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Check out this #chess game: FutureAcademyStu7000 vs omidhos - https://www.chess.com/live/game/101150585235Check out this #chess game: FutureAcademyStu7000 vs omidhos - https://www.chess.com/live/game/101150585235·474 Ansichten ·0 Bewertungen
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🌹🌹👉👉आज से कà¥à¤› साल पहले जब हमारे पूरà¥à¤µà¤œ गांव में रहा करते थे ,उस वकà¥à¤¤ न फ़ोन था ना तो wifi ,ना tv थीं ना सिनेमा ,बस था तो चारो तरफ सà¥à¤•ून और शांति ।
👉सूरज उगते ही काम पर जाना फिर सूरज ढलने पर लौट आना। सब कà¥à¤› बहà¥à¤¤ पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ था , न पà¥à¤°à¤¦à¥à¤·à¤£ और न ही तेज धूप ,सà¥à¤¬à¤¹ होती तो शीतल हवा का à¤à¥‹à¤‚का होता औऱ शाम होती तो चूलà¥à¤¹à¥‡ की रोटियां होती ।
👉कà¥à¤› साल और बीते फिर लोग गांव से शहर आने लगे , गांव मे चौपाल लगा करती थीं, à¤à¤• बरगद का पेड़ था जिसके नीचे सब बैठे बातें किया करते थे ,डाकिया बाबू हà¥à¤† करते थे जिनको सबका पता मालूम होता था , गरà¥à¤®à¥€ के दिनों में सब शहर से गाà¤à¤µ छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मनाने जाया करते थे ,अविषà¥à¤•ार हà¥à¤† टेलीफोन का ,मानो कोई जादू हो गाया हो और आज का समय हैं हमने अपने जीने के लये पेड़ों का काट दिया , उस जमीन पर खूबसूरत सा घर बनाया , डाकिया बाबू अब गांव नहीं आते कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हमने चिटà¥à¤ ी लिखना बंद कर दिया अब मोबाइल का ज़माना है।
👉बाहर जाने के लये अब सायकिल नही बलà¥à¤•ि बाइक और कार है , अब गरà¥à¤®à¥€ की छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ गांव में नहीं शहरों में हà¥à¤† करती है , अब गरà¥à¤®à¥€ में वो शीतलता कहाठ।। आज वो बाग़ खाली हो गठà¤à¥‚लों के बिना, वो चबूतरा सà¥à¤¨à¤¸à¤¾à¤¨ पड़ा है , वो चिड़ियों की चहचहाहट गायब हो गयी ।
👉आने वाले सालों बाद हमारे पास सब कà¥à¤› होगा , मसलन सारी सà¥à¤– सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ होंगी , लेकिन नही होगा तो बस वो ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तब तक सारे पेड़ काट दिठजा चà¥à¤•े होंगे , हरियाली तो बस गमलों में ही मिलेगी ।👈🌹🌹🌹👉👉आज से कà¥à¤› साल पहले जब हमारे पूरà¥à¤µà¤œ गांव में रहा करते थे ,उस वकà¥à¤¤ न फ़ोन था ना तो wifi ,ना tv थीं ना सिनेमा ,बस था तो चारो तरफ सà¥à¤•ून और शांति । 👉सूरज उगते ही काम पर जाना फिर सूरज ढलने पर लौट आना। सब कà¥à¤› बहà¥à¤¤ पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ था , न पà¥à¤°à¤¦à¥à¤·à¤£ और न ही तेज धूप ,सà¥à¤¬à¤¹ होती तो शीतल हवा का à¤à¥‹à¤‚का होता औऱ शाम होती तो चूलà¥à¤¹à¥‡ की रोटियां होती । 👉कà¥à¤› साल और बीते फिर लोग गांव से शहर आने लगे , गांव मे चौपाल लगा करती थीं, à¤à¤• बरगद का पेड़ था जिसके नीचे सब बैठे बातें किया करते थे ,डाकिया बाबू हà¥à¤† करते थे जिनको सबका पता मालूम होता था , गरà¥à¤®à¥€ के दिनों में सब शहर से गाà¤à¤µ छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मनाने जाया करते थे ,अविषà¥à¤•ार हà¥à¤† टेलीफोन का ,मानो कोई जादू हो गाया हो और आज का समय हैं हमने अपने जीने के लये पेड़ों का काट दिया , उस जमीन पर खूबसूरत सा घर बनाया , डाकिया बाबू अब गांव नहीं आते कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हमने चिटà¥à¤ ी लिखना बंद कर दिया अब मोबाइल का ज़माना है। 👉बाहर जाने के लये अब सायकिल नही बलà¥à¤•ि बाइक और कार है , अब गरà¥à¤®à¥€ की छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ गांव में नहीं शहरों में हà¥à¤† करती है , अब गरà¥à¤®à¥€ में वो शीतलता कहाठ।। आज वो बाग़ खाली हो गठà¤à¥‚लों के बिना, वो चबूतरा सà¥à¤¨à¤¸à¤¾à¤¨ पड़ा है , वो चिड़ियों की चहचहाहट गायब हो गयी । 👉आने वाले सालों बाद हमारे पास सब कà¥à¤› होगा , मसलन सारी सà¥à¤– सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ होंगी , लेकिन नही होगा तो बस वो ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तब तक सारे पेड़ काट दिठजा चà¥à¤•े होंगे , हरियाली तो बस गमलों में ही मिलेगी ।👈🌹·3KB Ansichten ·0 Bewertungen