ये खेजड़ी खींवसर नागौर के आकला गांव में है ।। बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— कहते है कि इस पर बहà¥à¤¤ बार बिजली गिर चà¥à¤•ी है।।फिर à¤à¥€ इसकी हिमà¥à¤®à¤¤ देखो तनो के दीमक लग चà¥à¤•ी है फिर à¤à¥€ हरी है।।
इसे कहते हैं समय चाहे केसा à¤à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो हमे कà¤à¥€ हिमà¥à¤®à¤¤ नहीं हारनी चाहिà¤à¥¤à¥¤
दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ यह कितने साल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ हो सकती है।
इसे कहते हैं समय चाहे केसा à¤à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो हमे कà¤à¥€ हिमà¥à¤®à¤¤ नहीं हारनी चाहिà¤à¥¤à¥¤
दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ यह कितने साल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ हो सकती है।
ये खेजड़ी खींवसर नागौर के आकला गांव में है ।। बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— कहते है कि इस पर बहà¥à¤¤ बार बिजली गिर चà¥à¤•ी है।।फिर à¤à¥€ इसकी हिमà¥à¤®à¤¤ देखो तनो के दीमक लग चà¥à¤•ी है फिर à¤à¥€ हरी है।।
इसे कहते हैं समय चाहे केसा à¤à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो हमे कà¤à¥€ हिमà¥à¤®à¤¤ नहीं हारनी चाहिà¤à¥¤à¥¤
दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ यह कितने साल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ हो सकती है।
·2KB Ansichten
·1 Geteilt
·0 Bewertungen