👉👉होटल पर बैठे à¤à¤• शखà¥à¤¸ ने दूसरे से कहा यह होटल पर काम करने वाला बचà¥à¤šà¤¾ इतना बेवकूफ है कि मैं पाà¤à¤š सौ और पचास का नोट रखूंगा तो यह पचास का ही नोट उठाà¤à¤—ा। और साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ को आवाज़ दी और दो नोट सामने रखते हà¥à¤ बोला इन मे से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पैसों वाला नोट उठा लो, बचà¥à¤šà¥‡ ने पचास का नोट उठा लिया।
👉👉दोनों ने क़हक़हे लगाठऔर बचà¥à¤šà¤¾ अपने काम मे लग गया पास बैठे शखà¥à¤¸ ने उन दोनों के जाने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ और पूछा तà¥à¤® इतने बड़े हो गठतà¥à¤® को पचास और पाà¤à¤š सौ के नोट में फरà¥à¤• नही पता।
👉👉यह सà¥à¤¨à¤•र बचà¥à¤šà¤¾ मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¾ और बोला-- यह आदमी अकà¥à¤¸à¤° किसी न किसी दोसà¥à¤¤ को मेरी बेवक़ूफ़ी दिखाकर à¤à¤¨à¥à¤œà¥‰à¤¯ करने के लिठयह काम करता है और मैं पचास का नोट उठा लेता हूà¤, वह खà¥à¤¶ हो जाते है और मà¥à¤à¥‡ पचास रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ मिल जाते है, जिस दिन मैंने पाà¤à¤š सौ उठा लिया उस दिन यह खेल à¤à¥€ खतà¥à¤® हो जाà¤à¤—ा और मेरी आमदनी à¤à¥€à¥¤
ज़िनà¥à¤¦à¤—ी à¤à¥€ इस खेल की ही तरह है हर जगह समà¤à¤¦à¤¾à¤° बनने की जरूरत नही होती, "जहां समà¤à¤¦à¤¾à¤° बनने से अपनी ही खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मà¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¿à¤° होती हो वहां बेवक़ूफ़ बन जाना समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है।"
👉👉होटल पर बैठे à¤à¤• शखà¥à¤¸ ने दूसरे से कहा यह होटल पर काम करने वाला बचà¥à¤šà¤¾ इतना बेवकूफ है कि मैं पाà¤à¤š सौ और पचास का नोट रखूंगा तो यह पचास का ही नोट उठाà¤à¤—ा। और साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ को आवाज़ दी और दो नोट सामने रखते हà¥à¤ बोला इन मे से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पैसों वाला नोट उठा लो, बचà¥à¤šà¥‡ ने पचास का नोट उठा लिया।
👉👉दोनों ने क़हक़हे लगाठऔर बचà¥à¤šà¤¾ अपने काम मे लग गया पास बैठे शखà¥à¤¸ ने उन दोनों के जाने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ और पूछा तà¥à¤® इतने बड़े हो गठतà¥à¤® को पचास और पाà¤à¤š सौ के नोट में फरà¥à¤• नही पता।
👉👉यह सà¥à¤¨à¤•र बचà¥à¤šà¤¾ मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¾ और बोला-- यह आदमी अकà¥à¤¸à¤° किसी न किसी दोसà¥à¤¤ को मेरी बेवक़ूफ़ी दिखाकर à¤à¤¨à¥à¤œà¥‰à¤¯ करने के लिठयह काम करता है और मैं पचास का नोट उठा लेता हूà¤, वह खà¥à¤¶ हो जाते है और मà¥à¤à¥‡ पचास रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ मिल जाते है, जिस दिन मैंने पाà¤à¤š सौ उठा लिया उस दिन यह खेल à¤à¥€ खतà¥à¤® हो जाà¤à¤—ा और मेरी आमदनी à¤à¥€à¥¤
ज़िनà¥à¤¦à¤—ी à¤à¥€ इस खेल की ही तरह है हर जगह समà¤à¤¦à¤¾à¤° बनने की जरूरत नही होती, "जहां समà¤à¤¦à¤¾à¤° बनने से अपनी ही खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मà¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¿à¤° होती हो वहां बेवक़ूफ़ बन जाना समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है।"