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  • विश्व के सबसे बड़े ऊर्जा संसाधन देश🛢️🌍🇮🇳
    #ऊर्जासंसाधन #WorldEnergy #EnergyResources #TopEnergyCountries
    विश्व के सबसे बड़े ऊर्जा संसाधन देश🛢️🌍🇮🇳 #ऊर्जासंसाधन #WorldEnergy #EnergyResources #TopEnergyCountries
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  • भारतीय जनता पार्टी को सशक्त, संगठित और राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व की नई ऊर्जा प्रदान करने वाले आदरणीय श्री नितिन नवीन जी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
    आपके दूरदर्शी, निर्णायक एवं कर्मठ नेतृत्व में संगठन न केवल और अधिक सुदृढ़ होगा, बल्कि राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए अभूतपूर्व ऊँचाइयों को स्पर्श करेगे—यही हमारी मंगलकामना है।
    भारतीय जनता पार्टी को सशक्त, संगठित और राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व की नई ऊर्जा प्रदान करने वाले आदरणीय श्री नितिन नवीन जी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आपके दूरदर्शी, निर्णायक एवं कर्मठ नेतृत्व में संगठन न केवल और अधिक सुदृढ़ होगा, बल्कि राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए अभूतपूर्व ऊँचाइयों को स्पर्श करेगे—यही हमारी मंगलकामना है।
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  • कार का ब्रेक सिस्टम गाड़ी को रोकता नहीं, बल्कि उसकी रफ्तार को गर्मी में बदल देता है—यही इसका असली विज्ञान है। जब आप ब्रेक पैडल दबाते हैं, तो हाइड्रोलिक सिस्टम ब्रेक पैड्स को तेज़ी से घूमती हुई ब्रेक डिस्क के साथ ज़ोर से दबा देता है।

    इस दबाव से पैड और डिस्क के बीच घर्षण (Friction) पैदा होता है। घर्षण गाड़ी की गतिज ऊर्जा (Speed / Kinetic Energy) को धीरे-धीरे ऊष्मा (Heat) में बदल देता है। जैसे-जैसे ऊर्जा गर्मी में बदलती जाती है, पहियों की गति कम होती जाती है और कार रुक जाती है।

    इसी वजह से तेज़ ब्रेक लगाने के बाद पहिए और डिस्क बहुत गर्म हो जाते हैं। आधुनिक कारों में वेंटिलेटेड डिस्क, बेहतर ब्रेक पैड और ABS सिस्टम लगाए जाते हैं ताकि गर्मी जल्दी बाहर निकले और पहिए लॉक न हों, जिससे गाड़ी नियंत्रण में रहे।

    सरल शब्दों में, ब्रेक ताकत से नहीं, बल्कि ऊर्जा के रूपांतरण से काम करता है— Speed → Friction → Heat = Safe Stop
    कार का ब्रेक सिस्टम गाड़ी को रोकता नहीं, बल्कि उसकी रफ्तार को गर्मी में बदल देता है—यही इसका असली विज्ञान है। जब आप ब्रेक पैडल दबाते हैं, तो हाइड्रोलिक सिस्टम ब्रेक पैड्स को तेज़ी से घूमती हुई ब्रेक डिस्क के साथ ज़ोर से दबा देता है। इस दबाव से पैड और डिस्क के बीच घर्षण (Friction) पैदा होता है। घर्षण गाड़ी की गतिज ऊर्जा (Speed / Kinetic Energy) को धीरे-धीरे ऊष्मा (Heat) में बदल देता है। जैसे-जैसे ऊर्जा गर्मी में बदलती जाती है, पहियों की गति कम होती जाती है और कार रुक जाती है। इसी वजह से तेज़ ब्रेक लगाने के बाद पहिए और डिस्क बहुत गर्म हो जाते हैं। आधुनिक कारों में वेंटिलेटेड डिस्क, बेहतर ब्रेक पैड और ABS सिस्टम लगाए जाते हैं ताकि गर्मी जल्दी बाहर निकले और पहिए लॉक न हों, जिससे गाड़ी नियंत्रण में रहे। सरल शब्दों में, ब्रेक ताकत से नहीं, बल्कि ऊर्जा के रूपांतरण से काम करता है— Speed → Friction → Heat = Safe Stop
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  • DARPA (Defense Advanced Research Projects Agency) ने हाल ही में एक अभूतपूर्व सफलता हासिल की है जिसमें उन्होंने लगभग 8.6 किलोमीटर (5.3 मील) दूर, बिना तार के ऑप्टिकल लेज़र बीम के माध्यम से **800 वाट** बिजली स्थानांतरित की—और यह रिकॉर्ड 30 सेकेंड तक बरकरार रहा ([darpa.mil][1])।

    ### विस्तृत जानकारी:

    * इस प्रयोग का नाम "Persistent Optical Wireless Energy Relay" (संक्षेप में **POWER**) प्रोग्राम है।
    * न्यू मैक्सिको के व्हाइट सैंड्स मिसाइल रेंज में किए गए परीक्षण में लेज़र बीम भेजकर इसे एक विशेष प्रातिधात्री (receiver) द्वारा पकड़ा गया और इसे रैखिक विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया गया ([darpa.mil][1])।
    * यह रिकॉर्ड पिछले रिकॉर्ड—230 वाट की शक्ति 1.7 किमी दूर भेजने—से बहुत आगे है ([darpa.mil][1])।
    * इस पूरी प्रक्रिया में वर्तमान में लगभग **20% दक्षता** प्राप्त की गई है (लेज़र से विद्युतीय ऊर्जा में) ([theregister.com][2])।

    ### क्यों यह महत्वपूर्ण है?

    * इस तकनीक का भविष्य सैन्य अभियानों, प्राकृतिक आपदाओं में राहत अभियानों, और यहां तक कि अंतरिक्ष स्थित सौर पैनलों से ऊर्जा भेजने तक में है।
    * DARPA अगले चरण में ऊर्ध्वाधर बीमिंग (vertical power transmission), रिले ड्रोन, और अधिक दूरी तय करने का परीक्षण करने जा रहा है ([livescience.com][3])।
    DARPA (Defense Advanced Research Projects Agency) ने हाल ही में एक अभूतपूर्व सफलता हासिल की है जिसमें उन्होंने लगभग 8.6 किलोमीटर (5.3 मील) दूर, बिना तार के ऑप्टिकल लेज़र बीम के माध्यम से **800 वाट** बिजली स्थानांतरित की—और यह रिकॉर्ड 30 सेकेंड तक बरकरार रहा ([darpa.mil][1])। ### विस्तृत जानकारी: * इस प्रयोग का नाम "Persistent Optical Wireless Energy Relay" (संक्षेप में **POWER**) प्रोग्राम है। * न्यू मैक्सिको के व्हाइट सैंड्स मिसाइल रेंज में किए गए परीक्षण में लेज़र बीम भेजकर इसे एक विशेष प्रातिधात्री (receiver) द्वारा पकड़ा गया और इसे रैखिक विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया गया ([darpa.mil][1])। * यह रिकॉर्ड पिछले रिकॉर्ड—230 वाट की शक्ति 1.7 किमी दूर भेजने—से बहुत आगे है ([darpa.mil][1])। * इस पूरी प्रक्रिया में वर्तमान में लगभग **20% दक्षता** प्राप्त की गई है (लेज़र से विद्युतीय ऊर्जा में) ([theregister.com][2])। ### क्यों यह महत्वपूर्ण है? * इस तकनीक का भविष्य सैन्य अभियानों, प्राकृतिक आपदाओं में राहत अभियानों, और यहां तक कि अंतरिक्ष स्थित सौर पैनलों से ऊर्जा भेजने तक में है। * DARPA अगले चरण में ऊर्ध्वाधर बीमिंग (vertical power transmission), रिले ड्रोन, और अधिक दूरी तय करने का परीक्षण करने जा रहा है ([livescience.com][3])।
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  • *भगवान का वास्तविक अर्थ क्या है?*

    "भगवान" शब्द में छिपा है प्रकृति का सार — भू (पृथ्वी), गगन (आकाश), वायु, अग्नि और नीर (जल)। यही पंचमहाभूत हैं, जो इस ब्रह्मांड और हमारे अस्तित्व की आधारशिला हैं। अतः भगवान अर्थात ये पांच तत्व, और इन्हीं का दूसरा नाम है प्रकृति।

    हमारा शरीर भी इन्हीं पंचतत्वों से निर्मित है। इसलिए, स्वस्थ शरीर ही ईश्वर की सच्ची पूजा और उसका सम्मान है — क्योंकि उस शरीर में आत्मा रूपी चेतना स्वयं विराजमान रहती है।

    *क्यों आवश्यक है आयुर्वेद?*

    यदि हमारा शरीर स्टील, सीमेंट या केमिकल से बना होता, तो रासायनिक दवाएँ उपयुक्त होतीं। परन्तु हमारा शरीर प्राकृतिक तत्वों से बना है, इसलिए इसकी देखभाल भी प्राकृतिक उपायों — विशेषतः आयुर्वेद — से ही होनी चाहिए।

    *हमारा शरीर और पंचतत्व का संबंध:*

    भू (पृथ्वी): शरीर की हड्डियाँ, मांसपेशियाँ और त्वचा — सभी का मूल आधार मिट्टी है।

    नीर (जल): हमारे शरीर में 70% से अधिक जल है, ठीक वैसे ही जैसे पृथ्वी का भी अधिकांश भाग जल से आच्छादित है।

    वायु: श्वास द्वारा जीवन चलता है। वायु के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

    अग्नि: पाचन क्रिया में पेट की अग्नि महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब तक शरीर में यह ऊष्मा रहती है, तब तक वह जीवित है।

    गगन (आकाश): शरीर में सूक्ष्म स्थान, विचारों की गति, और चेतना का प्रवाह इसी आकाश तत्व के कारण संभव है।

    *पंचतत्व से ही उपचार संभव क्यों है?*

    इन तत्वों के संतुलन से ही हमारा शरीर स्वस्थ रह सकता है। जब हम प्रकृति के समीप होते हैं — पर्वतों, नदियों, अग्नि (सूर्य) के प्रकाश के पास — तो हम अधिक प्रसन्न और ऊर्जावान महसूस करते हैं। इसका कारण यही पंचतत्व हैं, जिनसे हमारा संपर्क गहरा होता है।

    *पौधे — पंचतत्व का जीवंत रूप:*

    पौधे मिट्टी में उगते हैं, जल से सिंचित होते हैं, सूर्य (अग्नि) से ऊर्जा लेते हैं, वायु से श्वास और आकाश में विस्तारित होते हैं। यही कारण है कि आयुर्वेद — जो जड़ी-बूटियों पर आधारित है — हमारे शरीर को पूर्ण रूप से संतुलित और स्वस्थ रखने की क्षमता रखता है।

    *निष्कर्ष:*
    हमारा शरीर पंचतत्वों से बना है और उसे स्वस्थ रखने के लिए हमें उन्हीं तत्वों से उपचार लेना चाहिए। आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली इस प्राकृतिक संतुलन को पुनर्स्थापित करती है। इसलिए, आयुर्वेद मात्र एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन के साथ जुड़ने का एक प्राकृतिक और दिव्य माध्यम है.
    *भगवान का वास्तविक अर्थ क्या है?* "भगवान" शब्द में छिपा है प्रकृति का सार — भू (पृथ्वी), गगन (आकाश), वायु, अग्नि और नीर (जल)। यही पंचमहाभूत हैं, जो इस ब्रह्मांड और हमारे अस्तित्व की आधारशिला हैं। अतः भगवान अर्थात ये पांच तत्व, और इन्हीं का दूसरा नाम है प्रकृति। हमारा शरीर भी इन्हीं पंचतत्वों से निर्मित है। इसलिए, स्वस्थ शरीर ही ईश्वर की सच्ची पूजा और उसका सम्मान है — क्योंकि उस शरीर में आत्मा रूपी चेतना स्वयं विराजमान रहती है। *क्यों आवश्यक है आयुर्वेद?* यदि हमारा शरीर स्टील, सीमेंट या केमिकल से बना होता, तो रासायनिक दवाएँ उपयुक्त होतीं। परन्तु हमारा शरीर प्राकृतिक तत्वों से बना है, इसलिए इसकी देखभाल भी प्राकृतिक उपायों — विशेषतः आयुर्वेद — से ही होनी चाहिए। *हमारा शरीर और पंचतत्व का संबंध:* भू (पृथ्वी): शरीर की हड्डियाँ, मांसपेशियाँ और त्वचा — सभी का मूल आधार मिट्टी है। नीर (जल): हमारे शरीर में 70% से अधिक जल है, ठीक वैसे ही जैसे पृथ्वी का भी अधिकांश भाग जल से आच्छादित है। वायु: श्वास द्वारा जीवन चलता है। वायु के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। अग्नि: पाचन क्रिया में पेट की अग्नि महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब तक शरीर में यह ऊष्मा रहती है, तब तक वह जीवित है। गगन (आकाश): शरीर में सूक्ष्म स्थान, विचारों की गति, और चेतना का प्रवाह इसी आकाश तत्व के कारण संभव है। *पंचतत्व से ही उपचार संभव क्यों है?* इन तत्वों के संतुलन से ही हमारा शरीर स्वस्थ रह सकता है। जब हम प्रकृति के समीप होते हैं — पर्वतों, नदियों, अग्नि (सूर्य) के प्रकाश के पास — तो हम अधिक प्रसन्न और ऊर्जावान महसूस करते हैं। इसका कारण यही पंचतत्व हैं, जिनसे हमारा संपर्क गहरा होता है। *पौधे — पंचतत्व का जीवंत रूप:* पौधे मिट्टी में उगते हैं, जल से सिंचित होते हैं, सूर्य (अग्नि) से ऊर्जा लेते हैं, वायु से श्वास और आकाश में विस्तारित होते हैं। यही कारण है कि आयुर्वेद — जो जड़ी-बूटियों पर आधारित है — हमारे शरीर को पूर्ण रूप से संतुलित और स्वस्थ रखने की क्षमता रखता है। *निष्कर्ष:* हमारा शरीर पंचतत्वों से बना है और उसे स्वस्थ रखने के लिए हमें उन्हीं तत्वों से उपचार लेना चाहिए। आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली इस प्राकृतिक संतुलन को पुनर्स्थापित करती है। इसलिए, आयुर्वेद मात्र एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन के साथ जुड़ने का एक प्राकृतिक और दिव्य माध्यम है.
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  • जो किसी ने नहीं किया वो WDA ने कर दिखाया।🔥⚔️🇮🇳⚔️😇💐💐
    One more feather in the Cap of Warriors Defence Academy Lucknow ⚔️🇮🇳⚔️🔥💞

    Warriors Defence Academy Lucknow के Cadets और Members के लिए जीवन का सबसे गौरवशाली पल जब सभी को IMA Dehradun की Passing Out Parade को सामने से देखने का मौका मिला और सैंकड़ों Cadets को भारतीय सेना में Officer बनता देख हमारे Young Warriors में अपने फौज के सपनों को पूरा करने में एक अलग और नई प्रकार की ऊर्जा का अनुभव हुआ।⚔️🇮🇳⚔️🔥

    IMA(Indian Military Academy) Dehradun से सैंकड़ों Officer Cadets पास होते ही भारतीय सेना में अफ़सर बन गए। Warriors Defence Academy के कई होनहार छात्र भी आज ऑफिसर बनके भारतीय सेना के अभिन्न अँग बन गए। ⚔️🇮🇳⚔️🔥
    Warriors Defence Academy Lucknow को भी इस गौरवशाली पल में उपस्थित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। Warriors Defence Academy Lko से छात्र-छात्राएँ और शिक्षकों के साथ निदेशक Gulab Singh Sir भी उपस्थित रहे।⚔️🇮🇳⚔️🔥
    WDA Lko IMA Commandant और सभी Officers और Staff Members का IMA POP में निमन्त्रण के लिए हृदय की गहराइयों से हार्दिक अभिनंदन और धन्यवाद ज्ञापित करती है ।💐💐🙏⚔️🇮🇳⚔️

    WDA है, तो मुमकिन है ।💞😍⚔️🇮🇳⚔️

    “Autumn Term 2024 Passing Out Parade at Indian Military Academy #IMA”

    Suprabal Janasewashree General Ashok Raj Sigdel, #COAS, #NepaliArmy reviewed the Passing Out Parade, #POP at #IMA, #Dehradun for the Autumn Term 2024. A total of 491 #GentlemanCadets, including 35 #GentlemanCadets from Friendly Foreign Countries, #FFC, of which two are from #Nepal, passed out today from the hallowed portals of #IMA.

    #COAS complimented the Cadets for their impeccable drill and turnout at the #POP. He shared lessons from his own military life and exhorted the passing out course to rise to the challenges while dedicating themselves to service of the nation.

    #IndianArmy
    #IndiaNepalFriendship
    @MEAIndia
    @DefenceMinIndia
    @SpokespersonMoD
    @HQ_IDS_India
    @artrac_ia
    @IMA_IndianArmy
    @IndiaInNepal
    @EONIndia
    #NationWarriors
    #IMALife
    #ArmyLife
    #JaiHind #JaiBharat⚔️🇮🇳⚔️🔥
    जो किसी ने नहीं किया वो WDA ने कर दिखाया।🔥⚔️🇮🇳⚔️😇💐💐 One more feather in the Cap of Warriors Defence Academy Lucknow ⚔️🇮🇳⚔️🔥💞 Warriors Defence Academy Lucknow के Cadets और Members के लिए जीवन का सबसे गौरवशाली पल जब सभी को IMA Dehradun की Passing Out Parade को सामने से देखने का मौका मिला और सैंकड़ों Cadets को भारतीय सेना में Officer बनता देख हमारे Young Warriors में अपने फौज के सपनों को पूरा करने में एक अलग और नई प्रकार की ऊर्जा का अनुभव हुआ।⚔️🇮🇳⚔️🔥 IMA(Indian Military Academy) Dehradun से सैंकड़ों Officer Cadets पास होते ही भारतीय सेना में अफ़सर बन गए। Warriors Defence Academy के कई होनहार छात्र भी आज ऑफिसर बनके भारतीय सेना के अभिन्न अँग बन गए। ⚔️🇮🇳⚔️🔥 Warriors Defence Academy Lucknow को भी इस गौरवशाली पल में उपस्थित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। Warriors Defence Academy Lko से छात्र-छात्राएँ और शिक्षकों के साथ निदेशक Gulab Singh Sir भी उपस्थित रहे।⚔️🇮🇳⚔️🔥 WDA Lko IMA Commandant और सभी Officers और Staff Members का IMA POP में निमन्त्रण के लिए हृदय की गहराइयों से हार्दिक अभिनंदन और धन्यवाद ज्ञापित करती है ।💐💐🙏⚔️🇮🇳⚔️ WDA है, तो मुमकिन है ।💞😍⚔️🇮🇳⚔️ “Autumn Term 2024 Passing Out Parade at Indian Military Academy #IMA” Suprabal Janasewashree General Ashok Raj Sigdel, #COAS, #NepaliArmy reviewed the Passing Out Parade, #POP at #IMA, #Dehradun for the Autumn Term 2024. A total of 491 #GentlemanCadets, including 35 #GentlemanCadets from Friendly Foreign Countries, #FFC, of which two are from #Nepal, passed out today from the hallowed portals of #IMA. #COAS complimented the Cadets for their impeccable drill and turnout at the #POP. He shared lessons from his own military life and exhorted the passing out course to rise to the challenges while dedicating themselves to service of the nation. #IndianArmy #IndiaNepalFriendship @MEAIndia @DefenceMinIndia @SpokespersonMoD @HQ_IDS_India @artrac_ia @IMA_IndianArmy @IndiaInNepal @EONIndia #NationWarriors #IMALife #ArmyLife #JaiHind #JaiBharat⚔️🇮🇳⚔️🔥
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  • 🌹🌹👉👉अंबिका माता (माला देवी) मंदिर, विराटनगर, वह पावन स्थान है जहाँ माता सती के दाएँ पैर के अंगूठे का अंश गिरा था। यह मंदिर हजारों वर्षों से श्रद्धा और आस्था का केंद्र रहा है।

    किंतु इतिहास के एक कठिन कालखंड में, सैकड़ों वर्ष पूर्व, इस प्राचीन मंदिर को तोड़ दिया गया था। बाद में, प्रातःस्मरणीय स्वामी महात्मा रामचंद्र वीर जी महाराज के अथक प्रयासों से इस मंदिर को पुनः मुक्त कराया गया।

    आज यह मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, परंतु अब मां आद्य शक्ति की कृपा से इसके पुनर्निर्माण का शुभ समय आ गया है। शीघ्र ही यह दिव्य धाम अपनी प्राचीन आभा और भव्यता के साथ पुनः स्थापित होगा, जिससे समस्त भक्तजनों को आध्यात्मिक ऊर्जा और शक्ति प्राप्त होगी।
    #AmbikaMataMandir 🌹🌹👈👈
    🌹🌹👉👉अंबिका माता (माला देवी) मंदिर, विराटनगर, वह पावन स्थान है जहाँ माता सती के दाएँ पैर के अंगूठे का अंश गिरा था। यह मंदिर हजारों वर्षों से श्रद्धा और आस्था का केंद्र रहा है। किंतु इतिहास के एक कठिन कालखंड में, सैकड़ों वर्ष पूर्व, इस प्राचीन मंदिर को तोड़ दिया गया था। बाद में, प्रातःस्मरणीय स्वामी महात्मा रामचंद्र वीर जी महाराज के अथक प्रयासों से इस मंदिर को पुनः मुक्त कराया गया। आज यह मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, परंतु अब मां आद्य शक्ति की कृपा से इसके पुनर्निर्माण का शुभ समय आ गया है। शीघ्र ही यह दिव्य धाम अपनी प्राचीन आभा और भव्यता के साथ पुनः स्थापित होगा, जिससे समस्त भक्तजनों को आध्यात्मिक ऊर्जा और शक्ति प्राप्त होगी। #AmbikaMataMandir 🌹🌹👈👈
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