Upgrade to Pro

  • "सपनों की ऊँचाई किस्मत से नहीं,
    हौसलों से तय होती है।
    रास्ते चाहे कितने भी कठिन हों,
    मंज़िल उन्हीं को मिलती है जो रुकना नहीं जानते।
    हर संघर्ष तुम्हें और मज़बूत बनाता है,
    क्योंकि चमक हमेशा तपकर ही आती है… ✨💪"


    =============== END ===============




    #Motivation, #SuccessMindset, #HindiShayari, #LifeLessons, #GrowthMindset, #NeverGiveUp, #PositiveThinking, #Inspiration, #SelfGrowth, #Determination, #SuccessQuotes, #MotivationalQuotes, #Hustle, #DreamBig, #MindsetMatters
    "सपनों की ऊँचाई किस्मत से नहीं, हौसलों से तय होती है। रास्ते चाहे कितने भी कठिन हों, मंज़िल उन्हीं को मिलती है जो रुकना नहीं जानते। हर संघर्ष तुम्हें और मज़बूत बनाता है, क्योंकि चमक हमेशा तपकर ही आती है… ✨💪" =============== END =============== #Motivation, #SuccessMindset, #HindiShayari, #LifeLessons, #GrowthMindset, #NeverGiveUp, #PositiveThinking, #Inspiration, #SelfGrowth, #Determination, #SuccessQuotes, #MotivationalQuotes, #Hustle, #DreamBig, #MindsetMatters
    ·345 Views ·0 Reviews
  • हार न मानो ऐ मेरे हमसफ़र,
    तूफ़ान भी एक दिन थम जाएंगे।
    राहें मुश्किल हों तो क्या,
    हर गिरावट से परवाज़ें सीख जाएंगे।


    जो ख़ुद को तोड़कर जोड़ते हैं,
    वही असली हीरे बनकर चमकते हैं।
    अंधेरों को भी चीर देता है वो,
    जिसके अंदर अपना सूरज जगाते हैं… 🔥


    =============== END ===============


    #YouthMotivation, #StudentMotivation, #UPSCShayari, #EntrepreneurMotivation, #LifeStruggle, #HindiPoetry, #DesiMotivation, #ShayariAddict, #DailyMotivation, #MindsetMatters, #SuccessMindset, #MotivationalHindi
    हार न मानो ऐ मेरे हमसफ़र, तूफ़ान भी एक दिन थम जाएंगे। राहें मुश्किल हों तो क्या, हर गिरावट से परवाज़ें सीख जाएंगे। जो ख़ुद को तोड़कर जोड़ते हैं, वही असली हीरे बनकर चमकते हैं। अंधेरों को भी चीर देता है वो, जिसके अंदर अपना सूरज जगाते हैं… 🔥 =============== END =============== #YouthMotivation, #StudentMotivation, #UPSCShayari, #EntrepreneurMotivation, #LifeStruggle, #HindiPoetry, #DesiMotivation, #ShayariAddict, #DailyMotivation, #MindsetMatters, #SuccessMindset, #MotivationalHindi
    ·366 Views ·0 Reviews
  • “कुछ रिश्ते किताबों जैसे होते हैं,
    हर पन्ना दर्द भी देता है और सुकून भी…
    हमने तो बस दिल से निभाने की कोशिश की थी,
    वरना लोग तो याद भी मतलब से करते हैं।”


    =============== END ===============


    #HindiShayari, #ShayariLovers, #EmotionalShayari, #HeartTouchingShayari, #SadShayari, #MotivationalShayari, #LifeQuotes, #HindiQuotes, #ShayariStatus, #ReelsIndia, #InstagramReels, #ViralShayari, #PremiumContent, #DeepThoughts, #SoulfulWords, #Alfaaz, #UrduShayari, #LoveShayari, #BrokenHeartShayari, #AttitudeShayari, #InspirationDaily, #ShayariInHindi, #Feelings, #PoetryLovers, #WriterCommunity
    “कुछ रिश्ते किताबों जैसे होते हैं, हर पन्ना दर्द भी देता है और सुकून भी… हमने तो बस दिल से निभाने की कोशिश की थी, वरना लोग तो याद भी मतलब से करते हैं।” =============== END =============== #HindiShayari, #ShayariLovers, #EmotionalShayari, #HeartTouchingShayari, #SadShayari, #MotivationalShayari, #LifeQuotes, #HindiQuotes, #ShayariStatus, #ReelsIndia, #InstagramReels, #ViralShayari, #PremiumContent, #DeepThoughts, #SoulfulWords, #Alfaaz, #UrduShayari, #LoveShayari, #BrokenHeartShayari, #AttitudeShayari, #InspirationDaily, #ShayariInHindi, #Feelings, #PoetryLovers, #WriterCommunity
    ·640 Views ·0 Reviews
  • 👉👉इश्क ठीक नहीं जवानी तक हमसफर का साथ झुरिया तक होना चाहिए 👈👈
    👉👉इश्क ठीक नहीं जवानी तक हमसफर का साथ झुरिया तक होना चाहिए 👈👈
    ·3K Views ·0 Plays ·0 Reviews
  • 🙏🙏👉सफल होने का आसान तरीका है हमेशा बार-बार प्रयास करते रहनाचहिए👈🙏🙏
    🙏🙏👉सफल होने का आसान तरीका है हमेशा बार-बार प्रयास करते रहनाचहिए👈🙏🙏
    ·2K Views ·0 Reviews
  • “अभी खामोश हैं कदम मेरे, मगर सफर जारी है,
    हर ठोकर ने सिखाया है कि जीत हमारी है।
    जो आज मेहनत में जल रहे हैं धूप की तरह,
    कल वही चमकेंगे आसमान में सितारों की तरह।”


    =============== END ===============


    #Motivation #SuccessQuotes #HindiShayari #InspirationalShayari #LifeQuotes #PositiveThoughts #MotivationalLines #HustleMindset #DreamBig #SuccessMindset #HindiQuotes #ShayariLovers #DailyMotivation #SelfGrowth #PowerfulWords #MindsetMatters #MotivationInHindi #InspirationalQuotes #Goals #HardWorkPaysOff #BelieveInYourself #PremiumContent #ViralShayari #WinnersMindset #StayInspired #QuoteOfTheDay #MotivationDaily #SuccessJourney #HindiMotivation #ShayariStatus
    “अभी खामोश हैं कदम मेरे, मगर सफर जारी है, हर ठोकर ने सिखाया है कि जीत हमारी है। जो आज मेहनत में जल रहे हैं धूप की तरह, कल वही चमकेंगे आसमान में सितारों की तरह।” =============== END =============== #Motivation #SuccessQuotes #HindiShayari #InspirationalShayari #LifeQuotes #PositiveThoughts #MotivationalLines #HustleMindset #DreamBig #SuccessMindset #HindiQuotes #ShayariLovers #DailyMotivation #SelfGrowth #PowerfulWords #MindsetMatters #MotivationInHindi #InspirationalQuotes #Goals #HardWorkPaysOff #BelieveInYourself #PremiumContent #ViralShayari #WinnersMindset #StayInspired #QuoteOfTheDay #MotivationDaily #SuccessJourney #HindiMotivation #ShayariStatus
    ·453 Views ·0 Reviews
  • एक किसान था जिसके दो बेटे थे । वह बहुत ही आलसी और निकम्मे थे, वह अपने पिता को कामकाज में हाथ बठाने के बजाए आलस किया करते थे, इधर-उधर घूमते-फिरते थे। किसान को अपने बेटों की बहुत फिकर थी, वोह सोचते थे की मेरे मरने के
    बाद इनका क्या होगा, यह अपना पेट कैसे भरेंगे, अपने परिवार को कैसे संभाल
    पायेंगे।एक दिन किसान की हालत बहुत ही गंभीर थी, कहने का मतलब, किसान मरने की हालत में था। तभी किसान ने अपने दोनों बेटो को बुलाकर उनसे कहां की, हमारे खेत में
    एक खजाना गढ़ा हुआ है, लेकिन वह किस जगह है उसकी जानकारी मुझे भी नहीं है,
    लेकिन खोदने बाद तुमे वो खजाना मिल जाएगा। इतना कहकर किसान भगवान को प्यारे हो गये।खजाने की खबर सुनकर दोनो बेटों के मन में लालच आ गया और वो दोनों खेत पर
    चले गये और खेत को खोदने लगे, खजाने के लालच में कुछ ही दिनों में पूरे
    खेत को खोदने के बाद वह घर जाकर बैठ गए और वह अपने पिता को कोसने लगे, इसी
    तरह कुछ महीने बित गए और वर्षा ऋतु का आगमन हुआ। किसान के बेटों के पास पेट भरने के लिए सिर्फ एक ही जरिया था वोह है खेती।तब बाकी किसानो की तरह किसान के बेटो ने खेत में बिज बोने शुरु कर दिए। वर्षा का पाणी पाकर वह बिज अंकुशित हुए और देखते ही देखते खेत लहराने लगे। ऐसा लग रहा था की हवा के झोके से लहरा रहा था। यह देखकर किसान के बेटे बहुत खुश हो गये, उन को समझ आ गया की परिश्रम ही
    सच्चा धन होता है और वो उसी तरह से अपने पिता के शब्दो का मोल भी समझ गये
    और अपने कामकाज में लग गये।
    एक किसान था जिसके दो बेटे थे । वह बहुत ही आलसी और निकम्मे थे, वह अपने पिता को कामकाज में हाथ बठाने के बजाए आलस किया करते थे, इधर-उधर घूमते-फिरते थे। किसान को अपने बेटों की बहुत फिकर थी, वोह सोचते थे की मेरे मरने के बाद इनका क्या होगा, यह अपना पेट कैसे भरेंगे, अपने परिवार को कैसे संभाल पायेंगे।एक दिन किसान की हालत बहुत ही गंभीर थी, कहने का मतलब, किसान मरने की हालत में था। तभी किसान ने अपने दोनों बेटो को बुलाकर उनसे कहां की, हमारे खेत में एक खजाना गढ़ा हुआ है, लेकिन वह किस जगह है उसकी जानकारी मुझे भी नहीं है, लेकिन खोदने बाद तुमे वो खजाना मिल जाएगा। इतना कहकर किसान भगवान को प्यारे हो गये।खजाने की खबर सुनकर दोनो बेटों के मन में लालच आ गया और वो दोनों खेत पर चले गये और खेत को खोदने लगे, खजाने के लालच में कुछ ही दिनों में पूरे खेत को खोदने के बाद वह घर जाकर बैठ गए और वह अपने पिता को कोसने लगे, इसी तरह कुछ महीने बित गए और वर्षा ऋतु का आगमन हुआ। किसान के बेटों के पास पेट भरने के लिए सिर्फ एक ही जरिया था वोह है खेती।तब बाकी किसानो की तरह किसान के बेटो ने खेत में बिज बोने शुरु कर दिए। वर्षा का पाणी पाकर वह बिज अंकुशित हुए और देखते ही देखते खेत लहराने लगे। ऐसा लग रहा था की हवा के झोके से लहरा रहा था। यह देखकर किसान के बेटे बहुत खुश हो गये, उन को समझ आ गया की परिश्रम ही सच्चा धन होता है और वो उसी तरह से अपने पिता के शब्दो का मोल भी समझ गये और अपने कामकाज में लग गये।
    1
    ·2K Views ·0 Reviews
  • सदियों पहले की बात है। राजा सूर्यसेन प्रतापगढ़ का राजा था। राजा की इकलौती संतान उसकी पुत्री भानुमति थी। वह अत्यंत सुंदर थी। भानुमति के विवाह योग्य होने पर राजा को पुत्री के लिए एक योग्य वर की तलाश थी। राजा एक ऐसा बुद्धिमान वर खोजना चाहता था जो उसकी पुत्री से विवाह के पश्चात उसके राज्य को भी संभाल सके। राजा ने ऐलान किया कि जो कोई भी राजकुमारी से विवाह करना चाहता है वह संसार की सबसे मूलयवान वस्तु लेकर आए। अनेक राजकुमार कई मुलयमान वस्तुएं लेकर राजा के समक्ष उपस्थित होते रहते
    थे किन्तु राजा ने सबको नकार दिया। राजा को यकीन था कि एक दिन कोई न कोई
    योग्य युवक इस शर्त को जरूर पूरा करेगा। एक दिन उसी राजा के राज्य के एक गांव के किसान के पुत्र रघु को राजा के इस शर्त के बारे में पता लगा। रघु बहुत बुद्धिमान था। उसने विवेकपूर्ण तरिके से सोचा और फिर एक दिन तीन वस्तुएं लेकर राजा के दरबार में हाजिर हो गया। राजा से अनुमति पाकर वह बोला - मैं दुनिया की तीन सबसे महत्त्वपूर्ण वस्तुएं लाया हूँ। मेरे हाथ में यह मिट्टी है जो हमें अन्न देती है, यह जल है जो अमूल्य है और इसके बिना जीवन संभव नहीं है तीसरी वस्तु पुस्तक है। पुस्तकें ज्ञान का आधार होती हैं और ज्ञान के बिना सृष्टि का संचालन असंभव है। रघु की बुद्धिमता से राजा प्रभावित हुआ और उसने भानुमति का विवाह उससे करके उसे राज्य का योग्य उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। सार यह है कि बुद्धि, विवेक और ज्ञान से कठिन से कठिन प्रश्नों का हल निकल जाता है।
    सदियों पहले की बात है। राजा सूर्यसेन प्रतापगढ़ का राजा था। राजा की इकलौती संतान उसकी पुत्री भानुमति थी। वह अत्यंत सुंदर थी। भानुमति के विवाह योग्य होने पर राजा को पुत्री के लिए एक योग्य वर की तलाश थी। राजा एक ऐसा बुद्धिमान वर खोजना चाहता था जो उसकी पुत्री से विवाह के पश्चात उसके राज्य को भी संभाल सके। राजा ने ऐलान किया कि जो कोई भी राजकुमारी से विवाह करना चाहता है वह संसार की सबसे मूलयवान वस्तु लेकर आए। अनेक राजकुमार कई मुलयमान वस्तुएं लेकर राजा के समक्ष उपस्थित होते रहते थे किन्तु राजा ने सबको नकार दिया। राजा को यकीन था कि एक दिन कोई न कोई योग्य युवक इस शर्त को जरूर पूरा करेगा। एक दिन उसी राजा के राज्य के एक गांव के किसान के पुत्र रघु को राजा के इस शर्त के बारे में पता लगा। रघु बहुत बुद्धिमान था। उसने विवेकपूर्ण तरिके से सोचा और फिर एक दिन तीन वस्तुएं लेकर राजा के दरबार में हाजिर हो गया। राजा से अनुमति पाकर वह बोला - मैं दुनिया की तीन सबसे महत्त्वपूर्ण वस्तुएं लाया हूँ। मेरे हाथ में यह मिट्टी है जो हमें अन्न देती है, यह जल है जो अमूल्य है और इसके बिना जीवन संभव नहीं है तीसरी वस्तु पुस्तक है। पुस्तकें ज्ञान का आधार होती हैं और ज्ञान के बिना सृष्टि का संचालन असंभव है। रघु की बुद्धिमता से राजा प्रभावित हुआ और उसने भानुमति का विवाह उससे करके उसे राज्य का योग्य उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। सार यह है कि बुद्धि, विवेक और ज्ञान से कठिन से कठिन प्रश्नों का हल निकल जाता है।
    ·1K Views ·0 Reviews
  • समय की बात है एक गुरु जी के 3 शिस्य थे। गुरु जी ने अपने 3 शिष्यों को एक पोटली में कुछ दाल के दाने बांधकर दिए और कहा इन तीनो दानो को अपने अनुसार उपयोग करे। और मुझसे 1 साल बाद आकर मिले। तीनो शिष्यों ने अपनी अपनी पोटली ली और चल दिए। पहले शिष्य ने पोटली खोली की उसने देखा इसमें तो मात्र चने के दाने है
    उसने वो दाने लिए और पूजा में रख लिया की ये गुरु जी हमें प्रसाद दिया है
    और रोज़ उसकी पूजा करता। दूसरे शिष्य ने देखा इसमें चने के दाने हैं तो उसने उसकी दाल बनायीं और उसने दाल खुद खायी और और उसने अपने परिवार को खिला ली। उधर तीसरे शिष्य ने देखा और सोचा की गुरु जी ने ये दाल के दाने दिए है
    तो इसमें कुछ रहस्य होगा उसने वो दाने जमीन में गाड़ दिए जिससे 1 साल में
    बहुत खेत हो गया की और उसमे खूब दाल लगी जिससे जो भी आता तो उसे खूब दाल
    रोटी खिलाते। 1 साल बाद तीनो शिष्य गुरु जी के पास आये। और तीनो ने एक एक कर गुरु जी को बताया की क्या क्या उन्होंने किया उस पोटली के साथ। गुरु जी ने बताया की की मैंने एक जैसा ज्ञान दिया है सब को पर सब ने अपनी श्रद्धा के अनुसार ज्ञान को उठाया। यही सब हमारे साथ भी होता है एक क्लास में टीचर सब बच्चो को एक साथ
    पढ़ाते हैं एक जैसा पढ़ते हैं पर कोई बच्चा टॉप करता है कोई फ़ैल हो जाता है । हम अपनी बुद्धि को कितना स्थिर करते हैं , कैसे अपने दिमाग को उपयोग करते हैं यही हमरे जीवन की दिशा को निश्चित करता है। इसलिए हमेशा सीखने की जिज्ञासा रखे , सीखते चले और जीवन को अच्छा बनाये।
    समय की बात है एक गुरु जी के 3 शिस्य थे। गुरु जी ने अपने 3 शिष्यों को एक पोटली में कुछ दाल के दाने बांधकर दिए और कहा इन तीनो दानो को अपने अनुसार उपयोग करे। और मुझसे 1 साल बाद आकर मिले। तीनो शिष्यों ने अपनी अपनी पोटली ली और चल दिए। पहले शिष्य ने पोटली खोली की उसने देखा इसमें तो मात्र चने के दाने है उसने वो दाने लिए और पूजा में रख लिया की ये गुरु जी हमें प्रसाद दिया है और रोज़ उसकी पूजा करता। दूसरे शिष्य ने देखा इसमें चने के दाने हैं तो उसने उसकी दाल बनायीं और उसने दाल खुद खायी और और उसने अपने परिवार को खिला ली। उधर तीसरे शिष्य ने देखा और सोचा की गुरु जी ने ये दाल के दाने दिए है तो इसमें कुछ रहस्य होगा उसने वो दाने जमीन में गाड़ दिए जिससे 1 साल में बहुत खेत हो गया की और उसमे खूब दाल लगी जिससे जो भी आता तो उसे खूब दाल रोटी खिलाते। 1 साल बाद तीनो शिष्य गुरु जी के पास आये। और तीनो ने एक एक कर गुरु जी को बताया की क्या क्या उन्होंने किया उस पोटली के साथ। गुरु जी ने बताया की की मैंने एक जैसा ज्ञान दिया है सब को पर सब ने अपनी श्रद्धा के अनुसार ज्ञान को उठाया। यही सब हमारे साथ भी होता है एक क्लास में टीचर सब बच्चो को एक साथ पढ़ाते हैं एक जैसा पढ़ते हैं पर कोई बच्चा टॉप करता है कोई फ़ैल हो जाता है । हम अपनी बुद्धि को कितना स्थिर करते हैं , कैसे अपने दिमाग को उपयोग करते हैं यही हमरे जीवन की दिशा को निश्चित करता है। इसलिए हमेशा सीखने की जिज्ञासा रखे , सीखते चले और जीवन को अच्छा बनाये।
    ·679 Views ·0 Reviews
  • गुन बस में बैठी खिड़की से बाहर के नजारों का आनंद ले रही थी। रास्ते के स्टॉपेज से एक किशोरवय लड़का दो भारी बैग लेकर चढ़ा में बहुत भीड़ थी। सामान रखने की जगह में बैग फिट नहीं हो पा रहे थे। खड़े यात्री भी उस लड़के को घूर रहे थे। लड़का परेशान-सा इधर-उधर देख रहा था। शगुन को उस लड़के पे तरस आ गया और उसने उस लड़के को इशारा किया की एक बैग उसे पकड़ा दे। उसने बैग शगुन को पकड़ा दिया।
    एक घंटे बाद उस लड़के का स्टॉपेज आ गया। एक घंटे बाद उस लड़के का स्टॉपेज आ गया।
    शगुन ने उसको बैग पकड़ाया तो उसने मुस्कराते हुए कहा, थैंक यू आंटी।
    क्या जरूरत थी आपको उसका बैग रखने की। घुटने भी दुखने लगे होंगे। शगुन के साथ बैठी महिला ने कहा। नहीं। ..कोयु दर्द नहीं है। शगुन ने मुस्कुराते हुए संक्षिप्त-सा जबाब दिया। अगर बैग में कोई गैरकानूनी सामान होता तो आप फंस सकती थी महिला ने शंका जताई। हु ..बात में दम तो है पर अगर उस लड़के के नजरियों से सोचें तो उसके मन
    में भी तो डर होगा ना उसके बैग से कुछ चोरी होने का शगुन ने प्रश्नात्मक
    लहजे में कहा। पर देखिए ना उसने मुझ पर विश्वास दिखाया। यही तो दिक्क्त है हमारी कि हम समाज की बुराइयों की बात तो बहुत करते हैं और सोचते है उन बुराइयों का सुधर कोई और करेगा। हम अक्सर इन किशोरों में बुराइयां ढूंढते रहते हैं। अरे अगर हम इन्हें सुखद अनुभव देंगे तो ये भी हमे सुखद अनुभव लौटाएंगे। शगुन ने आत्मविश्वास से कहा। जो आपके साथ बैठकर मुझे भी सुखद अनुभव मिला कह कर वह महिला मुस्कराई। बदले में शगुन भी मुस्कराई।
    गुन बस में बैठी खिड़की से बाहर के नजारों का आनंद ले रही थी। रास्ते के स्टॉपेज से एक किशोरवय लड़का दो भारी बैग लेकर चढ़ा में बहुत भीड़ थी। सामान रखने की जगह में बैग फिट नहीं हो पा रहे थे। खड़े यात्री भी उस लड़के को घूर रहे थे। लड़का परेशान-सा इधर-उधर देख रहा था। शगुन को उस लड़के पे तरस आ गया और उसने उस लड़के को इशारा किया की एक बैग उसे पकड़ा दे। उसने बैग शगुन को पकड़ा दिया। एक घंटे बाद उस लड़के का स्टॉपेज आ गया। एक घंटे बाद उस लड़के का स्टॉपेज आ गया। शगुन ने उसको बैग पकड़ाया तो उसने मुस्कराते हुए कहा, थैंक यू आंटी। क्या जरूरत थी आपको उसका बैग रखने की। घुटने भी दुखने लगे होंगे। शगुन के साथ बैठी महिला ने कहा। नहीं। ..कोयु दर्द नहीं है। शगुन ने मुस्कुराते हुए संक्षिप्त-सा जबाब दिया। अगर बैग में कोई गैरकानूनी सामान होता तो आप फंस सकती थी महिला ने शंका जताई। हु ..बात में दम तो है पर अगर उस लड़के के नजरियों से सोचें तो उसके मन में भी तो डर होगा ना उसके बैग से कुछ चोरी होने का शगुन ने प्रश्नात्मक लहजे में कहा। पर देखिए ना उसने मुझ पर विश्वास दिखाया। यही तो दिक्क्त है हमारी कि हम समाज की बुराइयों की बात तो बहुत करते हैं और सोचते है उन बुराइयों का सुधर कोई और करेगा। हम अक्सर इन किशोरों में बुराइयां ढूंढते रहते हैं। अरे अगर हम इन्हें सुखद अनुभव देंगे तो ये भी हमे सुखद अनुभव लौटाएंगे। शगुन ने आत्मविश्वास से कहा। जो आपके साथ बैठकर मुझे भी सुखद अनुभव मिला कह कर वह महिला मुस्कराई। बदले में शगुन भी मुस्कराई।
    ·631 Views ·0 Reviews
  • दो परिवार एक दूसरे के पड़ोस में ही रहते थे।
    एक परिवार हर वक्त लड़ता था जबकि दूसरा परिवार शांति से और मैत्रीपूर्ण रहता था।
    एक दिन, झगड़ालू परिवार की पत्नी ने शांत पडोसी परिवार से ईर्ष्या महसूस
    करते हुए अपने पति से कहा, “अपने पडोसी के वहा जाओ और देखो की इतने अच्छे
    तरीके से रहने के लिए वो क्या करते हैं।”
    पति वहा गया, और छुप के चुपचाप देखने लगा।
    उसने देखा कि एक औरत फर्श पर पोछा लगा रही हैं। अचानक किचन से कुछ आवाज आने पर वो किचन में चली गई। तभी उसका पति एक रूम कि तरफ भागा। उसका ध्यान नहीं रहने के कारण फर्श पर रखी बाल्टी से ठोकर लगाने के कारण बाल्टी का सारा पानी फर्श पर फेल गया। उसकी पत्नी किचन से वापिस आयी और अपने पति से बोली, “आई एम सॉरी,
    डार्लिंग। यह मेरी गलती थी कि मेने रास्ते से बाल्टी को नहीं हटाया।” पति ने जवाब दिया, ” नहीं डार्लिंग, आई एम सॉरी। क्योकि मेने इस पर ध्यान नहीं दिया।” झगड़ालू परिवार का पति जो छुपा हुआ था वापस घर लोट आया। तो उसकी पत्नी ने पडोसी की खुशहाली का राज पूछा।
    पति ने जवाब दिया, “उनमे और हम में बस यही अंतर हैं कि हम हमेशा खुद सही होने कि कोशिश करते हैं । एक दूर को गलती के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं। जबकि वो हर चीज़ के लिए
    खुद जिम्मेदार बनते हैं और अपनी गलती मानने के लिए तैयार रहते हैं।” बिन बात का कलह को मूल अहंकार ही होता है
    दो परिवार एक दूसरे के पड़ोस में ही रहते थे। एक परिवार हर वक्त लड़ता था जबकि दूसरा परिवार शांति से और मैत्रीपूर्ण रहता था। एक दिन, झगड़ालू परिवार की पत्नी ने शांत पडोसी परिवार से ईर्ष्या महसूस करते हुए अपने पति से कहा, “अपने पडोसी के वहा जाओ और देखो की इतने अच्छे तरीके से रहने के लिए वो क्या करते हैं।” पति वहा गया, और छुप के चुपचाप देखने लगा। उसने देखा कि एक औरत फर्श पर पोछा लगा रही हैं। अचानक किचन से कुछ आवाज आने पर वो किचन में चली गई। तभी उसका पति एक रूम कि तरफ भागा। उसका ध्यान नहीं रहने के कारण फर्श पर रखी बाल्टी से ठोकर लगाने के कारण बाल्टी का सारा पानी फर्श पर फेल गया। उसकी पत्नी किचन से वापिस आयी और अपने पति से बोली, “आई एम सॉरी, डार्लिंग। यह मेरी गलती थी कि मेने रास्ते से बाल्टी को नहीं हटाया।” पति ने जवाब दिया, ” नहीं डार्लिंग, आई एम सॉरी। क्योकि मेने इस पर ध्यान नहीं दिया।” झगड़ालू परिवार का पति जो छुपा हुआ था वापस घर लोट आया। तो उसकी पत्नी ने पडोसी की खुशहाली का राज पूछा। पति ने जवाब दिया, “उनमे और हम में बस यही अंतर हैं कि हम हमेशा खुद सही होने कि कोशिश करते हैं । एक दूर को गलती के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं। जबकि वो हर चीज़ के लिए खुद जिम्मेदार बनते हैं और अपनी गलती मानने के लिए तैयार रहते हैं।” बिन बात का कलह को मूल अहंकार ही होता है
    ·543 Views ·0 Reviews
  • अक्सर हम सामने वाले से कर्तव्य या जिम्मेदारी की उम्मीदें करते हैं। क्या उसी जिम्मेदारी और कर्तव्य का पालन खुद करते हैं ?
    मुझे इंग्लिश ऑनर्स की परीक्षा के लिए मधुबनी सेंटर मिला था। मैं परीक्षा देने के लिए अपनी चचेरी बहन गुड़ी के यहाँ रुकी थी।
    मैं अपनी पढ़ाई कर रही थी, तभी मैंने सुना गुड़ी अपनी कामवाली बाई को सुना रही थी, देख सोफे पर कितनी धूल जमी है,


    उधर टेबल के नीचे कितना कचरा पड़ा है, कांच पर कितने दाग लगे हैं, कैसी सफाई करती है। घर को अपना समझकर काम किया कर। अगले दिन बाई नहीं आयी, तो गुड़ी बोली कि कल आएगी, तो सफाई कर लेगी। दूसरे दिन मालूम पड़ा कि बाई आज भी नहीं, कल आएगी तो गुड़ी ने बस सामने-सामने से यूँ ही झाड़ू मार दी कि मैं क्यों करूं। कल बाई आएगी तो सब अच्छे से करेंगी ही न। वह क्या करेगी नहीं तो आकर !
    मैं सोच में पड़ गई कि घर किसका है, बहन का या बाई का ? सफाई की जिम्मेदारी ज्यादा किसकी है ? बहन अपने घर को किसका समझ रही है ?
    अक्सर हम सामने वाले से कर्तव्य या जिम्मेदारी की उम्मीदें करते हैं। क्या उसी जिम्मेदारी और कर्तव्य का पालन खुद करते हैं ? मुझे इंग्लिश ऑनर्स की परीक्षा के लिए मधुबनी सेंटर मिला था। मैं परीक्षा देने के लिए अपनी चचेरी बहन गुड़ी के यहाँ रुकी थी। मैं अपनी पढ़ाई कर रही थी, तभी मैंने सुना गुड़ी अपनी कामवाली बाई को सुना रही थी, देख सोफे पर कितनी धूल जमी है, उधर टेबल के नीचे कितना कचरा पड़ा है, कांच पर कितने दाग लगे हैं, कैसी सफाई करती है। घर को अपना समझकर काम किया कर। अगले दिन बाई नहीं आयी, तो गुड़ी बोली कि कल आएगी, तो सफाई कर लेगी। दूसरे दिन मालूम पड़ा कि बाई आज भी नहीं, कल आएगी तो गुड़ी ने बस सामने-सामने से यूँ ही झाड़ू मार दी कि मैं क्यों करूं। कल बाई आएगी तो सब अच्छे से करेंगी ही न। वह क्या करेगी नहीं तो आकर ! मैं सोच में पड़ गई कि घर किसका है, बहन का या बाई का ? सफाई की जिम्मेदारी ज्यादा किसकी है ? बहन अपने घर को किसका समझ रही है ?
    ·496 Views ·0 Reviews
More Results
Talkfever - Growing worldwide https://talkfever.com/