न कोई शिकवा और शिकायत रही अब
शायद न पहले जैसी चाहत रही अब !
शायद न पहले जैसी चाहत रही अब !
न कोई शिकवा और शिकायत रही अब
शायद न पहले जैसी चाहत रही अब !
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