• "काश एक ऐसी मुलाकात हो,

    जहाँ वक़्त भी ठहरने को मजबूर हो,

    तेरी आँखों में मेरी हर बात हो,

    और खामोशी में भी इश्क़ भरपूर हो।"


    =============== END ===============


    #ShayariLovers, #HindiShayari, #LoveShayari, #RomanticShayari, #UrduShayari, #PoetryLovers, #HeartTouchingShayari, #Ishq, #Mohabbat, #DilKiBaat, #ShayariQuotes, #LoveQuotesHindi, #PoetryCommunity, #Shayar, #ShayariDilSe, #RomanticLines, #DeepShayari, #Feelings, #SoulfulWords, #IshqWalaLove, #HindiPoetry, #InstaShayari, #TrendingShayari, #LoveVibes, #EmotionalShayari

    "काश एक ऐसी मुलाकात हो, जहाँ वक़्त भी ठहरने को मजबूर हो, तेरी आँखों में मेरी हर बात हो, और खामोशी में भी इश्क़ भरपूर हो।"=============== END ===============#ShayariLovers, #HindiShayari, #LoveShayari, #RomanticShayari, #UrduShayari, #PoetryLovers, #HeartTouchingShayari, #Ishq, #Mohabbat, #DilKiBaat, #ShayariQuotes, #LoveQuotesHindi, #PoetryCommunity, #Shayar, #ShayariDilSe, #RomanticLines, #DeepShayari, #Feelings, #SoulfulWords, #IshqWalaLove, #HindiPoetry, #InstaShayari, #TrendingShayari, #LoveVibes, #EmotionalShayari
    0 Comments 0 Shares 231 Views 0 Reviews
  • एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपर

    वाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी।

    खास बात यह थी कि इमारत में

    लिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियां

    चढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ी

    अभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा-


    आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैं

    चाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिए


    जोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।

    एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपरवाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी। खास बात यह थी कि इमारत मेंलिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियांचढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ीअभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा-आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैंचाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिएजोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।
    0 Comments 0 Shares 4K Views 0 Reviews
  • एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपर

    वाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी। खास बात यह थी कि इमारत में

    लिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियां

    चढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ी

    अभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा-


    आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैं

    चाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिए


    जोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।

    एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपरवाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी। खास बात यह थी कि इमारत मेंलिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियांचढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ीअभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा-आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैंचाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिएजोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।
    Like
    1
    0 Comments 0 Shares 596 Views 0 Reviews
  • एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपर

    वाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी। खास बात यह थी कि इमारत में

    लिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियां

    चढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ी

    अभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा-


    आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैं

    चाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिए


    जोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।

    एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपरवाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी। खास बात यह थी कि इमारत मेंलिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियांचढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ीअभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा-आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैंचाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिएजोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।
    Like
    1
    0 Comments 0 Shares 587 Views 0 Reviews
  • मरने के बाद एक इंजीनियर को जब नर्क भेज दिया गया तो

    उसने वहांमेहनत करके सड़के, शौचालय, नालियां और एयरकंडीशनर आदि कि व्यवस्था कर दी।

    इस पर स्वर्ग के मैंनेजर ने नर्क के मैंनेजर को फोन


    किया। स्वर्ग का मैंनेजर - इस इंजीनियर को बाहर निकालो। नर्क का मैंनेजर - नहीं। स्वर्ग का मैनेजर - जैसा कहता हूं, वही करो। नहीं तो मैं तुम्हें भगवान की अदालत में घसीटूंगा। नर्क का मैंनेजर - कोई बात नहीं। देख लूंगा। सारे वकील तो मेरे यहां हैं।

    मरने के बाद एक इंजीनियर को जब नर्क भेज दिया गया तो उसने वहांमेहनत करके सड़के, शौचालय, नालियां और एयरकंडीशनर आदि कि व्यवस्था कर दी। इस पर स्वर्ग के मैंनेजर ने नर्क के मैंनेजर को फोनकिया। स्वर्ग का मैंनेजर - इस इंजीनियर को बाहर निकालो। नर्क का मैंनेजर - नहीं। स्वर्ग का मैनेजर - जैसा कहता हूं, वही करो। नहीं तो मैं तुम्हें भगवान की अदालत में घसीटूंगा। नर्क का मैंनेजर - कोई बात नहीं। देख लूंगा। सारे वकील तो मेरे यहां हैं।
    Like
    1
    0 Comments 0 Shares 561 Views 0 Reviews
  • संतासिंह और बंतासिंह दोनों बहुत बडे दुश्मन थे। ये दोनों एक ही बिल्डिंग में रहते थे। बंतासिंह

    सातवें माले पर रहता था और संतासिंह पहले। एक बार बिल्डिंग की लिफ्ट खराब हो गई।बंतासिंह ने सोचा कि आज संता को सबक सिखाया जाए। उसने संतासिंह को फोन करके खाने पर

    बुलाया। बेचारा संतासिंह जैसे-तैसे सातवें माले पर पहुंचा और वहां जाकर देखा कि दरवाजे पर ताला

    लगा है और लिखा था कि कैसा उल्लू बनाया। संतासिंह को ये देखकर बहुत गुस्सा आया। उसने उस

    नोट के नीचे लिखा- मैं तो यहां आया ही नहीं था।

    संतासिंह और बंतासिंह दोनों बहुत बडे दुश्मन थे। ये दोनों एक ही बिल्डिंग में रहते थे। बंतासिंहसातवें माले पर रहता था और संतासिंह पहले। एक बार बिल्डिंग की लिफ्ट खराब हो गई।बंतासिंह ने सोचा कि आज संता को सबक सिखाया जाए। उसने संतासिंह को फोन करके खाने परबुलाया। बेचारा संतासिंह जैसे-तैसे सातवें माले पर पहुंचा और वहां जाकर देखा कि दरवाजे पर तालालगा है और लिखा था कि कैसा उल्लू बनाया। संतासिंह को ये देखकर बहुत गुस्सा आया। उसने उसनोट के नीचे लिखा- मैं तो यहां आया ही नहीं था।
    Like
    1
    0 Comments 0 Shares 512 Views 0 Reviews
  • हिन्दोस्तान से ताजा-ताजा विलायत पहुंचा एक पंजाबी जाट लंदन के एक रेस्टोरेंट में वेटर की नौकरी

    पर लगा।

    वहां उसे काम करते कुछ ही दिन हुए थे कि एक रोज मैनेजर ने उसे अपने ऑफिस में बुलाया और बताया कि पंजाब से उसके भाई का फोन था।

    वेटर ने फोन रिसीव किया और काफी देर टूटी-फूटी अंग्रेजी मेंअपने भाई से बात करता रहा।

    आखिरकार उसने फोन रखा तो मैनेजर ने उससे पूछा - अपने भाई से

    अंग्रेजी में बात क्यों की ?

    अपनी जुबान में क्‍यों नहीं की ?

    साहब जी - वेटर हकबकाया-सा बोला - अब मुझे कया मालूम था कि आपका टेलीफोन पंजाबी भी

    बोलता है।

    हिन्दोस्तान से ताजा-ताजा विलायत पहुंचा एक पंजाबी जाट लंदन के एक रेस्टोरेंट में वेटर की नौकरीपर लगा। वहां उसे काम करते कुछ ही दिन हुए थे कि एक रोज मैनेजर ने उसे अपने ऑफिस में बुलाया और बताया कि पंजाब से उसके भाई का फोन था। वेटर ने फोन रिसीव किया और काफी देर टूटी-फूटी अंग्रेजी मेंअपने भाई से बात करता रहा। आखिरकार उसने फोन रखा तो मैनेजर ने उससे पूछा - अपने भाई सेअंग्रेजी में बात क्यों की ? अपनी जुबान में क्‍यों नहीं की ? साहब जी - वेटर हकबकाया-सा बोला - अब मुझे कया मालूम था कि आपका टेलीफोन पंजाबी भीबोलता है।
    Like
    1
    0 Comments 0 Shares 311 Views 0 Reviews
  • दो दोस्त स्कूल देर से पहुँचे तो टीचर ने उनसे कहा - विजय, तुम लेट क्यों आए ?

    विजय- मेरे पाँच रुपए रास्ते में गिर गए थे तो मैं उन्हें हूँढ रहा था।

    टीचर- और अजय तुम देर से क्यों आए ?

    अजय- क्‍योंकि मैं विजय के पाँच रुपए के ऊपर खड़ा था।

    दो दोस्त स्कूल देर से पहुँचे तो टीचर ने उनसे कहा - विजय, तुम लेट क्यों आए ? विजय- मेरे पाँच रुपए रास्ते में गिर गए थे तो मैं उन्हें हूँढ रहा था। टीचर- और अजय तुम देर से क्यों आए ? अजय- क्‍योंकि मैं विजय के पाँच रुपए के ऊपर खड़ा था।
    0 Comments 0 Shares 222 Views 0 Reviews
  • एक शराबी एयरपोर्ट के बाहर खड़ा था, तभी एक वर्दीधारी युवक वहाँ से गुजरा।

    यह देखते ही शराबी ने कहा- अरे एक टैक्सी ले आ यार।

    वर्दीधारी ने नाराज होते हुए कहा- 'दिखता नहीं, मैं पायलट हूँ, टैक्सी ड्राइवर नहीं।

    यह सुन शराबी ने कहा- तो नाराज क्यों होते हो यार, एक हवाई जहाज ही लाओ,

    उसी में चलते हैं।

    एक शराबी एयरपोर्ट के बाहर खड़ा था, तभी एक वर्दीधारी युवक वहाँ से गुजरा। यह देखते ही शराबी ने कहा- अरे एक टैक्सी ले आ यार। वर्दीधारी ने नाराज होते हुए कहा- 'दिखता नहीं, मैं पायलट हूँ, टैक्सी ड्राइवर नहीं। यह सुन शराबी ने कहा- तो नाराज क्यों होते हो यार, एक हवाई जहाज ही लाओ,उसी में चलते हैं।
    Like
    1
    0 Comments 0 Shares 249 Views 0 Reviews
  • एक बेरोजगार युवक नौकरी के लिए एक कंपनी के मैनेजर के पास गया और बोला - सर आप मुझे

    महीने के एक लाख रुपए वेतन, एक फ्लैट, एक कार दे सकते हों तो मैं नौकरी के लिए तैयार हूँ।मैनेजर बोला- मैं आपको दो लाख रुपए वेतन, दो कार, दो फ्लैट दूँगा।यह सुनकर युवक बोला- सर, आप मजाक तो नहीं कर रहे हैं ?मैनेजर ने कहा- श्रीमानजी, शुरुआत तो आपने ही की थी।

    एक बेरोजगार युवक नौकरी के लिए एक कंपनी के मैनेजर के पास गया और बोला - सर आप मुझेमहीने के एक लाख रुपए वेतन, एक फ्लैट, एक कार दे सकते हों तो मैं नौकरी के लिए तैयार हूँ।मैनेजर बोला- मैं आपको दो लाख रुपए वेतन, दो कार, दो फ्लैट दूँगा।यह सुनकर युवक बोला- सर, आप मजाक तो नहीं कर रहे हैं ?मैनेजर ने कहा- श्रीमानजी, शुरुआत तो आपने ही की थी।
    0 Comments 0 Shares 133 Views 0 Reviews
  • एक सरदारजी एक 25 मंजिला भवन की छत पर बैठे थे, तभी एक आदमी हांफता हुआ आया और

    कहने लगा कि संतासिंह आपकी पोती मर गई।

    सरदारजी ये खबर सुनकर बहुत हताश हो जाते हैं और

    बिल्डिंग से कूद पड़ते हैं। जब वो 20वीं मंजिल तक पहुंचते हैं तो उन्हें ख्याल आता है कि उनकी तो कोई

    पोती ही नहीं है।

    10 वीं मंजिल आने पर ध्यान आता है कि उनकी तो शादी ही नहीं हुई है और जैसे ही

    जमीन पर गिरने वाले होते हैं कि खयाल आता है कि उनका नाम तो संतासिंह है ही नहीं।

    एक सरदारजी एक 25 मंजिला भवन की छत पर बैठे थे, तभी एक आदमी हांफता हुआ आया औरकहने लगा कि संतासिंह आपकी पोती मर गई। सरदारजी ये खबर सुनकर बहुत हताश हो जाते हैं औरबिल्डिंग से कूद पड़ते हैं। जब वो 20वीं मंजिल तक पहुंचते हैं तो उन्हें ख्याल आता है कि उनकी तो कोईपोती ही नहीं है। 10 वीं मंजिल आने पर ध्यान आता है कि उनकी तो शादी ही नहीं हुई है और जैसे हीजमीन पर गिरने वाले होते हैं कि खयाल आता है कि उनका नाम तो संतासिंह है ही नहीं।
    Like
    1
    0 Comments 0 Shares 173 Views 0 Reviews
  • संता सिंह (प्रीतो से)- जानती हो, जितनी देर में मैं एक सांस लेता हूं,उतनी देर में देश में एक नया बच्चा जन्म लेता है। प्रीतो (आश्चर्य से)- हाय राम, तब तुम अपनी यह हरकत छोड़ क्यों नहीं देते ? देश की आबादी पहले से ही इतनी बढी हुई है।
    संता सिंह (प्रीतो से)- जानती हो, जितनी देर में मैं एक सांस लेता हूं,उतनी देर में देश में एक नया बच्चा जन्म लेता है। प्रीतो (आश्चर्य से)- हाय राम, तब तुम अपनी यह हरकत छोड़ क्यों नहीं देते ? देश की आबादी पहले से ही इतनी बढी हुई है।
    Like
    1
    0 Comments 0 Shares 127 Views 0 Reviews
More Results
Talkfever - Growing worldwide https://talkfever.com