• “अभी खामोश हैं कदम मेरे, मगर सफर जारी है,
    हर ठोकर ने सिखाया है कि जीत हमारी है।
    जो आज मेहनत में जल रहे हैं धूप की तरह,
    कल वही चमकेंगे आसमान में सितारों की तरह।”


    =============== END ===============


    #Motivation #SuccessQuotes #HindiShayari #InspirationalShayari #LifeQuotes #PositiveThoughts #MotivationalLines #HustleMindset #DreamBig #SuccessMindset #HindiQuotes #ShayariLovers #DailyMotivation #SelfGrowth #PowerfulWords #MindsetMatters #MotivationInHindi #InspirationalQuotes #Goals #HardWorkPaysOff #BelieveInYourself #PremiumContent #ViralShayari #WinnersMindset #StayInspired #QuoteOfTheDay #MotivationDaily #SuccessJourney #HindiMotivation #ShayariStatus
    “अभी खामोश हैं कदम मेरे, मगर सफर जारी है, हर ठोकर ने सिखाया है कि जीत हमारी है। जो आज मेहनत में जल रहे हैं धूप की तरह, कल वही चमकेंगे आसमान में सितारों की तरह।” =============== END =============== #Motivation #SuccessQuotes #HindiShayari #InspirationalShayari #LifeQuotes #PositiveThoughts #MotivationalLines #HustleMindset #DreamBig #SuccessMindset #HindiQuotes #ShayariLovers #DailyMotivation #SelfGrowth #PowerfulWords #MindsetMatters #MotivationInHindi #InspirationalQuotes #Goals #HardWorkPaysOff #BelieveInYourself #PremiumContent #ViralShayari #WinnersMindset #StayInspired #QuoteOfTheDay #MotivationDaily #SuccessJourney #HindiMotivation #ShayariStatus
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 356 Views 0 önizleme
  • एक बालक अभी पुरे दो साल का भी नहीं हुआ था की उसके पिता की मृत्यु हो गयी। ऐसी कठिन परिस्थिति में उसकी मां उसे लेकर अपने मायके में रहने लगी। सभी उसे नन्हा कहकर पुकारते थे। छोटे से कद का बालक शारीरिक रूप से दुर्बल था किन्तु मानसिक रूप से अत्यंत मेधावी। उसे जो कुछ भी कहा या सिखाया जाता वह बड़े मनोयोग से उसे ग्रहण करता था। धीरे-धीरे दिन बीतते गए और बालक छह वर्ष का हो गया। एक बार वह अपने कुछ मित्रों के साथ मिलकर किसी बाग़ में फूल तोड़ने
    पहुंचा। वह बालक और उसके सभी फल तोड़ने लगे। तभी माली आ गया। उस बालक के सभी
    मित्र भाग गए, लेकिन वह माली की पकड़ में आ गया। माली ने उसे डंडे से पीटना शुरू किया। नन्हा मार खाता रहा और फिर धीमी
    आवाज में माली से बोला - मेरे पिता इस दुनिया में नहीं हैं, इसलिए तुम मुझे
    इस तरह मार रहे हो ?बालक की बात सुनकर माली का हाथ रुक गया। माली शांत होकर बोला - बेटा,
    तुम्हारे पिता के न होने से तुम्हारी जिम्मेवारी और अधिक बढ़ जाती है कि तुम
    कोई गलत काम नहीं करो। यह सुनकर नन्हा बालक फूट-फूट कर रो पड़ा और फिर कभी गलत काम न करने का संकल्प लिया। यही नन्हा बालक बड़ा होकर लाल बहादुर शास्त्री के नाम से वख्यात हुआ और
    प्रधानमंत्री के रूप में अपने गुण व व्यवहार से सर्वत्र प्रशंसा पाई। कथा का सार यह है कि मां-बाप के अमूल्य मार्गदर्शन के आभाव की स्थिति में और अधिक जिम्मेदार बनकर आत्मविकास करना चाहिए।
    एक बालक अभी पुरे दो साल का भी नहीं हुआ था की उसके पिता की मृत्यु हो गयी। ऐसी कठिन परिस्थिति में उसकी मां उसे लेकर अपने मायके में रहने लगी। सभी उसे नन्हा कहकर पुकारते थे। छोटे से कद का बालक शारीरिक रूप से दुर्बल था किन्तु मानसिक रूप से अत्यंत मेधावी। उसे जो कुछ भी कहा या सिखाया जाता वह बड़े मनोयोग से उसे ग्रहण करता था। धीरे-धीरे दिन बीतते गए और बालक छह वर्ष का हो गया। एक बार वह अपने कुछ मित्रों के साथ मिलकर किसी बाग़ में फूल तोड़ने पहुंचा। वह बालक और उसके सभी फल तोड़ने लगे। तभी माली आ गया। उस बालक के सभी मित्र भाग गए, लेकिन वह माली की पकड़ में आ गया। माली ने उसे डंडे से पीटना शुरू किया। नन्हा मार खाता रहा और फिर धीमी आवाज में माली से बोला - मेरे पिता इस दुनिया में नहीं हैं, इसलिए तुम मुझे इस तरह मार रहे हो ?बालक की बात सुनकर माली का हाथ रुक गया। माली शांत होकर बोला - बेटा, तुम्हारे पिता के न होने से तुम्हारी जिम्मेवारी और अधिक बढ़ जाती है कि तुम कोई गलत काम नहीं करो। यह सुनकर नन्हा बालक फूट-फूट कर रो पड़ा और फिर कभी गलत काम न करने का संकल्प लिया। यही नन्हा बालक बड़ा होकर लाल बहादुर शास्त्री के नाम से वख्यात हुआ और प्रधानमंत्री के रूप में अपने गुण व व्यवहार से सर्वत्र प्रशंसा पाई। कथा का सार यह है कि मां-बाप के अमूल्य मार्गदर्शन के आभाव की स्थिति में और अधिक जिम्मेदार बनकर आत्मविकास करना चाहिए।
    Like
    1
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 1K Views 0 önizleme
  • एक फौजी अफसर ने मेज पर रखे हुए बिस्कुट के डिब्बों की तरफ इशारा करते हुए अपने सिपाहियों से
    कहा - जवानो, इन पर इस तरह टूट पड़ो, जैसे लडाई में दुश्मन पर टूटते हैं।
    यह सुनते ही सिपाही बिस्कुटों पर टूट पड़े और उन्हें खाने में जुट गए। लेकिन एक सिपाही कुछ
    बिस्कुट खाता, कुछ अपनी जेब में रखता जा रहा था। अफसर ने उसे देख लिया।पूछा - नौजवान, ये क्या कर रहे हो?दुश्मनों को कैदी बना रहा हूं सर- जवान ने जवाब दिया।सेना का एक जवान अपने अधिकारी से आठ दिन की छुट्टी माँगने गया तो अधिकारी ने उसे टालने
    की गरज से कहा 'जाओ पहले दुश्मन की सेना का एक टैंक ले आओदूसरे दिन जवान सचमुच दुश्मन का एक टैंक लेकर आ गया, इस पर अधिकारी ने आश्चर्य में भरकर
    पूछा ये तुमने कैसे किया?इसमें कौन सी बड़ी बात है, जवान ने सरलता से कहा जब उन्हें आठ दिन की छुट्टी चाहिए होती है तो
    वे हमसे टैंक ले जाते हैं।डैडी-एक किशोर ने पूछा- "अगर मैं कार चोरी कर लूं तो क्या होगा?
    "तो तू जेल जाएगा और क्या होगा?- पिता ने उत्तर दिया।किशोर सकपकाया, हकबकाया, उसने बेचैनी से पहलू बदला और फिर बोला-'डैडी, मेरी गैरहाजिरी में
    आप कार की सवस वगैरह तो कराते रहोगे न?मम्मी (राजू से) : बेटे, टिकट लगा कर चिट्ठी को लेटर बाक्स में डाल आए हो न?
    राजू : मम्मी, टिकट खरीदने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
    मम्मी : क्यों?राजू : क्योंकि लेटर बाक्स की ओर कोई देख नहीं रहा था इसलिए मैं ने बिना टिकट लगाए चिट्ठी उस
    में डाल दी।
    एक बड़ा-सा कुत्ता एक छोटे से बच्चे के मुंह और हाथ को चाटने लगा। उससे एक साल बड़ा भाई मारे डर
    के चीखने लगा।मां ने अंदर से पूछा-कुत्ते ने काटा तो नहीं?बेटे ने जवाब दिया-नहीं अभी तो चख रहा है।प्रेमिका से भेंट होने पर प्रेमी बोला - आज मैं अपने ड्राइवर की छुट्टी कर रहा हूं। उसने मुझे तीन बार
    मौत के मुंह में पहुंचा दिया।छोड़ो प्यारे। प्रेमिका ने कहा - उसे एक मौका और दो बेचारा बीबी बच्चों वाला है।एक आदमी ने अपनी उम्र, आय आदि का ब्यौरा देते हुए अखबार में विज्ञापन दिया, पत्नी चाहिए।जवाब में उसके पास दो सौ से अधिक पुरुषों के पत्र आए। उन्होंने लिखा था, मेरी ले जाएं।
    एक फौजी अफसर ने मेज पर रखे हुए बिस्कुट के डिब्बों की तरफ इशारा करते हुए अपने सिपाहियों से कहा - जवानो, इन पर इस तरह टूट पड़ो, जैसे लडाई में दुश्मन पर टूटते हैं। यह सुनते ही सिपाही बिस्कुटों पर टूट पड़े और उन्हें खाने में जुट गए। लेकिन एक सिपाही कुछ बिस्कुट खाता, कुछ अपनी जेब में रखता जा रहा था। अफसर ने उसे देख लिया।पूछा - नौजवान, ये क्या कर रहे हो?दुश्मनों को कैदी बना रहा हूं सर- जवान ने जवाब दिया।सेना का एक जवान अपने अधिकारी से आठ दिन की छुट्टी माँगने गया तो अधिकारी ने उसे टालने की गरज से कहा 'जाओ पहले दुश्मन की सेना का एक टैंक ले आओदूसरे दिन जवान सचमुच दुश्मन का एक टैंक लेकर आ गया, इस पर अधिकारी ने आश्चर्य में भरकर पूछा ये तुमने कैसे किया?इसमें कौन सी बड़ी बात है, जवान ने सरलता से कहा जब उन्हें आठ दिन की छुट्टी चाहिए होती है तो वे हमसे टैंक ले जाते हैं।डैडी-एक किशोर ने पूछा- "अगर मैं कार चोरी कर लूं तो क्या होगा? "तो तू जेल जाएगा और क्या होगा?- पिता ने उत्तर दिया।किशोर सकपकाया, हकबकाया, उसने बेचैनी से पहलू बदला और फिर बोला-'डैडी, मेरी गैरहाजिरी में आप कार की सवस वगैरह तो कराते रहोगे न?मम्मी (राजू से) : बेटे, टिकट लगा कर चिट्ठी को लेटर बाक्स में डाल आए हो न? राजू : मम्मी, टिकट खरीदने की जरूरत ही नहीं पड़ी। मम्मी : क्यों?राजू : क्योंकि लेटर बाक्स की ओर कोई देख नहीं रहा था इसलिए मैं ने बिना टिकट लगाए चिट्ठी उस में डाल दी। एक बड़ा-सा कुत्ता एक छोटे से बच्चे के मुंह और हाथ को चाटने लगा। उससे एक साल बड़ा भाई मारे डर के चीखने लगा।मां ने अंदर से पूछा-कुत्ते ने काटा तो नहीं?बेटे ने जवाब दिया-नहीं अभी तो चख रहा है।प्रेमिका से भेंट होने पर प्रेमी बोला - आज मैं अपने ड्राइवर की छुट्टी कर रहा हूं। उसने मुझे तीन बार मौत के मुंह में पहुंचा दिया।छोड़ो प्यारे। प्रेमिका ने कहा - उसे एक मौका और दो बेचारा बीबी बच्चों वाला है।एक आदमी ने अपनी उम्र, आय आदि का ब्यौरा देते हुए अखबार में विज्ञापन दिया, पत्नी चाहिए।जवाब में उसके पास दो सौ से अधिक पुरुषों के पत्र आए। उन्होंने लिखा था, मेरी ले जाएं।
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 786 Views 0 önizleme
  • एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपर
    वाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी।
    खास बात यह थी कि इमारत में
    लिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियां
    चढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ी
    अभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा-


    आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैं
    चाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिए


    जोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।
    एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपर वाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी। खास बात यह थी कि इमारत में लिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियां चढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ी अभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा- आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैं चाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिए जोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 4K Views 0 önizleme
  • एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपर
    वाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी। खास बात यह थी कि इमारत में
    लिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियां
    चढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ी
    अभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा-


    आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैं
    चाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिए


    जोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।
    एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपर वाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी। खास बात यह थी कि इमारत में लिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियां चढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ी अभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा- आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैं चाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिए जोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।
    Like
    1
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 661 Views 0 önizleme
  • एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपर
    वाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी। खास बात यह थी कि इमारत में
    लिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियां
    चढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ी
    अभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा-


    आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैं
    चाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिए


    जोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।
    एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जब बूढ़ी हो गई तो वह इमारत की सबसे ऊपर वाली मंजिल पर फ्लैट लेकर रहने लगी। खास बात यह थी कि इमारत में लिफ्ट नहीं थी। एक दिन उसका कोई प्रशंसक मंजिलो की सारी सीढियां चढ़कर हांफता हुआ उसके फ्लैट तक पहुंचा। घंटी की आवाज सुनकर बूढ़ी अभिनेत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला। उस प्रशंसक ने हांफते हुए पूछा- आपने इतनी ऊंचाई पर फ्लैट क्यों लिया। 'भला क्‍या करती ? इस उम्र में यही एक तरीका रह गया था। दरअसल मैं चाहती हूं कि जब मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आएं तो उनका दिल मेरे लिए जोरो से धड़क रहा हो।' बूढी अभिनेत्री ने जवाब दिया।
    Like
    1
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 663 Views 0 önizleme
  • कुत्ते और मुर्गे में बड़ी दोस्ती थी। एक दिन दोनों घूमते-फिरते जंगल में जा पहुंचे और घंटों गप्पे लगाते रहे। धीरे-धीरे शाम हो गई तथा रात सर पर आ पहुंची। मुर्गे ने घबड़ाकर कहा-अब क्या किया जाए ? बातों ही बातों में सूरज डूब गया और यह चाँद दिखने लगा। अब रात में घर पहुंचना तो मुश्किल है। कुत्ता लापरवाही से बोला-घबड़ाने की क्या जरूरत है। फुर्र से उस डाल पर जा बैठे और मजे से रात बिताओ। मैं भी इसी पेड़ के निचे डेरा डालकर खर्राटे मारता हूँ। जब सबेरा होगा तब घूमते-फिरते घर पहुंच जाऊँगा। बस मुर्गा फुर्र से पेड़ की डाल पर बैठा और कुत्ता पेड़ के तने से टिक कर धरती पर लेट गया। सबेरा होते-होते मुर्गा जाएगा और अपनी आदत के अनुसार लगा जोर से बोलने कुकड़-कूं-कुकड़-कूं। मुर्गा की यह कुकड़-कूं सारे जंगल में गूंज उठी और एक सियार लप-झप करता हुआ उस पेड़ के पास आ पहुंचा। मुर्गे को देखते ही वह बहुत प्रसन्न हुआ और वह मन में सोचने लगा-कितना अच्छा है सबेरा आज का। जरा-सी हिकमत लगाई कि मुर्गी कलेट बनकर मेरे मुंह में आया नहीं। मन में
    वह विचार आते ही सियार ने मुस्कुराकर मुर्गे से कहा-अहा मुर्गे भाई कितना
    मीठा है तुम्हारा गाना। मुझे भी गाने का कुछ-कुछ शौक है। बस नीचे उत्तर जाओ थोड़ा देर के लिए और मेरे साथ गाओ। क्या तुम मेरी यह छोटी-सी इच्छा पूरी नहीं कर सकते ?मुर्गी भी बुद्धू नहीं था। वह सियार के मन की बात ताड़ गया। फिर भी मुस्कुराकर बोला तुम्हारी बात मुझे बहुत पसंद आई। सियार भाई! मैं अभी नीचे आती हूँ और तुम्हारे सुर में सुर मिलाकर गाता हूँ। मेरा एक मित्र उस तरफ पेड़ में सटकर सो रहा है। उसे भी जगा लो न ? वह बजा बजायेगा और हम दोनों मिलकर गायेंगे, सच कहता हूँ मजा आ जायेगा। यह सुनते ही सियार मारे ख़ुशी के नाच उठा। वह लपककर पेड़ के उस ओर में जा पहुंचा जिस ओर कुत्ता सो रहा था। कुत्ते पर नजर पड़ते ही उसके प्राण सुख गए। वह तेजी से भागने लगा। मुर्गे की बात सुनकर कुत्ता सावधान ही चुका था। भला यह सियार को कब छोड़ने वाला था। उसने एक सपाटे में उसका गला धार दबाया। यह देखकर मुर्गा हंसा और बोला मूर्ख कहीं का। आया था मेरी बात में इतना
    भी नहीं जानता था कि जो दूसरों को छलता है वह स्वयं ही छला जाता है।
    कुत्ते और मुर्गे में बड़ी दोस्ती थी। एक दिन दोनों घूमते-फिरते जंगल में जा पहुंचे और घंटों गप्पे लगाते रहे। धीरे-धीरे शाम हो गई तथा रात सर पर आ पहुंची। मुर्गे ने घबड़ाकर कहा-अब क्या किया जाए ? बातों ही बातों में सूरज डूब गया और यह चाँद दिखने लगा। अब रात में घर पहुंचना तो मुश्किल है। कुत्ता लापरवाही से बोला-घबड़ाने की क्या जरूरत है। फुर्र से उस डाल पर जा बैठे और मजे से रात बिताओ। मैं भी इसी पेड़ के निचे डेरा डालकर खर्राटे मारता हूँ। जब सबेरा होगा तब घूमते-फिरते घर पहुंच जाऊँगा। बस मुर्गा फुर्र से पेड़ की डाल पर बैठा और कुत्ता पेड़ के तने से टिक कर धरती पर लेट गया। सबेरा होते-होते मुर्गा जाएगा और अपनी आदत के अनुसार लगा जोर से बोलने कुकड़-कूं-कुकड़-कूं। मुर्गा की यह कुकड़-कूं सारे जंगल में गूंज उठी और एक सियार लप-झप करता हुआ उस पेड़ के पास आ पहुंचा। मुर्गे को देखते ही वह बहुत प्रसन्न हुआ और वह मन में सोचने लगा-कितना अच्छा है सबेरा आज का। जरा-सी हिकमत लगाई कि मुर्गी कलेट बनकर मेरे मुंह में आया नहीं। मन में वह विचार आते ही सियार ने मुस्कुराकर मुर्गे से कहा-अहा मुर्गे भाई कितना मीठा है तुम्हारा गाना। मुझे भी गाने का कुछ-कुछ शौक है। बस नीचे उत्तर जाओ थोड़ा देर के लिए और मेरे साथ गाओ। क्या तुम मेरी यह छोटी-सी इच्छा पूरी नहीं कर सकते ?मुर्गी भी बुद्धू नहीं था। वह सियार के मन की बात ताड़ गया। फिर भी मुस्कुराकर बोला तुम्हारी बात मुझे बहुत पसंद आई। सियार भाई! मैं अभी नीचे आती हूँ और तुम्हारे सुर में सुर मिलाकर गाता हूँ। मेरा एक मित्र उस तरफ पेड़ में सटकर सो रहा है। उसे भी जगा लो न ? वह बजा बजायेगा और हम दोनों मिलकर गायेंगे, सच कहता हूँ मजा आ जायेगा। यह सुनते ही सियार मारे ख़ुशी के नाच उठा। वह लपककर पेड़ के उस ओर में जा पहुंचा जिस ओर कुत्ता सो रहा था। कुत्ते पर नजर पड़ते ही उसके प्राण सुख गए। वह तेजी से भागने लगा। मुर्गे की बात सुनकर कुत्ता सावधान ही चुका था। भला यह सियार को कब छोड़ने वाला था। उसने एक सपाटे में उसका गला धार दबाया। यह देखकर मुर्गा हंसा और बोला मूर्ख कहीं का। आया था मेरी बात में इतना भी नहीं जानता था कि जो दूसरों को छलता है वह स्वयं ही छला जाता है।
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 311 Views 0 önizleme
  • एक 20-22 साल का नौजवान सुपर मार्केट में दाखिल हुआ ।कुछ ख़रीदारी कर ही रहा था कि उसे महसूस हुआ कि कोई औरत उसका पीछा कर रही है ।मगर उसने अपना शक समझते हुए नज़रअंदाज़ किया और ख़रीदारी में मसरूफ हो गया ।लेकिन वह औरत लगातार उसका पीछा कर रही थी, अबकी बार उस नौजवान से रहा न गया ।वह अचानक उस औरत की तरफ मुड़ा और पूछा,


    माँ जी खैरियत है ? औरत बोली बेटा आपकी शक्ल मेरे मरहूम बेटे से बहुत ज्यादा मिलती जुलती है ।मैं ना चाहते हुए भी आपको अपना बेटा समझते हुए आपके पीछे चल पड़ी,


    और आप ने मुझे माँ जी कहा तो मेरे दिल के जज़्बात और खुशी बयां करने लायक नही।


    औरत ने यह कहा और उसकी आँखों से आँसू बहने शुरू हो गये। नौजवान कहता है कोई बात नहीं माँ जी आप मुझे अपना बेटा ही समझें।वह औरत बोली कि बेटा क्या आप मुझे एक बार फिर माँ जी कहोगे


    नौजवान ने ऊँची आवाज़ से कहा, जी माँ जीपर उस औरत ने ऐसा बर्ताव किया जैसे उसने सुना ही ना हो,


    नौजवान ने फिर ऊंची आवाज़ में कहा जी माँ जी.... ।औरत ने सुना और नौजवान के दोनों हाथ पकड़ कर चूमे ,


    अपने आंखों से लगाऐ और रोते हुए वहां से रुखसत हो गई।नौजवान उस मंज़र को देख कर अपने आप पर काबू नहीं कर सका और उसकी आंखों से आंसू बहने लगे,वह अपनी खरीदारी पूरी करे बगैर ही वापस चल दिया।काउंटर पर पहुँचा तो कैशियर ने दस हज़ार का बिल थमा दिया....


    नौजवान ने पूछा दस हज़ार कैसे ? कैशियर ने कहा आठ सौ का बिल आपका है ।और नौ हजार दो सौ का आपकी माँ के हैं,


    जिन्हें आप अभी माँ जी माँ जी कह रहे थे।वह दिन और आज का दिन,


    नौजवान अपनी असली मां को भी मौसी कहता है।
    एक 20-22 साल का नौजवान सुपर मार्केट में दाखिल हुआ ।कुछ ख़रीदारी कर ही रहा था कि उसे महसूस हुआ कि कोई औरत उसका पीछा कर रही है ।मगर उसने अपना शक समझते हुए नज़रअंदाज़ किया और ख़रीदारी में मसरूफ हो गया ।लेकिन वह औरत लगातार उसका पीछा कर रही थी, अबकी बार उस नौजवान से रहा न गया ।वह अचानक उस औरत की तरफ मुड़ा और पूछा, माँ जी खैरियत है ? औरत बोली बेटा आपकी शक्ल मेरे मरहूम बेटे से बहुत ज्यादा मिलती जुलती है ।मैं ना चाहते हुए भी आपको अपना बेटा समझते हुए आपके पीछे चल पड़ी, और आप ने मुझे माँ जी कहा तो मेरे दिल के जज़्बात और खुशी बयां करने लायक नही। औरत ने यह कहा और उसकी आँखों से आँसू बहने शुरू हो गये। नौजवान कहता है कोई बात नहीं माँ जी आप मुझे अपना बेटा ही समझें।वह औरत बोली कि बेटा क्या आप मुझे एक बार फिर माँ जी कहोगे नौजवान ने ऊँची आवाज़ से कहा, जी माँ जीपर उस औरत ने ऐसा बर्ताव किया जैसे उसने सुना ही ना हो, नौजवान ने फिर ऊंची आवाज़ में कहा जी माँ जी.... ।औरत ने सुना और नौजवान के दोनों हाथ पकड़ कर चूमे , अपने आंखों से लगाऐ और रोते हुए वहां से रुखसत हो गई।नौजवान उस मंज़र को देख कर अपने आप पर काबू नहीं कर सका और उसकी आंखों से आंसू बहने लगे,वह अपनी खरीदारी पूरी करे बगैर ही वापस चल दिया।काउंटर पर पहुँचा तो कैशियर ने दस हज़ार का बिल थमा दिया.... नौजवान ने पूछा दस हज़ार कैसे ? कैशियर ने कहा आठ सौ का बिल आपका है ।और नौ हजार दो सौ का आपकी माँ के हैं, जिन्हें आप अभी माँ जी माँ जी कह रहे थे।वह दिन और आज का दिन, नौजवान अपनी असली मां को भी मौसी कहता है।
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 259 Views 0 önizleme
  • “हमने ख़ामोशियों में भी दास्ताँ लिख दी,
    जिन्हें पढ़ना था, उन्होंने नज़रें फेर ली;
    तुम्हें न भाए लफ़्ज़ हमारे तो ग़म क्या है,
    अभी तो दुनिया ने हमारी पहचान भी नहीं ली।”


    =============== END ===============


    #HindiShayari, #UrduShayari, #ShayariLovers, #PoetryCommunity, #PoetryLovers, #ShayariQuotes, #ShayariStatus, #LoveShayari, #SadShayari, #DeepShayari, #PremiumShayari, #ElitePoetry, #PoetryGram, #WritersOfInstagram, #InstaPoetry, #SpokenWordIndia, #IndianPoets, #HindiPoetry, #UrduPoetry, #CreativeWriting, #LiteraryVibes, #PoetryAddict
    “हमने ख़ामोशियों में भी दास्ताँ लिख दी, जिन्हें पढ़ना था, उन्होंने नज़रें फेर ली; तुम्हें न भाए लफ़्ज़ हमारे तो ग़म क्या है, अभी तो दुनिया ने हमारी पहचान भी नहीं ली।” =============== END =============== #HindiShayari, #UrduShayari, #ShayariLovers, #PoetryCommunity, #PoetryLovers, #ShayariQuotes, #ShayariStatus, #LoveShayari, #SadShayari, #DeepShayari, #PremiumShayari, #ElitePoetry, #PoetryGram, #WritersOfInstagram, #InstaPoetry, #SpokenWordIndia, #IndianPoets, #HindiPoetry, #UrduPoetry, #CreativeWriting, #LiteraryVibes, #PoetryAddict
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 1K Views 0 önizleme
  • एक 20-22 साल का नौजवान सुपर मार्केट में दाखिल हुआ ।कुछ ख़रीदारी कर ही रहा था कि उसे महसूस हुआ कि कोई औरत उसका पीछा कर रही है ।मगर उसने अपना शक समझते हुए नज़रअंदाज़ किया और ख़रीदारी में मसरूफ हो गया ।लेकिन वह औरत लगातार उसका पीछा कर रही थी, अबकी बार उस नौजवान से रहा न गया ।वह अचानक उस औरत की तरफ मुड़ा और पूछा,


    माँ जी खैरियत है ? औरत बोली बेटा आपकी शक्ल मेरे मरहूम बेटे से बहुत ज्यादा मिलती जुलती है ।मैं ना चाहते हुए भी आपको अपना बेटा समझते हुए आपके पीछे चल पड़ी,


    और आप ने मुझे माँ जी कहा तो मेरे दिल के जज़्बात और खुशी बयां करने लायक नही।


    औरत ने यह कहा और उसकी आँखों से आँसू बहने शुरू हो गये। नौजवान कहता है कोई बात नहीं माँ जी आप मुझे अपना बेटा ही समझें।वह औरत बोली कि बेटा क्या आप मुझे एक बार फिर माँ जी कहोगे


    नौजवान ने ऊँची आवाज़ से कहा, जी माँ जीपर उस औरत ने ऐसा बर्ताव किया जैसे उसने सुना ही ना हो,


    नौजवान ने फिर ऊंची आवाज़ में कहा जी माँ जी.... ।औरत ने सुना और नौजवान के दोनों हाथ पकड़ कर चूमे ,


    अपने आंखों से लगाऐ और रोते हुए वहां से रुखसत हो गई।नौजवान उस मंज़र को देख कर अपने आप पर काबू नहीं कर सका और उसकी आंखों से आंसू बहने लगे,वह अपनी खरीदारी पूरी करे बगैर ही वापस चल दिया।काउंटर पर पहुँचा तो कैशियर ने दस हज़ार का बिल थमा दिया....


    नौजवान ने पूछा दस हज़ार कैसे ? कैशियर ने कहा आठ सौ का बिल आपका है ।और नौ हजार दो सौ का आपकी माँ के हैं,


    जिन्हें आप अभी माँ जी माँ जी कह रहे थे।वह दिन और आज का दिन,


    नौजवान अपनी असली मां को भी मौसी कहता है।
    एक 20-22 साल का नौजवान सुपर मार्केट में दाखिल हुआ ।कुछ ख़रीदारी कर ही रहा था कि उसे महसूस हुआ कि कोई औरत उसका पीछा कर रही है ।मगर उसने अपना शक समझते हुए नज़रअंदाज़ किया और ख़रीदारी में मसरूफ हो गया ।लेकिन वह औरत लगातार उसका पीछा कर रही थी, अबकी बार उस नौजवान से रहा न गया ।वह अचानक उस औरत की तरफ मुड़ा और पूछा, माँ जी खैरियत है ? औरत बोली बेटा आपकी शक्ल मेरे मरहूम बेटे से बहुत ज्यादा मिलती जुलती है ।मैं ना चाहते हुए भी आपको अपना बेटा समझते हुए आपके पीछे चल पड़ी, और आप ने मुझे माँ जी कहा तो मेरे दिल के जज़्बात और खुशी बयां करने लायक नही। औरत ने यह कहा और उसकी आँखों से आँसू बहने शुरू हो गये। नौजवान कहता है कोई बात नहीं माँ जी आप मुझे अपना बेटा ही समझें।वह औरत बोली कि बेटा क्या आप मुझे एक बार फिर माँ जी कहोगे नौजवान ने ऊँची आवाज़ से कहा, जी माँ जीपर उस औरत ने ऐसा बर्ताव किया जैसे उसने सुना ही ना हो, नौजवान ने फिर ऊंची आवाज़ में कहा जी माँ जी.... ।औरत ने सुना और नौजवान के दोनों हाथ पकड़ कर चूमे , अपने आंखों से लगाऐ और रोते हुए वहां से रुखसत हो गई।नौजवान उस मंज़र को देख कर अपने आप पर काबू नहीं कर सका और उसकी आंखों से आंसू बहने लगे,वह अपनी खरीदारी पूरी करे बगैर ही वापस चल दिया।काउंटर पर पहुँचा तो कैशियर ने दस हज़ार का बिल थमा दिया.... नौजवान ने पूछा दस हज़ार कैसे ? कैशियर ने कहा आठ सौ का बिल आपका है ।और नौ हजार दो सौ का आपकी माँ के हैं, जिन्हें आप अभी माँ जी माँ जी कह रहे थे।वह दिन और आज का दिन, नौजवान अपनी असली मां को भी मौसी कहता है।
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 593 Views 0 önizleme
  • एक आदमी सुबह को समुद्र के किनारे टहल रहा था । उसने देखा कि लहरों के साथ सैकड़ों स्टार मछलियाँ तट पर आ जाती हैं, जब
    लहरे पीछे जाती हैं तो मछलियाँ किनारे पर ही जाती हैं और धूप से मर जाती
    हैं । लहरें उसी समय लौटी थी और स्टार मछलियाँ अभी जीवित थी । वह आदमी कुछ कदम आगे बढ़ा, उसने एक मछली उठाई और पानी में फेंक दी । वह ऐसा बार-बार करता रहा । उस आदमी के ठीक पीछे एक और आदमी था, जो यह नहीं समझ पा रहा था कि वह क्या कर रहा है । वह उसके पास आया और पूछा तुम क्या कर रहे हो ? यहाँ तो सैकड़ों स्टार मछलियाँ हैं । तुम कितनें को बचा सकोगे ?तुम्हारे ऐसा करने से क्या फर्क पड़ेगा ? उस आदमी ने कोई जवाब नहीं दिया, दो कदम आगे बढ़कर उसने एक और मछली को
    उठाकर पानी में फेंक दिया और बोला, इससे इस एक मछली को तो फर्क पड़ता है । हम कौन-सा फर्क डाल रहे हैं ? बड़ा या छोटा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता । अगर सब थोड़ा-थोड़ा फर्क लाएँ तो बहुत बड़ा फर्क पड़ेगा ।
    एक आदमी सुबह को समुद्र के किनारे टहल रहा था । उसने देखा कि लहरों के साथ सैकड़ों स्टार मछलियाँ तट पर आ जाती हैं, जब लहरे पीछे जाती हैं तो मछलियाँ किनारे पर ही जाती हैं और धूप से मर जाती हैं । लहरें उसी समय लौटी थी और स्टार मछलियाँ अभी जीवित थी । वह आदमी कुछ कदम आगे बढ़ा, उसने एक मछली उठाई और पानी में फेंक दी । वह ऐसा बार-बार करता रहा । उस आदमी के ठीक पीछे एक और आदमी था, जो यह नहीं समझ पा रहा था कि वह क्या कर रहा है । वह उसके पास आया और पूछा तुम क्या कर रहे हो ? यहाँ तो सैकड़ों स्टार मछलियाँ हैं । तुम कितनें को बचा सकोगे ?तुम्हारे ऐसा करने से क्या फर्क पड़ेगा ? उस आदमी ने कोई जवाब नहीं दिया, दो कदम आगे बढ़कर उसने एक और मछली को उठाकर पानी में फेंक दिया और बोला, इससे इस एक मछली को तो फर्क पड़ता है । हम कौन-सा फर्क डाल रहे हैं ? बड़ा या छोटा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता । अगर सब थोड़ा-थोड़ा फर्क लाएँ तो बहुत बड़ा फर्क पड़ेगा ।
    Like
    1
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 235 Views 0 önizleme
  • रोक ले चाहे जितनी आंधियां राहों को,
    मेरे हौसलों का इम्तिहान अभी बाकी है,
    मैं ठहरा नहीं हूं किसी मंज़िल पे आकर,
    मेरी हर जीत के पीछे एक आसमान अभी बाकी है।


    =============== END ===============


    #MotivationHindi, #PowerfulLines, #SuccessMindset, #HindiShayari, #AttitudeQuotes, #HustleIndia, #NeverGiveUp, #DreamBigIndia, #InspirationalShayari, #RiseAndShine, #SelfBelief, #WinningMindset, #ShayariLovers, #EliteThoughts, #GrowthMentality, #IndianCreators, #LifeQuotesHindi, #StayFocused, #MindsetMatters, #PremiumContent
    रोक ले चाहे जितनी आंधियां राहों को, मेरे हौसलों का इम्तिहान अभी बाकी है, मैं ठहरा नहीं हूं किसी मंज़िल पे आकर, मेरी हर जीत के पीछे एक आसमान अभी बाकी है। =============== END =============== #MotivationHindi, #PowerfulLines, #SuccessMindset, #HindiShayari, #AttitudeQuotes, #HustleIndia, #NeverGiveUp, #DreamBigIndia, #InspirationalShayari, #RiseAndShine, #SelfBelief, #WinningMindset, #ShayariLovers, #EliteThoughts, #GrowthMentality, #IndianCreators, #LifeQuotesHindi, #StayFocused, #MindsetMatters, #PremiumContent
    0 Yorumlar 0 hisse senetleri 2K Views 0 önizleme
Arama Sonuçları
Talkfever - Growing worldwide https://talkfever.com/