Mise à niveau vers Pro

🌹🌹👉"मेवाड़ की प्रजा"👈🌹🌹

👉मेवाड़ जैसी स्वाभिमानी धरती पर अनेक आक्रमण हुए, लेकिन इस दौरान क्या प्रजा की स्थिति दयनीय रही ?

👉जी नहीं। मेवाड़ की प्रजा भी मेवाड़ महाराणाओं की ही भांति स्वाभिमानी थी। यहां अलाउद्दीन खिलजी और अकबर के समय जो नरसंहार हुए, उसका प्रमुख कारण था यहां की प्रजा द्वारा हथियार उठाकर इन क्रूर आक्रांताओं का सामना करना।

हर सुख-दुःख में यहां की प्रजा ने कभी महाराणा का साथ नहीं छोड़ा।

👉वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने जब 90 फीसदी मेवाड़ को पुनः विजित कर लिया, तब मेवाड़ की स्थिति के बारे में अमरसार ग्रंथ में लिखा है कि "मेवाड़ में पाश (रस्सी/डोरी) का प्रयोग केवल स्त्रियों के केश के लिए होता था, अर्थात चोरों को पकड़ने की आवश्यकता ही नहीं थी क्योंकि महाराणा ने ऐसा राज स्थापित कर दिया कि कोई चोरी तक नहीं करता था"

👉महाराणा के लिए प्रण को आज तक गाड़िया लोहार घरों में न रहकर घुमक्कड़ जीवन व्यतीत करते हुए निभा रहे हैं....

🌹🌹👉धन्य है मेवाड़ की प्रजा👈🌹🌹
🌹🌹👉"मेवाड़ की प्रजा"👈🌹🌹 👉मेवाड़ जैसी स्वाभिमानी धरती पर अनेक आक्रमण हुए, लेकिन इस दौरान क्या प्रजा की स्थिति दयनीय रही ? 👉जी नहीं। मेवाड़ की प्रजा भी मेवाड़ महाराणाओं की ही भांति स्वाभिमानी थी। यहां अलाउद्दीन खिलजी और अकबर के समय जो नरसंहार हुए, उसका प्रमुख कारण था यहां की प्रजा द्वारा हथियार उठाकर इन क्रूर आक्रांताओं का सामना करना। हर सुख-दुःख में यहां की प्रजा ने कभी महाराणा का साथ नहीं छोड़ा। 👉वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने जब 90 फीसदी मेवाड़ को पुनः विजित कर लिया, तब मेवाड़ की स्थिति के बारे में अमरसार ग्रंथ में लिखा है कि "मेवाड़ में पाश (रस्सी/डोरी) का प्रयोग केवल स्त्रियों के केश के लिए होता था, अर्थात चोरों को पकड़ने की आवश्यकता ही नहीं थी क्योंकि महाराणा ने ऐसा राज स्थापित कर दिया कि कोई चोरी तक नहीं करता था" 👉महाराणा के लिए प्रण को आज तक गाड़िया लोहार घरों में न रहकर घुमक्कड़ जीवन व्यतीत करते हुए निभा रहे हैं.... 🌹🌹👉धन्य है मेवाड़ की प्रजा👈🌹🌹
1
·2KB Vue ·0 Aperçu
Talkfever - Growing worldwide https://talkfever.com