संता सिंह को मनोविज्ञान पढ़ने की सूझी। वह उसी में डूब गए। एक दिन उनका एक मित्र मिला। संता
सिंह ने उससे कहा, मैंने सुना था कि तुम्हारा देहांत हो गया है। मित्र ने कहा, लेकिन मैं तो तुम्हारे सामने जीवित खड़ा हूं। असंभव। जिसने मुझे यह बताया था, वह तुम्हारी तुलना में ज्यादा भरोसेमंद था। संता सिंह ने
मनोविज्ञान बघारा। भविष्यफल भविष्यफल पढ़ते हुए विकास ने सत्यजीत से पूछा- तुम्हारा क्या विचार है, इस
भविष्यफल के बारे में ? सत्यजीत- 'मैंने पिछले हफ्ते पढ़ा था कि इस माह आपके साथ ऐसी कुछ घटना होगी,
जिससे आपकी बोलती बंद हो जाएगी। विकास- 'तो क्या फिर वैसी कोई घटना हुई ? सत्यजीत- हाँ, मेरा मोबाइल गुम गया।
संता सिंह को मनोविज्ञान पढ़ने की सूझी। वह उसी में डूब गए। एक दिन उनका एक मित्र मिला। संतासिंह ने उससे कहा, मैंने सुना था कि तुम्हारा देहांत हो गया है। मित्र ने कहा, लेकिन मैं तो तुम्हारे सामने जीवित खड़ा हूं। असंभव। जिसने मुझे यह बताया था, वह तुम्हारी तुलना में ज्यादा भरोसेमंद था। संता सिंह नेमनोविज्ञान बघारा। भविष्यफल भविष्यफल पढ़ते हुए विकास ने सत्यजीत से पूछा- तुम्हारा क्या विचार है, इसभविष्यफल के बारे में ? सत्यजीत- 'मैंने पिछले हफ्ते पढ़ा था कि इस माह आपके साथ ऐसी कुछ घटना होगी,जिससे आपकी बोलती बंद हो जाएगी। विकास- 'तो क्या फिर वैसी कोई घटना हुई ? सत्यजीत- हाँ, मेरा मोबाइल गुम गया।
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