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  • 🌹🌹👉👉आज से कुछ साल पहले जब हमारे पूर्वज गांव में रहा करते थे ,उस वक्त न फ़ोन था ना तो wifi ,ना tv थीं ना सिनेमा ,बस था तो चारो तरफ सुकून और शांति ।

    👉सूरज उगते ही काम पर जाना फिर सूरज ढलने पर लौट आना। सब कुछ बहुत प्यारा था , न प्रदुषण और न ही तेज धूप ,सुबह होती तो शीतल हवा का झोंका होता औऱ शाम होती तो चूल्हे की रोटियां होती ।

    👉कुछ साल और बीते फिर लोग गांव से शहर आने लगे , गांव मे चौपाल लगा करती थीं, एक बरगद का पेड़ था जिसके नीचे सब बैठे बातें किया करते थे ,डाकिया बाबू हुआ करते थे जिनको सबका पता मालूम होता था , गर्मी के दिनों में सब शहर से गाँव छुट्टियां मनाने जाया करते थे ,अविष्कार हुआ टेलीफोन का ,मानो कोई जादू हो गाया हो और आज का समय हैं हमने अपने जीने के लये पेड़ों का काट दिया , उस जमीन पर खूबसूरत सा घर बनाया , डाकिया बाबू अब गांव नहीं आते क्योंकि हमने चिट्ठी लिखना बंद कर दिया अब मोबाइल का ज़माना है।

    👉बाहर जाने के लये अब सायकिल नही बल्कि बाइक और कार है , अब गर्मी की छुट्टियां गांव में नहीं शहरों में हुआ करती है , अब गर्मी में वो शीतलता कहाँ ।। आज वो बाग़ खाली हो गए झूलों के बिना, वो चबूतरा सुनसान पड़ा है , वो चिड़ियों की चहचहाहट गायब हो गयी ।

    👉आने वाले सालों बाद हमारे पास सब कुछ होगा , मसलन सारी सुख सुविधा होंगी , लेकिन नही होगा तो बस वो ऑक्सीजन क्योंकि तब तक सारे पेड़ काट दिए जा चुके होंगे , हरियाली तो बस गमलों में ही मिलेगी ।👈🌹
    🌹🌹👉👉आज से कुछ साल पहले जब हमारे पूर्वज गांव में रहा करते थे ,उस वक्त न फ़ोन था ना तो wifi ,ना tv थीं ना सिनेमा ,बस था तो चारो तरफ सुकून और शांति । 👉सूरज उगते ही काम पर जाना फिर सूरज ढलने पर लौट आना। सब कुछ बहुत प्यारा था , न प्रदुषण और न ही तेज धूप ,सुबह होती तो शीतल हवा का झोंका होता औऱ शाम होती तो चूल्हे की रोटियां होती । 👉कुछ साल और बीते फिर लोग गांव से शहर आने लगे , गांव मे चौपाल लगा करती थीं, एक बरगद का पेड़ था जिसके नीचे सब बैठे बातें किया करते थे ,डाकिया बाबू हुआ करते थे जिनको सबका पता मालूम होता था , गर्मी के दिनों में सब शहर से गाँव छुट्टियां मनाने जाया करते थे ,अविष्कार हुआ टेलीफोन का ,मानो कोई जादू हो गाया हो और आज का समय हैं हमने अपने जीने के लये पेड़ों का काट दिया , उस जमीन पर खूबसूरत सा घर बनाया , डाकिया बाबू अब गांव नहीं आते क्योंकि हमने चिट्ठी लिखना बंद कर दिया अब मोबाइल का ज़माना है। 👉बाहर जाने के लये अब सायकिल नही बल्कि बाइक और कार है , अब गर्मी की छुट्टियां गांव में नहीं शहरों में हुआ करती है , अब गर्मी में वो शीतलता कहाँ ।। आज वो बाग़ खाली हो गए झूलों के बिना, वो चबूतरा सुनसान पड़ा है , वो चिड़ियों की चहचहाहट गायब हो गयी । 👉आने वाले सालों बाद हमारे पास सब कुछ होगा , मसलन सारी सुख सुविधा होंगी , लेकिन नही होगा तो बस वो ऑक्सीजन क्योंकि तब तक सारे पेड़ काट दिए जा चुके होंगे , हरियाली तो बस गमलों में ही मिलेगी ।👈🌹
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  • Check out this #chess game: FutureAcademyStu7000 vs omidhos - https://www.chess.com/live/game/101150585235
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    Chess: FutureAcademyStu7000 vs omidhos
    FutureAcademyStu7000 (656) vs omidhos (661). FutureAcademyStu7000 won by checkmate in 26 moves. Click to review the game, move by move.
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    Chess: Prakash_1000 vs FutureAcademyStu7000
    Prakash_1000 (652) vs FutureAcademyStu7000 (664). FutureAcademyStu7000 won by checkmate in 36 moves. Click to review the game, move by move.
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