश वर्ष दूर। मतलब, दूरबीन से जो भी रोशनी हम देख रहे हैं, वह ब्रह्मांड के बचपन से चली आ रही है। इसलिए कहा जाता है: प्रकाश की गति से यात्रा करना, दरअसल समय के अतीत में झाँकना है।
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