न कोई शिकवा और शिकायत रही अब
शायद न पहले जैसी चाहत रही अब !
शायद न पहले जैसी चाहत रही अब !
न कोई शिकवा और शिकायत रही अब
शायद न पहले जैसी चाहत रही अब !
1 Kommentare
·145 Ansichten
·0 Bewertungen