जब चितà¥à¤¤à¥Œà¥œà¤—ॠपर मà¥à¤—ल आधिपतà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ हो गया, तब मेवाड़ के गाड़िया लोहारों ने वीर शिरोमणि महाराणा पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª व उनकी सेना के लिठहथियार बनाने शà¥à¤°à¥‚ कर दिठऔर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾ ली कि जब तक चितà¥à¤¤à¥Œà¥œà¤—ॠमà¥à¤—लों की अधीनता से मà¥à¤•à¥à¤¤ नहीं हो जाता, तब तक वे घà¥à¤®à¤•à¥à¤•ड़ जीवन वà¥à¤¯à¤¤à¥€à¤¤ करेंगे। इस पà¥à¤°à¤£ को गाड़िया लोहार आज तक निà¤à¤¾ रहे हैं।
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