🌊🏞️🏞️🏞️ रेगिस्तान से हरियाली तक: ये हैं राजस्थान की 4 सबसे बड़ी 'जीवनरेखाएं'! 🏞️🏞️🏞️🌱🌳🌾
क्या आप जानते हैं कि भौगोलिक रूप से आधे से ज्यादा मरुस्थल होने के बावजूद, राजस्थान आज कृषि के क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रहा है? इसका पूरा श्रेय राज्य की इन 4 प्रमुख सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं को जाता है।
आइए एक नज़र डालते हैं राजस्थान का परिदृश्य बदलने वाली इन परियोजनाओं पर (इमेज को सेव जरूर कर लें 📌):
1️⃣ 🌲🌲इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP): राजस्थान की 'मरुगंगा'! 1958 में शुरू हुई इस नहर ने श्रीगंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे सूखे जिलों की प्यास बुझाई और थार के मरुस्थल को हरे-भरे खेतों में बदल दिया।🌲🌲
2️⃣ चंबल नदी घाटी परियोजना: मध्य प्रदेश और राजस्थान की यह संयुक्त जलविद्युत और सिंचाई परियोजना न सिर्फ खेतों को पानी देती है, बल्कि गांधी सागर, राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर बाँधों के ज़रिए रोशनियां भी बिखेरती है। ⚡
3️⃣ माही बाजाज सागर परियोजना: दक्षिणी राजस्थान की जीवनरेखा! बाँसवाड़ा में माही नदी पर बनी यह परियोजना विशेष रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के विकास और बिजली उत्पादन के लिए एक वरदान है। 🏞️
4️⃣ बिसलपुर बाँध परियोजना: टोंक जिले में बनास नदी पर बना यह बाँध केवल सिंचाई ही नहीं करता, बल्कि राजधानी जयपुर, अजमेर और टोंक के लाखों लोगों की प्यास भी बुझाता है। 🚰
क्या आप जानते हैं कि भौगोलिक रूप से आधे से ज्यादा मरुस्थल होने के बावजूद, राजस्थान आज कृषि के क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रहा है? इसका पूरा श्रेय राज्य की इन 4 प्रमुख सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं को जाता है।
आइए एक नज़र डालते हैं राजस्थान का परिदृश्य बदलने वाली इन परियोजनाओं पर (इमेज को सेव जरूर कर लें 📌):
1️⃣ 🌲🌲इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP): राजस्थान की 'मरुगंगा'! 1958 में शुरू हुई इस नहर ने श्रीगंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे सूखे जिलों की प्यास बुझाई और थार के मरुस्थल को हरे-भरे खेतों में बदल दिया।🌲🌲
2️⃣ चंबल नदी घाटी परियोजना: मध्य प्रदेश और राजस्थान की यह संयुक्त जलविद्युत और सिंचाई परियोजना न सिर्फ खेतों को पानी देती है, बल्कि गांधी सागर, राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर बाँधों के ज़रिए रोशनियां भी बिखेरती है। ⚡
3️⃣ माही बाजाज सागर परियोजना: दक्षिणी राजस्थान की जीवनरेखा! बाँसवाड़ा में माही नदी पर बनी यह परियोजना विशेष रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के विकास और बिजली उत्पादन के लिए एक वरदान है। 🏞️
4️⃣ बिसलपुर बाँध परियोजना: टोंक जिले में बनास नदी पर बना यह बाँध केवल सिंचाई ही नहीं करता, बल्कि राजधानी जयपुर, अजमेर और टोंक के लाखों लोगों की प्यास भी बुझाता है। 🚰
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1️⃣ 🌲🌲इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP): राजस्थान की 'मरुगंगा'! 1958 में शुरू हुई इस नहर ने श्रीगंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे सूखे जिलों की प्यास बुझाई और थार के मरुस्थल को हरे-भरे खेतों में बदल दिया।🌲🌲
2️⃣ चंबल नदी घाटी परियोजना: मध्य प्रदेश और राजस्थान की यह संयुक्त जलविद्युत और सिंचाई परियोजना न सिर्फ खेतों को पानी देती है, बल्कि गांधी सागर, राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर बाँधों के ज़रिए रोशनियां भी बिखेरती है। ⚡
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4️⃣ बिसलपुर बाँध परियोजना: टोंक जिले में बनास नदी पर बना यह बाँध केवल सिंचाई ही नहीं करता, बल्कि राजधानी जयपुर, अजमेर और टोंक के लाखों लोगों की प्यास भी बुझाता है। 🚰
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