Mise à niveau vers Pro

  • 1
    ·477 Vue ·0 Aperçu
  • 1
    ·496 Vue ·0 Aperçu
  • 1
    ·511 Vue ·0 Aperçu
  • 3
    1 Commentaires ·520 Vue ·0 Aperçu
  • 1
    1 Commentaires ·553 Vue ·0 Aperçu
  • 1
    1 Commentaires ·507 Vue ·0 Aperçu
  • 2
    1 Commentaires ·545 Vue ·0 Aperçu
  • 3
    1 Commentaires ·518 Vue ·0 Aperçu
  • 👉👉गागरोन दुर्ग में 2 शाके हुए :- पहला शाका 1423 ई. में हुआ, जब मांडू के सुल्तान अलपखां गौरी (होशंगशाह) ने आक्रमण किया। गागरोन के शासक वीर अचलदास खींची ने अलप खां से युद्ध लड़ा व दुर्ग में जौहर हुआ।

    👉👉दूसरा शाका 1444 ई. में हुआ, जब मांडू के सुल्तान महमूद खिलजी ने आक्रमण किया। इस समय गागरोन के शासक पल्हणसी खींची थे। वीरांगनाओं ने जौहर किया।

    महमूद खिलजी ने गागरोन का नाम मुस्तफाबाद रख दिया था, लेकिन आज भी यह दुर्ग गागरोन नाम से ही जाना जाता है।
    👉👉गागरोन दुर्ग में 2 शाके हुए :- पहला शाका 1423 ई. में हुआ, जब मांडू के सुल्तान अलपखां गौरी (होशंगशाह) ने आक्रमण किया। गागरोन के शासक वीर अचलदास खींची ने अलप खां से युद्ध लड़ा व दुर्ग में जौहर हुआ। 👉👉दूसरा शाका 1444 ई. में हुआ, जब मांडू के सुल्तान महमूद खिलजी ने आक्रमण किया। इस समय गागरोन के शासक पल्हणसी खींची थे। वीरांगनाओं ने जौहर किया। महमूद खिलजी ने गागरोन का नाम मुस्तफाबाद रख दिया था, लेकिन आज भी यह दुर्ग गागरोन नाम से ही जाना जाता है।
    1
    ·2KB Vue ·1 Parts ·0 Aperçu
  • ·641 Vue ·0 Aperçu
Talkfever - Growing worldwide https://talkfever.com