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  • मुल्ला दो प्याजा बादशाह के सलाहकार और मंत्री थे।

    एक बार बादशाह से उनकी झड़प हो गई।

    गुस्से में अकबर ने मुल्ले का सिर काटकर अगले दिन उसे पेश करने का आदेश दे दिया।

    भयभीत मुल्ला ने बीरबल

    से मदद माँगी। बीरबल ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनका कोई अहित नहीं होगा।

    बीरबल को एक

    उपाय सूझा, जिसे उसने मुल्ला के कान में बताया।

    उसके अनुसार मुल्ला ने सिपाहियों को

    समझा लिया कि वे उन्हें अकबर के सामने जीवित ही ले चलें। पर ज्यों-ही

    अकबर ने मुल्ला को जीवित देखा वह सिपाहियों पर चिल्ला

    उठे, “मैंने मुल्ला का सिर दरबार में लाने की आज्ञा दी थी, तुम लोग उसे जीवित क्यों लाए हो?"

    सिपाही कुछ कह पाते उससे पहले ही मुल्ला ने कहा, “महाराज!

    यह सिपाहियों की गलती नहीं है।

    मैंने जैसा कहा उन्होंने वैसा ही किया।

    मुझे चिंता थी कि शायद वे आपकी आज्ञा का पालन ठीक से नहीं कर पायें,

    इसलिए मैंने इस काम को स्वयं ही करने की सोची और अपने सिर को अपने कंधों पर ले आया।'

    अकबर समझ गए कि उन्होंने जल्दबाजी में ऐसी आज्ञा दे दी थी।

    उन्होंने मुल्ला को क्षमा कर सज़ा मुक्त कर दिया।
    मुल्ला दो प्याजा बादशाह के सलाहकार और मंत्री थे। एक बार बादशाह से उनकी झड़प हो गई। गुस्से में अकबर ने मुल्ले का सिर काटकर अगले दिन उसे पेश करने का आदेश दे दिया। भयभीत मुल्ला ने बीरबल से मदद माँगी। बीरबल ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनका कोई अहित नहीं होगा। बीरबल को एक उपाय सूझा, जिसे उसने मुल्ला के कान में बताया। उसके अनुसार मुल्ला ने सिपाहियों को समझा लिया कि वे उन्हें अकबर के सामने जीवित ही ले चलें। पर ज्यों-ही अकबर ने मुल्ला को जीवित देखा वह सिपाहियों पर चिल्ला उठे, “मैंने मुल्ला का सिर दरबार में लाने की आज्ञा दी थी, तुम लोग उसे जीवित क्यों लाए हो?" सिपाही कुछ कह पाते उससे पहले ही मुल्ला ने कहा, “महाराज! यह सिपाहियों की गलती नहीं है। मैंने जैसा कहा उन्होंने वैसा ही किया। मुझे चिंता थी कि शायद वे आपकी आज्ञा का पालन ठीक से नहीं कर पायें, इसलिए मैंने इस काम को स्वयं ही करने की सोची और अपने सिर को अपने कंधों पर ले आया।' अकबर समझ गए कि उन्होंने जल्दबाजी में ऐसी आज्ञा दे दी थी। उन्होंने मुल्ला को क्षमा कर सज़ा मुक्त कर दिया।
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  • एक दिन एक ज्योतिषी ने अकबर के दरबार में आकर सौर प्रणाली और पृथ्वी के आकार के विषय में बताया।

    अकबर ने कहा, “चूँकि पृथ्वी गोल है, यदि एक व्यक्ति एक ही दिशा में चलता जाए तो जहाँ से उसने यात्रा शुरू की थी वहीं पहुँच जाएगा।”

    ज्योतिषी ने कहा, “यह संभव नहीं है।"

    "क्यों नहीं संभव है?"

    “यात्री को सीधे रास्ते पर चलने के लिए पर्वत, जंगल और समुद्र को पार करना पड़ेगा।"

    अकबर ने कहा, “वह समुद्र में जहाज से जा सकता है, पर्वत में सुरंग बना सकता है और हाथियों पर जंगल पार कर सकता है।"

    ज्योतिषी ने कहा, “पर इसमें तो वर्षों लग सकते हैं।”

    अकबर ने पूछा, “अंदाजन कितने वर्ष लग सकते हैं?”

    “मुझे सही अनुमान नहीं है।"

    "मेरे मंत्री विद्वान् हैं, वे बता सकते हैं।"

    पर मंत्रियों के पास भी इसका कोई उत्तर न था।

    तभी बीरबल ने खड़े होकर कहा, “मैं एक दिन में पहुँच जाऊँगा।”

    ज्योतिषी ने पूछा, “केवल एक दिन ?

    यह कैसे संभव है?"

    मुस्कराते हुए बीरबल ने कहा, “यह संभव है।

    यदि सूर्य की गति से यात्रा की जाए तो।
    एक दिन एक ज्योतिषी ने अकबर के दरबार में आकर सौर प्रणाली और पृथ्वी के आकार के विषय में बताया। अकबर ने कहा, “चूँकि पृथ्वी गोल है, यदि एक व्यक्ति एक ही दिशा में चलता जाए तो जहाँ से उसने यात्रा शुरू की थी वहीं पहुँच जाएगा।” ज्योतिषी ने कहा, “यह संभव नहीं है।" "क्यों नहीं संभव है?" “यात्री को सीधे रास्ते पर चलने के लिए पर्वत, जंगल और समुद्र को पार करना पड़ेगा।" अकबर ने कहा, “वह समुद्र में जहाज से जा सकता है, पर्वत में सुरंग बना सकता है और हाथियों पर जंगल पार कर सकता है।" ज्योतिषी ने कहा, “पर इसमें तो वर्षों लग सकते हैं।” अकबर ने पूछा, “अंदाजन कितने वर्ष लग सकते हैं?” “मुझे सही अनुमान नहीं है।" "मेरे मंत्री विद्वान् हैं, वे बता सकते हैं।" पर मंत्रियों के पास भी इसका कोई उत्तर न था। तभी बीरबल ने खड़े होकर कहा, “मैं एक दिन में पहुँच जाऊँगा।” ज्योतिषी ने पूछा, “केवल एक दिन ? यह कैसे संभव है?" मुस्कराते हुए बीरबल ने कहा, “यह संभव है। यदि सूर्य की गति से यात्रा की जाए तो।
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  • वारिश का मौसम था।

    बारिश पड़ने लगी थी।

    दो सरदार भीगते हुए जा रहे थे।

    संतोख सिंह ने कहा - सरदारजी, बारिश चालू हो गई है। छाता खोल लो।

    भाई, कोई फायदा नहीं होगा। इसमें छेद ही छेद हैं।

    तो इसे लेकर क्यों चले थे ?

    मुझे क्या पता था कि बारिश पड़ने लगेगी ?
    वारिश का मौसम था। बारिश पड़ने लगी थी। दो सरदार भीगते हुए जा रहे थे। संतोख सिंह ने कहा - सरदारजी, बारिश चालू हो गई है। छाता खोल लो। भाई, कोई फायदा नहीं होगा। इसमें छेद ही छेद हैं। तो इसे लेकर क्यों चले थे ? मुझे क्या पता था कि बारिश पड़ने लगेगी ?
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  • एक गांव में बारात जीमने बैठी । उस समय स्त्रियां समधियों को गालियां गाती हैं, पर गालियां न गाई जाती देख नागरिक सुधारक बाराती को बड़ा हर्ष हुआ ।

    वहग्राम के एक वृद्ध से कह बैठा, "बड़ी खुशी की बात है कि आपके यहाँ इतनीतरक्की हो गई है।

    बुड्डा बोला, "हाँ साहब, तरक्की हो रही है । पहले गलियों में कहा जाता था..

    फलाने की फलानी के साथ और अमुक की अमुक के साथ.. लोग-लुगाई सुनते थे, हँस देते थे ।

    अब घर-घर में वे ही बातें सच्ची हो रही हैं । अब गालियां गाई जाती हैं तो चोरों की दाढ़ी में तिनके निकलते हैं । तभी तो आंदोलन होते हैं कि गालियां बंद करो, क्योंकि वे चुभती हैं ।
    एक गांव में बारात जीमने बैठी । उस समय स्त्रियां समधियों को गालियां गाती हैं, पर गालियां न गाई जाती देख नागरिक सुधारक बाराती को बड़ा हर्ष हुआ । वहग्राम के एक वृद्ध से कह बैठा, "बड़ी खुशी की बात है कि आपके यहाँ इतनीतरक्की हो गई है। बुड्डा बोला, "हाँ साहब, तरक्की हो रही है । पहले गलियों में कहा जाता था.. फलाने की फलानी के साथ और अमुक की अमुक के साथ.. लोग-लुगाई सुनते थे, हँस देते थे । अब घर-घर में वे ही बातें सच्ची हो रही हैं । अब गालियां गाई जाती हैं तो चोरों की दाढ़ी में तिनके निकलते हैं । तभी तो आंदोलन होते हैं कि गालियां बंद करो, क्योंकि वे चुभती हैं ।
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  • मुंबई मे एक सेठ सेठानी में बहस हो गई.. कि उनके एक मात्र लड़के के लिये गाँव की बहू लाऐं या शहर की..?

    सेठानी कहती कि गाँव की लाऐंगे.. क्योंकि वह घर का काम संभाल लेगी.. !

    सेठजी कहते कि वे गँवार होती हैं.. उन्हे शहर के तौर-तरीके नही आते हैं.. !

    आखिर सेठानी कि जिद पर 1 गाँव पहुंचे.. सेठजी ने कहा - " बेटी जरा चीकू शेक ले आओ.. ! "

    बेचारी लड़की को कुछ समझ नही आया.. !

    वह रसोईघर मे गई.. 4 चीकू लिये.. तवे पर सेका.. मसाला डाला और प्लेट मे चीकू सेक कर ले आई.. !

    सेठ सेठानी इस चीकू शेक को देखते ही रह गए.. !

    अब सेठजी के कहने पर शहर मे लड़की देखने गये.. !

    सेठानी ने नई बहू की परीक्षा लेने के लिए बोला - " बेटी जरा पापड़ सेक लाओ.. ! "

    लड़की किचन मे गई.. 4 पापड़ लिए.. मिक्सर मे डाले.. पानी मिलाया और गिलास मे भर कर ले आई.. और बोली :-- " लीजिये पापड़ शेक.. ! "

    छोरा अभी भी कुंवारा ही है.. !!!
    मुंबई मे एक सेठ सेठानी में बहस हो गई.. कि उनके एक मात्र लड़के के लिये गाँव की बहू लाऐं या शहर की..? सेठानी कहती कि गाँव की लाऐंगे.. क्योंकि वह घर का काम संभाल लेगी.. ! सेठजी कहते कि वे गँवार होती हैं.. उन्हे शहर के तौर-तरीके नही आते हैं.. ! आखिर सेठानी कि जिद पर 1 गाँव पहुंचे.. सेठजी ने कहा - " बेटी जरा चीकू शेक ले आओ.. ! " बेचारी लड़की को कुछ समझ नही आया.. ! वह रसोईघर मे गई.. 4 चीकू लिये.. तवे पर सेका.. मसाला डाला और प्लेट मे चीकू सेक कर ले आई.. ! सेठ सेठानी इस चीकू शेक को देखते ही रह गए.. ! अब सेठजी के कहने पर शहर मे लड़की देखने गये.. ! सेठानी ने नई बहू की परीक्षा लेने के लिए बोला - " बेटी जरा पापड़ सेक लाओ.. ! " लड़की किचन मे गई.. 4 पापड़ लिए.. मिक्सर मे डाले.. पानी मिलाया और गिलास मे भर कर ले आई.. और बोली :-- " लीजिये पापड़ शेक.. ! " छोरा अभी भी कुंवारा ही है.. !!!
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  • "तेरी आहटों का असर दिल पे यूँ छाया है,
    जैसे हर ख्वाब ने तेरा नाम दोहराया है।
    मालूम है तू मुकद्दर की लकीरों में नहीं,
    फिर भी हर दुआ ने तुझे ही अपनाया है।"

    =============== END ===============

    #Shayari, #HindiShayari, #LoveShayari, #SadShayari, #RomanticShayari, #UrduShayari, #ShayariLovers, #DilKiBaat, #Mohabbat, #Ishq, #BrokenHeart, #HeartTouching, #EmotionalShayari, #PoetryLovers, #WritersOfIndia, #DesiPoetry, #LoveQuotes, #SadQuotes, #Feelings, #Alfaaz, #Zindagi, #InstaShayari, #PoetryGram, #SoulfulWords, #DeepFeelings
    "तेरी आहटों का असर दिल पे यूँ छाया है, जैसे हर ख्वाब ने तेरा नाम दोहराया है। मालूम है तू मुकद्दर की लकीरों में नहीं, फिर भी हर दुआ ने तुझे ही अपनाया है।" =============== END =============== #Shayari, #HindiShayari, #LoveShayari, #SadShayari, #RomanticShayari, #UrduShayari, #ShayariLovers, #DilKiBaat, #Mohabbat, #Ishq, #BrokenHeart, #HeartTouching, #EmotionalShayari, #PoetryLovers, #WritersOfIndia, #DesiPoetry, #LoveQuotes, #SadQuotes, #Feelings, #Alfaaz, #Zindagi, #InstaShayari, #PoetryGram, #SoulfulWords, #DeepFeelings
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  • यह कहानी है एक छोटे से गाँव की, जहां राधा और मोनू एक-दूसरे के पड़ोसी थे।

    राधा एक सुंदर और समझदार लड़की थी, जबकि मोनू एक सहज और दिल के साफ लड़का था।

    गाँववालों की आँखों में, राधा और मोनू के बीच की दोस्ती कुछ खास थी।

    पहली बार जब राधा और मोनू मिले, वे एक-दूसरे से बहुत प्राकृतिक रूप से बातचीत करने लगे।

    दोनों की पहली मुलाकात से ही उनमें एक अजीब सा कनेक्शन था।

    वे एक-दूसरे को समझते थे और अपनी बातें साझा करते थे, जैसे कि वे सिर्फ दो दोस्त हों।

    समय के साथ, राधा और मोनू की दोस्ती में एक परिवर्तन हुआ और वे एक-दूसरे के प्रति अधिक आकर्षित होने लगे।

    राधा को लगने लगा कि वह मोनू के साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताना चाहती है, और मोनू भी उससे प्यार करने लगा था।

    एक दिन, मोनू ने अपने दिल की बात राधा से कह दी।

    राधा थोड़ी सी हैरानी में थी, लेकिन फिर उसने भी अपने दिल की बात मोनू से कह दी।

    उनका प्यार एक नए आरंभ की ओर बढ़ गया।

    गाँववालों ने दोनों को एक-दूसरे के साथ देखकर खुश हुए और उनके प्यार की कहानी गाँव की बात बन गई।

    राधा और मोनू ने एक-दूसरे के साथ अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की, और उनकी प्रेम कहानी गाँव के लोगों के बीच में मिथक बन गई।
    यह कहानी है एक छोटे से गाँव की, जहां राधा और मोनू एक-दूसरे के पड़ोसी थे। राधा एक सुंदर और समझदार लड़की थी, जबकि मोनू एक सहज और दिल के साफ लड़का था। गाँववालों की आँखों में, राधा और मोनू के बीच की दोस्ती कुछ खास थी। पहली बार जब राधा और मोनू मिले, वे एक-दूसरे से बहुत प्राकृतिक रूप से बातचीत करने लगे। दोनों की पहली मुलाकात से ही उनमें एक अजीब सा कनेक्शन था। वे एक-दूसरे को समझते थे और अपनी बातें साझा करते थे, जैसे कि वे सिर्फ दो दोस्त हों। समय के साथ, राधा और मोनू की दोस्ती में एक परिवर्तन हुआ और वे एक-दूसरे के प्रति अधिक आकर्षित होने लगे। राधा को लगने लगा कि वह मोनू के साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताना चाहती है, और मोनू भी उससे प्यार करने लगा था। एक दिन, मोनू ने अपने दिल की बात राधा से कह दी। राधा थोड़ी सी हैरानी में थी, लेकिन फिर उसने भी अपने दिल की बात मोनू से कह दी। उनका प्यार एक नए आरंभ की ओर बढ़ गया। गाँववालों ने दोनों को एक-दूसरे के साथ देखकर खुश हुए और उनके प्यार की कहानी गाँव की बात बन गई। राधा और मोनू ने एक-दूसरे के साथ अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की, और उनकी प्रेम कहानी गाँव के लोगों के बीच में मिथक बन गई।
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  • एक आदमी ने एक बहुत ही खूबसूरत लड़की से शादी की।

    शादी के बाद दोनो की ज़िन्दगी बहुत प्यार से गुजर रही थी।

    वह उसे बहुत चाहता था और उसकी खूबसूरती की हमेशा तारीफ़ किया करता था।

    लेकिन कुछ महीनों के बाद लड़की चर्मरोग (Skin Disease) से ग्रसित हो गई और धीरे-धीरे उसकी खूबसूरती जाने लगी।

    खुद को इस तरह देख उसके मन में डर समाने लगा कि यदि वह बदसूरत हो गई, तो उसका पति उससे नफ़रत करने लगेगा और वह उसकी नफ़रत बर्दाशत नहीं कर पाएगी।

    इस बीच एकदिन पति को किसी काम से शहर से बाहर जाना पड़ा।

    काम ख़त्म कर जब वह घर वापस लौट रहा था, उसका Accident हो गया।

    Accident में उसने अपनी दोनो आँखें खो दी।

    लेकिन इसके बावजूद भी उन दोनो की जिंदगी सामान्य तरीके से आगे बढ़ती रही।

    समय गुजरता रहा और अपने चर्मरोग के कारण लड़की ने अपनी खूबसूरती पूरी तरह गंवा दी।

    वह बदसूरत हो गई, लेकिन अंधे पति को इस बारे में कुछ भी पता नहीं था।

    इसलिए इसका उनके खुशहाल विवाहित जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

    वह उसे उसी तरह प्यार करता रहा।

    एकदिन उस लड़की की मौत हो गई।

    पति अब अकेला हो गया था। वह बहुत दु:खी था। वह उस शहर को छोड़कर जाना चाहता था।

    उसने अंतिम संस्कार की सारी क्रियाविधि पूर्ण की और शहर छोड़कर जाने लगा।

    तभी एक आदमी ने पीछे से उसे पुकारा और पास आकर कहा,

    “अब तुम बिना सहारे के अकेले कैसे चल पाओगे?

    इतने साल तो तुम्हारी पत्नि तुम्हारी मदद किया करती थी।

    पति ने जवाब दिया, दोस्त! मैं अंधा नहीं हूँ! मैं बस अंधा होने का नाटक कर रहा था।

    क्योंकि यदि मेरी पत्नि को पता चल जाता कि मैं उसकी बदसूरती देख सकता हूँ, तो यह उसे उसके रोग से ज्यादा दर्द देता।

    इसलिए मैंने इतने साल अंधे होने का दिखावा किया।

    वह बहुत अच्छी पत्नि थी। मैं बस उसे खुश रखना चाहता था।
    एक आदमी ने एक बहुत ही खूबसूरत लड़की से शादी की। शादी के बाद दोनो की ज़िन्दगी बहुत प्यार से गुजर रही थी। वह उसे बहुत चाहता था और उसकी खूबसूरती की हमेशा तारीफ़ किया करता था। लेकिन कुछ महीनों के बाद लड़की चर्मरोग (Skin Disease) से ग्रसित हो गई और धीरे-धीरे उसकी खूबसूरती जाने लगी। खुद को इस तरह देख उसके मन में डर समाने लगा कि यदि वह बदसूरत हो गई, तो उसका पति उससे नफ़रत करने लगेगा और वह उसकी नफ़रत बर्दाशत नहीं कर पाएगी। इस बीच एकदिन पति को किसी काम से शहर से बाहर जाना पड़ा। काम ख़त्म कर जब वह घर वापस लौट रहा था, उसका Accident हो गया। Accident में उसने अपनी दोनो आँखें खो दी। लेकिन इसके बावजूद भी उन दोनो की जिंदगी सामान्य तरीके से आगे बढ़ती रही। समय गुजरता रहा और अपने चर्मरोग के कारण लड़की ने अपनी खूबसूरती पूरी तरह गंवा दी। वह बदसूरत हो गई, लेकिन अंधे पति को इस बारे में कुछ भी पता नहीं था। इसलिए इसका उनके खुशहाल विवाहित जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। वह उसे उसी तरह प्यार करता रहा। एकदिन उस लड़की की मौत हो गई। पति अब अकेला हो गया था। वह बहुत दु:खी था। वह उस शहर को छोड़कर जाना चाहता था। उसने अंतिम संस्कार की सारी क्रियाविधि पूर्ण की और शहर छोड़कर जाने लगा। तभी एक आदमी ने पीछे से उसे पुकारा और पास आकर कहा, “अब तुम बिना सहारे के अकेले कैसे चल पाओगे? इतने साल तो तुम्हारी पत्नि तुम्हारी मदद किया करती थी। पति ने जवाब दिया, दोस्त! मैं अंधा नहीं हूँ! मैं बस अंधा होने का नाटक कर रहा था। क्योंकि यदि मेरी पत्नि को पता चल जाता कि मैं उसकी बदसूरती देख सकता हूँ, तो यह उसे उसके रोग से ज्यादा दर्द देता। इसलिए मैंने इतने साल अंधे होने का दिखावा किया। वह बहुत अच्छी पत्नि थी। मैं बस उसे खुश रखना चाहता था।
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  • दुकानदार (कारीगर से)- क्या राय साहब के घर के

    दरवाजे की घंटी ठीक कर आए ?'

    कारीगर (दुकानदार से) - कैसे करता ?

    मैं काफी देर तक घंटी बजाता रहा,

    पर किसी ने दरवाजा ही नहीं खोला।'
    दुकानदार (कारीगर से)- क्या राय साहब के घर के दरवाजे की घंटी ठीक कर आए ?' कारीगर (दुकानदार से) - कैसे करता ? मैं काफी देर तक घंटी बजाता रहा, पर किसी ने दरवाजा ही नहीं खोला।'
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  • जज (अभियुक्त से)- तुम्हारी पहली पत्नी की मात कार दुर्घटना से हुई थी,

    जबकि दूसरी पत्नी जहर खाकर मर गई। ऐसा क्‍यों हुआ ?

    अभियुक्त (जज से)- दूसरी पत्नी कार चलाना नहीं जानती थी।
    जज (अभियुक्त से)- तुम्हारी पहली पत्नी की मात कार दुर्घटना से हुई थी, जबकि दूसरी पत्नी जहर खाकर मर गई। ऐसा क्‍यों हुआ ? अभियुक्त (जज से)- दूसरी पत्नी कार चलाना नहीं जानती थी।
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  • एक छाताधारी सैनिक से उनके अफसर ने पूछा, 'तुमने कितनी बार हवाई जहाज से छलांग लगाई है।'

    'केवल एक बार।' सैनिक ने उत्तर दिया।

    "लेकिन तुम्हारे सर्विस रिकाई में तो पन्द्रह बार लिखा हुआ है।'

    'शेष चौदह बार तो मुझे धकेला गया था।' सैनिक ने कहा।
    एक छाताधारी सैनिक से उनके अफसर ने पूछा, 'तुमने कितनी बार हवाई जहाज से छलांग लगाई है।' 'केवल एक बार।' सैनिक ने उत्तर दिया। "लेकिन तुम्हारे सर्विस रिकाई में तो पन्द्रह बार लिखा हुआ है।' 'शेष चौदह बार तो मुझे धकेला गया था।' सैनिक ने कहा।
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  • एक 85 साल की बूढ़ी औरत एक बस में चढ़ती है।

    हर सीट पर पहले से कोई न कोई बैठा हैं।

    बूढ़ी एक नौजवान लड़के के सीट के नजदीक जाकर खड़ी हो जाती हैं।

    तकरीबन 5 मिनट तक खड़ी रहने के बाद भी जब वो लड़का बूढ़ी को बैठने के

    लिए सीट ऑफर नहीं करता तो वो उस लड़के को गुस्से से घूरने लगती हैं।

    बूढ़ी को इस तरह से घूरता देख लड़का उससे पूछता है - क्या मै आपकी कोई मदद कर सकता हूं ?

    बूढ़ी - हा, तुम देख रहे हो मैं यहां काफी देर से खड़ी हूं लेकिन तुम इतने बेशर्म हो की तुमने मुझे बैठने के लिए अब तक अपनी सीट नहीं दी!

    लड़का - क्या आप मुझे कोई खास वजह बता सकती है कि मैं भला क्यों अपनी सीट आपको दे दू ?

    बूढ़ी - एक नहीं में कई वाजिब वजह बताती हूं।

    1. मै 85 साल की हूं।

    2. मेरा एक पैर तकरीबन लकवा मार गया है।

    3. मेरे पति कि अभी अभी मौत हुई है।

    4. तुम अभी जवान हो तुम खड़े होकर भी सफर कर सकते हो।

    और भी है मगर क्या तुम एक भी वजह बता सकते हो मुझे सीट ना देने की ?

    लड़का - माफ कीजिए माजी मेरे पास इतने कारण तो नहीं है बस एक ही है कि में ड्राइवर हूं और ये ड्राइवर की सीट है!!
    एक 85 साल की बूढ़ी औरत एक बस में चढ़ती है। हर सीट पर पहले से कोई न कोई बैठा हैं। बूढ़ी एक नौजवान लड़के के सीट के नजदीक जाकर खड़ी हो जाती हैं। तकरीबन 5 मिनट तक खड़ी रहने के बाद भी जब वो लड़का बूढ़ी को बैठने के लिए सीट ऑफर नहीं करता तो वो उस लड़के को गुस्से से घूरने लगती हैं। बूढ़ी को इस तरह से घूरता देख लड़का उससे पूछता है - क्या मै आपकी कोई मदद कर सकता हूं ? बूढ़ी - हा, तुम देख रहे हो मैं यहां काफी देर से खड़ी हूं लेकिन तुम इतने बेशर्म हो की तुमने मुझे बैठने के लिए अब तक अपनी सीट नहीं दी! लड़का - क्या आप मुझे कोई खास वजह बता सकती है कि मैं भला क्यों अपनी सीट आपको दे दू ? बूढ़ी - एक नहीं में कई वाजिब वजह बताती हूं। 1. मै 85 साल की हूं। 2. मेरा एक पैर तकरीबन लकवा मार गया है। 3. मेरे पति कि अभी अभी मौत हुई है। 4. तुम अभी जवान हो तुम खड़े होकर भी सफर कर सकते हो। और भी है मगर क्या तुम एक भी वजह बता सकते हो मुझे सीट ना देने की ? लड़का - माफ कीजिए माजी मेरे पास इतने कारण तो नहीं है बस एक ही है कि में ड्राइवर हूं और ये ड्राइवर की सीट है!!
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