Atualize para o Pro

  • 1
    ·469 Visualizações ·0 Anterior
  • 1
    ·488 Visualizações ·0 Anterior
  • 1
    ·504 Visualizações ·0 Anterior
  • 3
    1 Comentários ·512 Visualizações ·0 Anterior
  • 1
    1 Comentários ·545 Visualizações ·0 Anterior
  • 1
    1 Comentários ·500 Visualizações ·0 Anterior
  • 2
    1 Comentários ·537 Visualizações ·0 Anterior
  • 3
    1 Comentários ·510 Visualizações ·0 Anterior
  • 👉👉गागरोन दुर्ग में 2 शाके हुए :- पहला शाका 1423 ई. में हुआ, जब मांडू के सुल्तान अलपखां गौरी (होशंगशाह) ने आक्रमण किया। गागरोन के शासक वीर अचलदास खींची ने अलप खां से युद्ध लड़ा व दुर्ग में जौहर हुआ।

    👉👉दूसरा शाका 1444 ई. में हुआ, जब मांडू के सुल्तान महमूद खिलजी ने आक्रमण किया। इस समय गागरोन के शासक पल्हणसी खींची थे। वीरांगनाओं ने जौहर किया।

    महमूद खिलजी ने गागरोन का नाम मुस्तफाबाद रख दिया था, लेकिन आज भी यह दुर्ग गागरोन नाम से ही जाना जाता है।
    👉👉गागरोन दुर्ग में 2 शाके हुए :- पहला शाका 1423 ई. में हुआ, जब मांडू के सुल्तान अलपखां गौरी (होशंगशाह) ने आक्रमण किया। गागरोन के शासक वीर अचलदास खींची ने अलप खां से युद्ध लड़ा व दुर्ग में जौहर हुआ। 👉👉दूसरा शाका 1444 ई. में हुआ, जब मांडू के सुल्तान महमूद खिलजी ने आक्रमण किया। इस समय गागरोन के शासक पल्हणसी खींची थे। वीरांगनाओं ने जौहर किया। महमूद खिलजी ने गागरोन का नाम मुस्तफाबाद रख दिया था, लेकिन आज भी यह दुर्ग गागरोन नाम से ही जाना जाता है।
    1
    ·2K Visualizações ·1 Compartilhamentos ·0 Anterior
  • ·624 Visualizações ·0 Anterior
Talkfever - Growing worldwide https://talkfever.com