एक दिन ऊँचा सुनने वाला एक चार साल का लड़का स्कूल से घर लौटा, तो उसकी
जेब में उसके शिक्षक का एक नोट रखा था, जिस पर लिखा था, आपका टॉमी इतना
मंदबुद्धि का है कि वह कुछ नहीं सीख सकता। उसे स्कूल से बाहर निकाल लीजिये। उसकी माँ ने वह नोट पढ़ कर जवाब दिया, मेरा टॉमी इतना मंदबुद्धि नहीं है कि कुछ सीख न सके। मैं उसे खुद पढ़ाऊंगी। और वही टॉमी एक दिन बड़ा होकर महान थॉमस एडीसन बना। वह स्कूल में केवल तीन महीने पढ़ सके थे।
एक दिन ऊँचा सुनने वाला एक चार साल का लड़का स्कूल से घर लौटा, तो उसकी जेब में उसके शिक्षक का एक नोट रखा था, जिस पर लिखा था, आपका टॉमी इतना मंदबुद्धि का है कि वह कुछ नहीं सीख सकता। उसे स्कूल से बाहर निकाल लीजिये। उसकी माँ ने वह नोट पढ़ कर जवाब दिया, मेरा टॉमी इतना मंदबुद्धि नहीं है कि कुछ सीख न सके। मैं उसे खुद पढ़ाऊंगी। और वही टॉमी एक दिन बड़ा होकर महान थॉमस एडीसन बना। वह स्कूल में केवल तीन महीने पढ़ सके थे।
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