Atualizar para Plus

  • Dark and Darker playtest extended on Steam after false
    On that notice, Valve says it’s still learning approximately Dark and Darker compatibility,  Darker Gold and there are a few elements that’d presently hold it from making the ‘Great on Deck’ list. For starters, person interface elements aren’t designed with the Deck’s display in mind, so textual content and icons are at the small facet. Official...
    ·6KB Visualizações ·0 Anterior
  • The Saudi League will remain available for a week
    Chuba Akpom is by far leading the Fut 24 Coins goalscoring charts this season. The Middlesborough man has almost hit 30 goals for the season. Burnley supporters will be hoping that Tella becomes a permanent signing next year. With Southampton going down and Burnley going up, Tella will likely want to stay.  Clarke-Harris is always amongst the goals this season, he is leading the charge...
    ·5KB Visualizações ·0 Anterior
  • 4 फरवरी, 1670 ई. को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदेश से तानाजी मालुसरे को 300 सिपाहियों के साथ कोंडाना दुर्ग पर आक्रमण करने भेजा गया। कोंडाना पर मुगलों की तरफ से उदयभान तैनात था। तानाजी के नेतृत्व में सिपाहियों ने रस्सी की सीढ़ी के सहारे किले पर चढ़कर किले के एक हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया।

    तानाजी मालुसरे वीरगति को प्राप्त हुए, तो उनकी जगह फौरन उनके भाई सूर्याजी ने ली और दुर्ग के द्वार खोलने में सफल रहे। दुर्ग के अन्दर हुई लड़ाई में मुगल पक्ष की तरफ से उदयभान सहित 1200 सैनिक मारे गए।

    राजगढ़ में बैठे शिवाजी महाराज को विजय की खबर मिली, तो उन्होंने कहा कि "इस विजय के लिए तानाजी मालुसरे के रुप में हमें भारी कीमत चुकानी पड़ी"। शिवाजी महाराज ने तानाजी की याद में दुर्ग का नाम 'सिंहगढ़' रख दिया।

    🌴भारत का गौरवशाली इतिहास 🌴
    4 फरवरी, 1670 ई. को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदेश से तानाजी मालुसरे को 300 सिपाहियों के साथ कोंडाना दुर्ग पर आक्रमण करने भेजा गया। कोंडाना पर मुगलों की तरफ से उदयभान तैनात था। तानाजी के नेतृत्व में सिपाहियों ने रस्सी की सीढ़ी के सहारे किले पर चढ़कर किले के एक हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। तानाजी मालुसरे वीरगति को प्राप्त हुए, तो उनकी जगह फौरन उनके भाई सूर्याजी ने ली और दुर्ग के द्वार खोलने में सफल रहे। दुर्ग के अन्दर हुई लड़ाई में मुगल पक्ष की तरफ से उदयभान सहित 1200 सैनिक मारे गए। राजगढ़ में बैठे शिवाजी महाराज को विजय की खबर मिली, तो उन्होंने कहा कि "इस विजय के लिए तानाजी मालुसरे के रुप में हमें भारी कीमत चुकानी पड़ी"। शिवाजी महाराज ने तानाजी की याद में दुर्ग का नाम 'सिंहगढ़' रख दिया। 🌴भारत का गौरवशाली इतिहास 🌴
    1
    ·1KB Visualizações ·3 Compartilhamentos ·0 Anterior
  • ·251 Visualizações ·0 Anterior
  • ·233 Visualizações ·0 Anterior
  • Check out this #chess game: FutureAcademyStu7000 vs DegtyarV - https://www.chess.com/live/game/101274299252
    Check out this #chess game: FutureAcademyStu7000 vs DegtyarV - https://www.chess.com/live/game/101274299252
    ·421 Visualizações ·0 Anterior
  • मारवाड़ी हां जनाब . 🙏.गैस री टंकी की उम्मीद राखो कोनी 😀कूसरा लावो रोटी करो तप हो जावे😜
    हिमत राखो प्रधान 🙏 गैस री टंकी रे भरोसे कोनी रेवो 🥰कूसरो री होड कोनी होवे 😂देशी हा देशी रेवोला 🇮🇳
    मारवाड़ी हां जनाब . 🙏.गैस री टंकी की उम्मीद राखो कोनी 😀कूसरा लावो रोटी करो तप हो जावे😜 हिमत राखो प्रधान 🙏 गैस री टंकी रे भरोसे कोनी रेवो 🥰कूसरो री होड कोनी होवे 😂देशी हा देशी रेवोला 🇮🇳
    ·622 Visualizações ·0 Anterior
  • जय जोहार जय आदिवासी 🏹 🏹 🇮🇳 🇮🇳

    🌺☘️ रांणी देवली भील प्रतापगढ़ जिले 🌿

    🌺☘️ राजस्थान में स्थित प्रतापगढ पर 1531के दौरान भील राजा भाभरिया भील का शासन था 🌿

    🌺☘️ वे आठ फुट लंबे और विशालकाय शरीर वाले , प्रचंड भुजा वाले और वीर योद्धा प्रतापगढ के राजा थे 🌿

    🌺☘️ बाबर ने 1526 में दिल्ली को जीता ,🌿

    🌺☘️ भील राजा भाभरिया भील ने प्रतापगढ समेत मालवा और गुजरात में भील साम्राज्य को बनाए रखा 🌿

    🌺☘️ भील राजा भाभरिया ने मालवा समेत लाट गुजरात में सूरतनगर तक अपना साम्राज्य को बढ़ाया । 🌿

    🌺☘️ उन्हीं भील राजा की पत्नी देवली के नाम पर देवलिया नगर का नामकरण कर दिया 🌿

    🌺☘️ जिस तलवार से धोखे से भील राजा को मारा गया था उस तलवार को देवलिया के राजमहल के पीछे सिसोदिया कि कुलदेवी बाणमाता के मंदिर की छत पर अभी भी लगी हुई है 🌿

    🌷🌿ऐसे महान आदिवासी वीर वीरांगनाओं के चरणों में कोटि कोटि नमन करते हुए श्रद्धापूर्वक सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं
    🪴☘️🍀🌵🌾🌱🌳🌿🌷🌷🌿🌳🌱🌾🌵🍀☘️🪴
    जय जोहार जय आदिवासी 🏹 🏹 🇮🇳 🇮🇳 🌺☘️ रांणी देवली भील प्रतापगढ़ जिले 🌿 🌺☘️ राजस्थान में स्थित प्रतापगढ पर 1531के दौरान भील राजा भाभरिया भील का शासन था 🌿 🌺☘️ वे आठ फुट लंबे और विशालकाय शरीर वाले , प्रचंड भुजा वाले और वीर योद्धा प्रतापगढ के राजा थे 🌿 🌺☘️ बाबर ने 1526 में दिल्ली को जीता ,🌿 🌺☘️ भील राजा भाभरिया भील ने प्रतापगढ समेत मालवा और गुजरात में भील साम्राज्य को बनाए रखा 🌿 🌺☘️ भील राजा भाभरिया ने मालवा समेत लाट गुजरात में सूरतनगर तक अपना साम्राज्य को बढ़ाया । 🌿 🌺☘️ उन्हीं भील राजा की पत्नी देवली के नाम पर देवलिया नगर का नामकरण कर दिया 🌿 🌺☘️ जिस तलवार से धोखे से भील राजा को मारा गया था उस तलवार को देवलिया के राजमहल के पीछे सिसोदिया कि कुलदेवी बाणमाता के मंदिर की छत पर अभी भी लगी हुई है 🌿 🌷🌿ऐसे महान आदिवासी वीर वीरांगनाओं के चरणों में कोटि कोटि नमन करते हुए श्रद्धापूर्वक सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं 🪴☘️🍀🌵🌾🌱🌳🌿🌷🌷🌿🌳🌱🌾🌵🍀☘️🪴
    ·1KB Visualizações ·1 Compartilhamentos ·0 Anterior
  • 👉मिर्च मसाला। 13 फरवरी साल 1987 को रिलीज़ हुई एक बेहतरीन फिल्म। हालांकि एक दफा बचपन में दूरदर्शन पर देखी थी तब बोरिंग लगी थी। पर तब तो फिल्में देखने की समझ भी नहीं थी ना। उस वक्त तो ढेर सारे हीरो वाली फिल्में अच्छी लगती थी। जिनमें खूब मार-धाड़ हो। मगर जब सिनेमा के बारे में जानने का प्रयास करना शुरू किया तो पता चला मिर्च मसाला तो बहुत तगड़ी फिल्म मानी जाती है भईया। और स्मिता पाटिल जी ने क्या बेहतरीन अभिनय किया है। मगर अफसोस, ये फिल्म स्मिता जी की मृत्यु के बाद आई। हालांकि स्मिता जी अपने सभी दृश्यों की शूटिंग कंप्लीट कर चुकी थी।

    👉मिर्च मसाला फिल्म में सुरेश ओबेरॉय का काम भी बहुत शानदार है। सुरेश जी ने फिल्म में गांव के मुखिया का चरित्र निभाया है। और इस फिल्म में सुरेश जी के शानदार अभिनय के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया गया था। और मज़ेदार बात ये है कि सुरेश जी ये पुरस्कार पाने वाले पहले अभिनेता थे। मिर्च मसाला से पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर जैसा कोई अवॉर्ड नहीं था। मगर सुरेश जी को सम्मानित करने के लिए उसी साल से ये कैटेगरी भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में शुरू की गई। मिर्च मसाला के एडिटर सुरेश शाह जी को भी बेस्ट एडिटिंग का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। और इस फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया गया था।

    👉मिर्च मसाला इकलौती फिल्म है जिसमें ज़बरदस्त अदाकारा दीना पाठक जी ने तो अभिनय किया ही। उनकी दोनों बेटियों, रत्ना पाठक शाह और सुप्रिया पाठक ने भी अभिनय किया। और दीना पाठक जी के दामाद नसीरुद्दीन शाह भी फिल्म के सबसे अहम किरदारों में से एक में दिखे। वैसे, इस फिल्म में राज बब्बर जी ने भी एक गेस्ट रोल किया था। और राज बब्बर जी की ही पत्नी थी स्मिता पाटिल जी। तो साथियों, आपको ये फिल्म कैसी लगी? कमेंट करके बताइएगा ज़रूर। और लाइक शेयर भी करते जाइएगा। धन्याद|
    👉मिर्च मसाला। 13 फरवरी साल 1987 को रिलीज़ हुई एक बेहतरीन फिल्म। हालांकि एक दफा बचपन में दूरदर्शन पर देखी थी तब बोरिंग लगी थी। पर तब तो फिल्में देखने की समझ भी नहीं थी ना। उस वक्त तो ढेर सारे हीरो वाली फिल्में अच्छी लगती थी। जिनमें खूब मार-धाड़ हो। मगर जब सिनेमा के बारे में जानने का प्रयास करना शुरू किया तो पता चला मिर्च मसाला तो बहुत तगड़ी फिल्म मानी जाती है भईया। और स्मिता पाटिल जी ने क्या बेहतरीन अभिनय किया है। मगर अफसोस, ये फिल्म स्मिता जी की मृत्यु के बाद आई। हालांकि स्मिता जी अपने सभी दृश्यों की शूटिंग कंप्लीट कर चुकी थी। 👉मिर्च मसाला फिल्म में सुरेश ओबेरॉय का काम भी बहुत शानदार है। सुरेश जी ने फिल्म में गांव के मुखिया का चरित्र निभाया है। और इस फिल्म में सुरेश जी के शानदार अभिनय के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया गया था। और मज़ेदार बात ये है कि सुरेश जी ये पुरस्कार पाने वाले पहले अभिनेता थे। मिर्च मसाला से पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर जैसा कोई अवॉर्ड नहीं था। मगर सुरेश जी को सम्मानित करने के लिए उसी साल से ये कैटेगरी भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में शुरू की गई। मिर्च मसाला के एडिटर सुरेश शाह जी को भी बेस्ट एडिटिंग का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। और इस फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया गया था। 👉मिर्च मसाला इकलौती फिल्म है जिसमें ज़बरदस्त अदाकारा दीना पाठक जी ने तो अभिनय किया ही। उनकी दोनों बेटियों, रत्ना पाठक शाह और सुप्रिया पाठक ने भी अभिनय किया। और दीना पाठक जी के दामाद नसीरुद्दीन शाह भी फिल्म के सबसे अहम किरदारों में से एक में दिखे। वैसे, इस फिल्म में राज बब्बर जी ने भी एक गेस्ट रोल किया था। और राज बब्बर जी की ही पत्नी थी स्मिता पाटिल जी। तो साथियों, आपको ये फिल्म कैसी लगी? कमेंट करके बताइएगा ज़रूर। और लाइक शेयर भी करते जाइएगा। धन्याद|
    ·709 Visualizações ·0 Anterior
  • Drug Crimes Lawyer
    If you’ve been charged with driving under the influence (DUI) involving drugs in Orange County, California, you need an experienced criminal defense attorney on your side. A DUI involving drugs conviction can have serious consequences, including fines, license suspension, and even jail time.
    Being accused of any criminal activity is hard – both for you and your loved ones. It’s like a wrecking ball that demolishes your life and gradually ties you up in knots. To get out of trouble, you may want to use your right to counsel or, in other words, hire an attorney. Are you wondering where you can find an experienced professional who will diligently advocate for you? The Law Office of Steven K. Bloom is a go-to criminal defense firm to look for one.
    https://maps.app.goo.gl/BpyCQUK1cyr9JEw16
    Drug Crimes Lawyer If you’ve been charged with driving under the influence (DUI) involving drugs in Orange County, California, you need an experienced criminal defense attorney on your side. A DUI involving drugs conviction can have serious consequences, including fines, license suspension, and even jail time. Being accused of any criminal activity is hard – both for you and your loved ones. It’s like a wrecking ball that demolishes your life and gradually ties you up in knots. To get out of trouble, you may want to use your right to counsel or, in other words, hire an attorney. Are you wondering where you can find an experienced professional who will diligently advocate for you? The Law Office of Steven K. Bloom is a go-to criminal defense firm to look for one. https://maps.app.goo.gl/BpyCQUK1cyr9JEw16
    MAPS.APP.GOO.GL
    1
    ·2KB Visualizações ·1 Compartilhamentos ·0 Anterior
Talkfever - Growing worldwide https://talkfever.com