Passa a Pro

राजस्थान सरकार स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना करने जा रही है। RPSC के घोटालों की लड़ी लगी हुई है। ना जाने कितने घोटाले किए वो सब अब सामने आ रहे है। सबसे पुरानी व मजबूत आयोग RPSC में ही घोटाले हो रहे है, यही पेपर लीक नहीं रोक पाई, रोकना तो छोड़े इस कमीशन में बैठे लोग ही पेपर लीक करने में लग गए। ऐसे में सवाल यह है कि क्या स्टेट टेस्टिंग एजेंसी पेपर लीक रोक पायेगी, क्या इस एजेंसी में घोटाले नहीं होंगे। RPSC के कारनामे देखते हुए सवाल तो जायज है। सत्ताधारी लोग RPSC पर ही कड़े प्रतिबंध नहीं लगा पाए, तो क्या ये एंजेसी कारगर हो पायेगी।
सच में सुदृढ़ व्यवस्था बनानी है तो नियम कठोर करने होंगे। किसी को बक्सा ना जाए चाहे फिर मगरमच्छ हो या मछली। RPSC हो या कर्मचारी चयन बोर्ड या कोई भी प्रतियोगी परीक्षा कराने वाला बोर्ड या एजेंसी उनमें किसी भी सेवानिवृत्त व्यक्ति, राजनीतिक व्यक्ति को चेयरमैन एवं सदस्य पद पर नहीं लगाकर, ऑन सर्विस किसी IAS या किसी सीनियर प्रोफेसर या इस लेवल के किसी व्यक्ति को लगाना होगा तब जाकर व्यवस्था सुदृढ़ होगी और तभी ही पेपर लीक, घोटाले रुक सकते है। वरना एजेंसियां बनाने से घोटाले, पेपर लीक नहीं रुकते बस दरवाजे बदल जाते है मतलब तरीके बदल जाते है।
राजस्थान सरकार स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना करने जा रही है। RPSC के घोटालों की लड़ी लगी हुई है। ना जाने कितने घोटाले किए वो सब अब सामने आ रहे है। सबसे पुरानी व मजबूत आयोग RPSC में ही घोटाले हो रहे है, यही पेपर लीक नहीं रोक पाई, रोकना तो छोड़े इस कमीशन में बैठे लोग ही पेपर लीक करने में लग गए। ऐसे में सवाल यह है कि क्या स्टेट टेस्टिंग एजेंसी पेपर लीक रोक पायेगी, क्या इस एजेंसी में घोटाले नहीं होंगे। RPSC के कारनामे देखते हुए सवाल तो जायज है। सत्ताधारी लोग RPSC पर ही कड़े प्रतिबंध नहीं लगा पाए, तो क्या ये एंजेसी कारगर हो पायेगी। सच में सुदृढ़ व्यवस्था बनानी है तो नियम कठोर करने होंगे। किसी को बक्सा ना जाए चाहे फिर मगरमच्छ हो या मछली। RPSC हो या कर्मचारी चयन बोर्ड या कोई भी प्रतियोगी परीक्षा कराने वाला बोर्ड या एजेंसी उनमें किसी भी सेवानिवृत्त व्यक्ति, राजनीतिक व्यक्ति को चेयरमैन एवं सदस्य पद पर नहीं लगाकर, ऑन सर्विस किसी IAS या किसी सीनियर प्रोफेसर या इस लेवल के किसी व्यक्ति को लगाना होगा तब जाकर व्यवस्था सुदृढ़ होगी और तभी ही पेपर लीक, घोटाले रुक सकते है। वरना एजेंसियां बनाने से घोटाले, पेपर लीक नहीं रुकते बस दरवाजे बदल जाते है मतलब तरीके बदल जाते है।
1
·100 Views ·0 Anteprima
Talkfever - Growing worldwide https://talkfever.com