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👉मिर्च मसाला। 13 फरवरी साल 1987 को रिलीज़ हुई एक बेहतरीन फिल्म। हालांकि एक दफा बचपन में दूरदर्शन पर देखी थी तब बोरिंग लगी थी। पर तब तो फिल्में देखने की समझ भी नहीं थी ना। उस वक्त तो ढेर सारे हीरो वाली फिल्में अच्छी लगती थी। जिनमें खूब मार-धाड़ हो। मगर जब सिनेमा के बारे में जानने का प्रयास करना शुरू किया तो पता चला मिर्च मसाला तो बहुत तगड़ी फिल्म मानी जाती है भईया। और स्मिता पाटिल जी ने क्या बेहतरीन अभिनय किया है। मगर अफसोस, ये फिल्म स्मिता जी की मृत्यु के बाद आई। हालांकि स्मिता जी अपने सभी दृश्यों की शूटिंग कंप्लीट कर चुकी थी।

👉मिर्च मसाला फिल्म में सुरेश ओबेरॉय का काम भी बहुत शानदार है। सुरेश जी ने फिल्म में गांव के मुखिया का चरित्र निभाया है। और इस फिल्म में सुरेश जी के शानदार अभिनय के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया गया था। और मज़ेदार बात ये है कि सुरेश जी ये पुरस्कार पाने वाले पहले अभिनेता थे। मिर्च मसाला से पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर जैसा कोई अवॉर्ड नहीं था। मगर सुरेश जी को सम्मानित करने के लिए उसी साल से ये कैटेगरी भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में शुरू की गई। मिर्च मसाला के एडिटर सुरेश शाह जी को भी बेस्ट एडिटिंग का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। और इस फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया गया था।

👉मिर्च मसाला इकलौती फिल्म है जिसमें ज़बरदस्त अदाकारा दीना पाठक जी ने तो अभिनय किया ही। उनकी दोनों बेटियों, रत्ना पाठक शाह और सुप्रिया पाठक ने भी अभिनय किया। और दीना पाठक जी के दामाद नसीरुद्दीन शाह भी फिल्म के सबसे अहम किरदारों में से एक में दिखे। वैसे, इस फिल्म में राज बब्बर जी ने भी एक गेस्ट रोल किया था। और राज बब्बर जी की ही पत्नी थी स्मिता पाटिल जी। तो साथियों, आपको ये फिल्म कैसी लगी? कमेंट करके बताइएगा ज़रूर। और लाइक शेयर भी करते जाइएगा। धन्याद|
👉मिर्च मसाला। 13 फरवरी साल 1987 को रिलीज़ हुई एक बेहतरीन फिल्म। हालांकि एक दफा बचपन में दूरदर्शन पर देखी थी तब बोरिंग लगी थी। पर तब तो फिल्में देखने की समझ भी नहीं थी ना। उस वक्त तो ढेर सारे हीरो वाली फिल्में अच्छी लगती थी। जिनमें खूब मार-धाड़ हो। मगर जब सिनेमा के बारे में जानने का प्रयास करना शुरू किया तो पता चला मिर्च मसाला तो बहुत तगड़ी फिल्म मानी जाती है भईया। और स्मिता पाटिल जी ने क्या बेहतरीन अभिनय किया है। मगर अफसोस, ये फिल्म स्मिता जी की मृत्यु के बाद आई। हालांकि स्मिता जी अपने सभी दृश्यों की शूटिंग कंप्लीट कर चुकी थी। 👉मिर्च मसाला फिल्म में सुरेश ओबेरॉय का काम भी बहुत शानदार है। सुरेश जी ने फिल्म में गांव के मुखिया का चरित्र निभाया है। और इस फिल्म में सुरेश जी के शानदार अभिनय के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया गया था। और मज़ेदार बात ये है कि सुरेश जी ये पुरस्कार पाने वाले पहले अभिनेता थे। मिर्च मसाला से पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर जैसा कोई अवॉर्ड नहीं था। मगर सुरेश जी को सम्मानित करने के लिए उसी साल से ये कैटेगरी भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में शुरू की गई। मिर्च मसाला के एडिटर सुरेश शाह जी को भी बेस्ट एडिटिंग का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। और इस फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया गया था। 👉मिर्च मसाला इकलौती फिल्म है जिसमें ज़बरदस्त अदाकारा दीना पाठक जी ने तो अभिनय किया ही। उनकी दोनों बेटियों, रत्ना पाठक शाह और सुप्रिया पाठक ने भी अभिनय किया। और दीना पाठक जी के दामाद नसीरुद्दीन शाह भी फिल्म के सबसे अहम किरदारों में से एक में दिखे। वैसे, इस फिल्म में राज बब्बर जी ने भी एक गेस्ट रोल किया था। और राज बब्बर जी की ही पत्नी थी स्मिता पाटिल जी। तो साथियों, आपको ये फिल्म कैसी लगी? कमेंट करके बताइएगा ज़रूर। और लाइक शेयर भी करते जाइएगा। धन्याद|
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