Upgrade to Pro

एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल से कहा, एक ऐसे मनुष्य को लाओ जो पीर, बाबर्ची, भिश्ती और खर हो।

बादशाह का हुक्म पाकर बीरबल ऐसे चारों गुणों से युक्त व्यक्ति की खोज करने निकल पड़े। रास्ते में उन्हें एक गरीब ब्राह्मण की याद आई। वह ब्राह्मण कठिन परिश्रम करके अपनी जीविका चलाता था।

बीरबल उस ब्राह्मण के पास पहुंचे और उससे अपने साथ चलने को कहा।

दरबार में पहुंचकर बीरबल ने उस ब्राह्मण को बादशाह अकबर के सामने खड़ा कर दिया और बोले, जहाँपनाह, इस ब्राह्मण में आपके बताए चारों गुण मौजूद हैं।

बादशाह ने पूछा, विस्तारपूर्वक समझाओ।

बीरबल ने उत्तर दिया, जहाँपनाह, ब्राह्मण जगद्गुरु होते हैं इस नाते यह पीर है।

ब्राह्मण के हाथ का भोजन सब लोग बिना किसी भेदभाव के करते हैं इसलिए यह बाबर्ची भी है।

ब्राह्मण के हाथ का पानी पीने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होती, इस कारण यह भिश्ती भी है और इस मनुष्य का पेशा बोझा ढोना है इसलिए यह खर यानी गधे का भी काम करता है।

बीरबल का उत्तर सुनकर बादशाह अकबर बहुत खुश हुए। उन्होंने उस ब्राह्मण को पुरस्कार देकर विदा किया।
एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल से कहा, एक ऐसे मनुष्य को लाओ जो पीर, बाबर्ची, भिश्ती और खर हो। बादशाह का हुक्म पाकर बीरबल ऐसे चारों गुणों से युक्त व्यक्ति की खोज करने निकल पड़े। रास्ते में उन्हें एक गरीब ब्राह्मण की याद आई। वह ब्राह्मण कठिन परिश्रम करके अपनी जीविका चलाता था। बीरबल उस ब्राह्मण के पास पहुंचे और उससे अपने साथ चलने को कहा। दरबार में पहुंचकर बीरबल ने उस ब्राह्मण को बादशाह अकबर के सामने खड़ा कर दिया और बोले, जहाँपनाह, इस ब्राह्मण में आपके बताए चारों गुण मौजूद हैं। बादशाह ने पूछा, विस्तारपूर्वक समझाओ। बीरबल ने उत्तर दिया, जहाँपनाह, ब्राह्मण जगद्गुरु होते हैं इस नाते यह पीर है। ब्राह्मण के हाथ का भोजन सब लोग बिना किसी भेदभाव के करते हैं इसलिए यह बाबर्ची भी है। ब्राह्मण के हाथ का पानी पीने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होती, इस कारण यह भिश्ती भी है और इस मनुष्य का पेशा बोझा ढोना है इसलिए यह खर यानी गधे का भी काम करता है। बीरबल का उत्तर सुनकर बादशाह अकबर बहुत खुश हुए। उन्होंने उस ब्राह्मण को पुरस्कार देकर विदा किया।
1
1 Comments ·454 Views ·0 Reviews
Talkfever - Growing worldwide https://talkfever.com